रोइंग 

Photo by Paul Gilham/Getty Images
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रोइंग ही एक ऐसा खेल है जहां ताकत और सहनशक्ति के शानदार प्रदर्शन के बाद फिनिश लाइन को पीछे से पार करना होता है।

टोक्यो 2020 प्रतियोगिता एनीमेशन "एक मिनट, एक स्पोर्ट"

हम आपको एक मिनट में रोइंग के नियम और हाइलाइट दिखाएंगे। चाहे आप रोइंग से परिचित हों या इसके बारे में और अधिक जानना चाहते हों, "एक मिनट, एक स्पोर्ट" खेल की व्याख्या करता है। नीचे वीडियो में देखें कि ये कैसे काम करता है..

वन मिनट, वन स्पोर्ट | रोइंग
01:23

अवलोकन

रोइंग में 2,000-मीटर स्ट्रेट-लाइन पर पतवार की सहायता से एक नाव को चलाना होता है। कैनोइंग में जहां एथलीट अपने आगे की ओर नाव को ले जाते हैं वहीं रोइंग में रोवर्स अपनी पीठ की ओर नाव चलाते हैं। रोवर्स अपने पैरों को नाव पर सावधानी से रखते हैं जिससे पतवार खींचते समय उनकी नाव आगे बढ़े ना कि उनकी सीट।

हालांकि रोइंग का इतिहास सदियों पहले से है, लेकिन खेलों में एक प्रतिस्पर्धा के रूप में इसका विकाश सिर्फ 200 साल पहले हुआ। इसकी दिलचस्पी तब बढ़ी थी जब 1829 में लंदन के टेम्स नदी में ऑक्सफोर्ड और कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय ने बोट रेस की प्रतियोगिता की थी, जो आज भी हर साल बोट रेस के रुप में खेला जाता है। 1896 के खेलों को खराब मौसम के कारण रद्द कीए जाने के बाद, पेरिस में हुए 1900 ओलंपिक कार्यक्रम से अब तक रोइंग प्रत्येक ओलंपिक का हिस्सा रहा है। मॉन्ट्रियल 1976 के ओलंपिक खेलों में महिलाओं के इवेंट का आगाज़ हुआ था। रोइंग को खास तौर पर स्कैलिंग और स्वीप इवेंट में बांटा गया है। स्कैलिंग में प्रत्येक हाथ में एक पतवार पकड़नी होती है, जबकि स्वीप इवेंट में दोनों हाथों से एक ही पतवार को पकड़ा जाता है।

स्कैलिंग इवेंट में एकल, डबल और चार स्कल्स होते हैं, जबकि स्वीप इवेंट में डबल, चार और आठ खिलाड़ी एक नाव को चलाते हैं। जिस स्पर्धा में आठ रोवर्स नाव चलाते हैं उसमें कॉक्सवैन ( एक तरह का कप्तान होता है जो अपनी टीम को निर्देशित करता है) होता है, जबकि अन्य दो इवेंट्स कॉक्सलेस होती हैं। महिलाओं और पुरुषों के लिए एक-एक लाइटवेट प्रतिस्पर्धा होती है। पुरुषों की लाइटवेट कटेगरी में चालक दल का औसत वजन 70 किलोग्राम या उससे कम होना चाहिए और कोई भी रोवर 72.5 किलोग्राम से अधिक वजन का न हो, महिलाओं के लिए अधिकतम औसत वजन 57 किग्रा होता है और कोई भी खिलाड़ी 59 किग्रा से अधिक वजन की नहीं होनी चाहिए। टोक्यो 2020 ओलंपिक रेगाटा में सात पुरुष और सात महिलाओं के इवेंट होंगे।

कार्यक्रम

  • सिंगल स्कल्स (1x) (पुरुष/महिला)
    जोड़ी (2-) (पुरुष/महिला)
    डबल स्कल्स (2x) (पुरुष/महिला)
    चार (4-) (पुरुष/महिला)
    चौगुना स्कल्स (4x) (पुरुष/महिला)
    आठ (8+) (पुरुष/महिला)
    लाइटवेट डबल स्कल्स (2x) (पुरुष/महिला)

खेल का सार

शुरू से अंत तक अथक प्रयास

योग्यता और शारीरिक फिटनेस के साथ-साथ तकनीक और टीम वर्क, स्ट्रोक में अधिकतम गति और दूरी हासिल करने में सफलता दिलाती है। एक रोवर या टीम को अपनी रेस के दौरान उतनी ताकत झोंक देनी चाहिए जिसमे में ये सुनिश्चित हो जाए की समय के दौरान ही रेस पूरी हो जाएगी। आठ दौड़ में कॉक्सवैन एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, नाव को चलाने के साथ साथ प्रतिद्वंद्वी नौकाओं की रणनीति को परखना और अंतिम स्पार्ट के लिए तैयार होने के लिए अपने चालक दल को निर्देश देना जैसी महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

एक आउटडोर खेल होने के नाते, मौसम का मिज़ाज और पानी की स्थिति ऐसे फैक्टर बन जाते हैं कि रोवर्स को सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ता है। ऊंची लहरों या तेज हवाओं के कारण असुरक्षित या अनुचित स्थिति में अधिकारियों को उस दिन की रोइंग को स्थगित करना पड़ सकता है और जब स्थिति अधिक अनुकूल होती है तब दोबारा खेल शुरू किया जाता है। विश्व रोइंग चैंपियनशिप में प्रदर्शन के आधार पर क्वालिफिकेशन होती है और इस बार की ओलंपिक्स के लिए कॉन्टिनेंटल क्वालिफिकेशन रेगातों के प्रदर्शन पर आधारित है। सभी इवेंट्स में एक रेपचेज राउंड होता है – ये ऐसा राउंड होता है जो क्वार्टर फाइनल, सेमीफाइनल या फाइनल के लिए क्वालिफाई करने का दूसरा मौका देता है।

टोक्यो 2020 खेलों के लिए आउटलुक

गहराई में मजबूती

न्यूज़ीलैंड, ग्रेट ब्रिटेन और जर्मनी प्रमुख ओलंपिक रोइंग देश हैं, जबकि ऑस्ट्रेलिया और USA शुरूआत से ही मजबूत माने जाते हैं। रियो 2016 के खेलों में जर्मनी ने पुरुषों और महिलाओं के चौगुने स्कल्स के स्वर्ण पदक पर कब्जा किया, इस दौरान उनकी पुरुष टीम ने लगातार दूसरी बार गोल्ड जीता, साथ ही पुरुषों की आठ रोवर्स वाली टीम ने सिल्वर पर कब्जा किया। कुछ देशों का किसी किसी इवेंट में अलग ही बोलबाला है। जैसे- ग्रेट ब्रिटेन ने सिडनी 2000 के बाद से लगातार पांच बार पुरुषों के कॉक्सलेस को जीता है, जबकि रियो 2016 की रनर-अप ऑस्ट्रेलिया ने लगातार तीसरी बार रजत पदक जीता।

पुरुषों की आठ सदस्य वाली ब्ल्यू रिबांड में मुकाबला हमेशा अमेरिका, कनाडा, जर्मनी और ग्रेट ब्रिटेन के बीच ही रहता है। इन चारों टीमों ने पीछले चार खेलों में एक एक गोल्ड जीता है, जिससे ये पता चलता है कि इस मुकाबले में दोबारा गोल्ड जीतना कितना मुश्किल है। महिलाओं की रोइंग में, ग्रेट ब्रिटेन की टीम जर्मनी से अधिक मजबूत रही है, रियो 2016 में कॉक्सलेस जोड़ी में स्वर्ण और आठ और डबल स्कल्स में रजत पदल अपने नाम किया। लंदन 2012 में ग्रेट ब्रिटेन ने तीन स्वर्ण पदक जीते थे। इस खेल में उभरते देशों में दक्षिण अफ्रीका और चीन शामिल हैं, दोनों ने हाल के वर्षों में तेजी से अपना दमदार प्रदर्शन दिखाया है।

Trivia