Photo by Sam Greenwood/Getty Images
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आधुनिक पेंटाथलॉन के संस्थापक Barron Pierre de Coubertin थे, जिन्होंने ऐसे खेल की खोज की जिसमें एक साथ कई सारे खेल देखने को मिलते हैं।

अवलोकन

19वीं शताब्दी की एक कहानी के अनुसार, एक फ्रांसीसी सेना के अधिकारी को संदेश देने के लिए घोड़े पर भेजा गया था। अपने मिशन को पूरा करने के लिए, उसे तलवार चलाना, गोली मारना, तैरना और दौड़ना पड़ा था। यही वो पांच विधाएं हैं जो प्रतियोगियों को आधुनिक पेंटाथलॉन में करना होता है, वो भी एक ही दिन में। Baron de Coubertin प्राचीन ओलंपिक खेलों में आयोजित पेंटाथलॉन के प्रशंसक थे, जो उस समय एक सैनिक द्वारा आवश्यक कौशल पर आधारित था। De Coubertin को विश्वास था कि ये खेल खिलाड़ी के नैतिक गुणों के साथ उसके शाररिक क्षमता और कौशल का परीक्षण करेगा, जिससे एक आदर्श एथलीट बनता है।

आधुनिक पेंटाथलॉन को पहली बार स्टॉकहोम 1912 खेलों में आयोजित किया गया था, सिडनी 2000 में महिलाओं की प्रतियोगिता शुरू की गई। पहले सारी विधाएं चार या पांच दिन में होते थे लेकिन अटलांटा 1996 के बाद से सभी विधाएं एक ही दिन आयोजित की जाने लगीं। शुक्र है इस बदलाव का जिससे आधुनिक पेंटाथलॉन डिमांडिंग खेल बन गया है, जो एथलीटों को उनकी क्षमता को प्रदर्शित करता है। इस खेल में वहीं सफल हो सकता है जो पांचों विधाओं में असाधारण शारीरिक शक्ति और मानसिक संतुलन के साथ अपनी कला को दिखाता है। यूनियन इंटरनेशनल डी पेंटाथलॉन मॉडर्न (UIPM) की स्थापना 1948 में हुई थी और अब दुनिया भर में इसके 120 से अधिक सदस्य देश हैं।

वन मिनट, वन स्पोर्ट | मॉडर्न पेंटाथलॉन
01:18

कार्यक्रम

  • व्यक्तिगत प्रतियोगिता (पुरुष/महिला)
रियो डी जनेरियो, ब्राजील - अगस्त 19: पोलैंड (एल) के Anna Maliszewska और ब्राजील के Yane Marcia Marques ने रियो ओलंपिक 2016 के Deodoro Stadium में 19 अगस्त 2016 को रियो ओलंपिक 2016 के महिला दिवस पर महिला फ़ेंसिंग मॉडर्न पेंटाथलॉन के दौरान प्रतिस्पर्धा की। (Rob Carr / गेटी इमेज द्वारा फोटो)
रियो डी जनेरियो, ब्राजील - अगस्त 19: पोलैंड (एल) के Anna Maliszewska और ब्राजील के Yane Marcia Marques ने रियो ओलंपिक 2016 के Deodoro Stadium में 19 अगस्त 2016 को रियो ओलंपिक 2016 के महिला दिवस पर महिला फ़ेंसिंग मॉडर्न पेंटाथलॉन के दौरान प्रतिस्पर्धा की। (Rob Carr / गेटी इमेज द्वारा फोटो)
2016 Getty Images

खेल का सार

एक अनोखे प्रतियोगिता का प्रारूप

प्रतियोगी पहले तीन स्पर्धाओं में स्कोर बनाते हैं, जिससे उनकी लेजर रन इवेंट के लिए शुरुआती स्थिति तय होता है, इसमें शूटिंग और रनिंग विधाएं शामिल होती है। जो एथलीट सबसे पहले रेखा को पार करता है वो गोल्ड का हकदार होता है।

• फेंसिंग रैंकिंग राउंड
Ape प्रारूप में सभी एथलीट प्रतिस्पर्धा करते हैं। ये प्रतियोगिता एक मिनट का राउंड-रॉबिन मुकाबला होता है, जिसमें सबसे सफल एथलीट सबसे अधिक अंक जीतते हैं। छोटे और क्विक मुकाबलों में पूरी एकाग्रता और विभिन्न विरोधियों से निपटने के लिए अनुकूलन क्षमता की जरुरत होती है।

• तैराकी
200 मीटर की फ्रीस्टाइल इवेंट में एथलीट की शक्ति और धीरज की परीक्षा होती है। प्रतियोगी अपने सबसे तेज़ समय के अनुसार हीट्स में लगते हैं और उनके फिनिशिंग टाइम के के आधार पर अंक दिए जाते हैं।

• फेंसिंग का बोनस राउंड
फेंसिंग बोनस राउंड की शुरुआती सूची फेंसिंग रैंकिंग राउंड के परिणाम पर आधारित होती है। इस प्रारूप में हारने पर पैंटाथलिट के अंक नहीं कटते, बल्कि प्रत्येक जीत पर रैंकिंग राउंड से अर्जित किए गए अंक में एक अंक और जोड़ दिया जाता है।

• घुड़सवारी
इस स्पर्धा में एथलीटों को अनजान घोड़े पर घुड़सवारी करते हुए निर्धारित समय के भीतर जंपिंग कोर्स पर एक शो करना होता है। जो सिर्फ घुड़सवारी की प्रतियोगित होती है उसमें घोड़े और घुड़सवार एक साथ सालों तक अभ्यास करते हैं, जबकि आधुनिक पेंटाथलॉन की प्रतिस्पर्धा के लिए सिर्फ 20 मिनट पहले प्रतियोगियों को उनके घोड़े दिए जाते हैं। विश्व में खेले जाने वाले सभी खेलों में इस स्पर्धा की चुनौती सबसे अनोखी होती है। यही कारण है कि आधुनिक पेंटाथलॉन ने अपनी अलग पहचान बनाई है ।

• लेज़र-र
पहले की तीन विधाओं में हासिल किए गए अंकों के आधार एथलीट्स को परियता दी जाती है, सबसे अधिक अंक हासिल करने वाला पैटाथलीट सबसे आगे होता है। एक अंक एक सेकंड के लाभ के बराबर होता है। इस अंतिम संयुक्त इवेंट में एथलीटों को 800 मीटर की दौड़ पूरी करने के बाद लेजर पिस्तौल का उपयोग करके, 50 सेकंड के भीतर, 10 मीटर की दूरी से चार सर्किट वाले टारगेट को पांच बार शूट करना होता है। इस स्पर्धा में एथलीट को अच्छी गति बनाए रखने की जरुरत होती है, क्योकि इसके बाद धैर्यतापुर्वक और सावधानी से टारगेट को शूट करना होता है। स्पर्धाओं के बीच होने वाली बदलाव आकर्षण का केंद्र होती है, अक्सर इस खेल का पदक अंतिम समय में ही तय होती है। .

रियो डी जनेरियो, ब्राजील - अगस्त 20: रियो डी जनेरियो, ब्राजील में 20 अगस्त, 2016 को Deodoro Stadium में रियो 2016 ओलंपिक खेलों के 15 वें दिन आधुनिक पेंटाथलॉन के शो-जंपिंग राउंड के दौरान रूस के Alexander Lesun. (David Rogers / गेटी इमेज द्वारा फोटो)
रियो डी जनेरियो, ब्राजील - अगस्त 20: रियो डी जनेरियो, ब्राजील में 20 अगस्त, 2016 को Deodoro Stadium में रियो 2016 ओलंपिक खेलों के 15 वें दिन आधुनिक पेंटाथलॉन के शो-जंपिंग राउंड के दौरान रूस के Alexander Lesun. (David Rogers / गेटी इमेज द्वारा फोटो)
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टोक्यो 2020 खेलों के लिए आउटलुक

पश्चिमी देशों का प्रभुत

Hungary और Sweden के साथ पश्चिमी और पूर्वी यूरोप के देशों ने ओलंपिक आधुनिक पेंटाथलॉन में अपना प्रभुत्व जमाया है। स्टॉकहोम 1912 और लॉस एंजेलिस 1932 खेलों तक, स्वीडिश एथलीटों ने 15 में से 13 पदक जीते। 

हाल के वर्षों में पदक विजेता देशों और महाद्वीपों में बड़ा इज़ाफा हुआ है। 6 अलग-अलग टीमों ने लंदन 2012 और रियो 2016 में पुरुषों और महिलाओं की प्रतियोगिताओं में पोडियम पर प्रतिनिधित्व किया गया था, जिसमें पदक एशिया, दक्षिण अमेरिका और ओशिनिया के खाते में गया। बाद के खेलों में, रूस के Alexander Lesson और ऑस्ट्रेलिया के Chloe Esposito ने स्वर्ण पदक जीते। ग्रेट ब्रिटेन की महिला पेंटाथलिट्स ने एक मेडल अपने नाम किया था।  

यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या यही ट्रेंड टोक्यो 2020 में भी जारी रहेगा या इस खेल में अपना लोहा मनवाने वाले देश फिर से वापसी करेंगे।

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