कलात्मक तैराकी (आर्टिस्टिक स्वीमिंग) ओलंपिक में महिला तैराकों द्वारा खेले जाने वाला एक खेल है, जिसमें तकनीकी पूर्णता, समकालन, कोरियोग्राफी, कलात्मकता और अभिव्यंजक शक्ति शामिल होती है।

टोक्यो 2020 प्रतियोगिता एनीमेशन "एक मिनट, एक स्पोर्ट"

हम आपको एक मिनट में कलात्मक तैराकी के नियम और हाइलाइट दिखाएंगे। चाहे आप कलात्मक तैराकी से परिचित हों या इसके बारे में अधिक जानना चाहते हैं, "एक मिनट, एक स्पोर्ट" खेल को समझाता है और यह कैसे काम करता है। नीचे वीडियो देखें

वन मिनट, वन स्पोर्ट | आर्टिस्टिक स्वीमिंग
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अवलोकन

कम से कम 3 मीटर गहरे, 20 मीटर चौड़े और 25 मीटर लंबे पूल हर एक टीम में अपना तकनीकी दिनचर्या पूरी करती है जिसमें अधिकतम 2 मिनट 50 सेकंड वाले पांच प्रोग्राम का एक सेट शामिल होता है, इसके साथ ही रुटीन दिनचर्या में 3 से 4 मिनट का एक प्रोग्राम भी शामिल होता है। इन आयोजनों को संगीत पर परफॉर्म करना होता है। सभी के प्रदर्शन के बाद टीमों को सिंक्रनाइज़ेशन, तकनीकी और कोरियोग्राफी के आधार पर स्कोर दिया जाता है।

सभी एथलीट वाटर प्रूफ और बेहतरीन डिजाइनिंग के स्विमिंग सूट पहनते हैं। टीमें अपना खुद का संगीत और नृत्य कला चुनती हैं, जो उनके लिए बेहद जरुरी है और वो अपने आपमें उनको खास बनाता है।

कार्यक्रम का कार्यक्रम

  • ·युगल - (महिला)
  • टीम - (महिला)

खेल का सार

कलात्मक और एथलेटिक्स का मिश्रण

आर्टिस्टिक स्विमिंग 1984 में लॉस एंजिल्स गेम्स में एक पूर्ण ओलंपिक खेल बन गया। तब से खेल के नियमों में कई बार बदलाव किए गए। शुरूआत में इस खेल में दो कार्यक्रम शामिल थे, जिसमें एकल (एक) और युगल (दो)। पूरी टीम (8 एथलीट) वाली प्रतियोगिता का आयोजन 1996 अटलांटा गेम्स में हुआ था जिसके बाद युगल प्रतियोगिता ने सिडनी 2000 में फिर से वापसी की। जिसमें युगल और टीम प्रतियोगिताओं को शामिल किया गया।

बता दें कि प्रदर्शन के स्कोर के लिए तीन पैनल बनाए जाते हैं और हर एक पैनल में पांच जज होते हैं। इनमें से जजों का एक पैनल एथलीटों के तकनीकी प्रतियोगिता पर स्कोर करता है और दूसरा पैनल संगीत और नृत्य कला सहित बाकी परफार्मेंस के आधार पर स्कोर करता है। जजों का तीसरा पैनल सभी नामित प्रोग्रामों का स्कोर करता है।

फ्री रुटीन परफॉर्मेंस के लिए ज्यादा समय दिया जाता है जिसमें कोरियोग्राफी के मामले में ज्यादा आजादी मिलती है। रुटीन परफार्मेंस में उच्च गुणवत्ता वाली कलात्मक शक्ति दिखानी होती है, जो टेक्निकल रूटीन वाली परफॉर्मेंस से ज्यादा कठिन है।

प्रतियोगी स्कलिंग तकनीकी का उपयोग करते हैं, जिससे वे पानी में रुकने या चलने के लिए अपने हाथों का सहारा लेते हैं और एक अंडाकार किक की तरह अपने पैरों से खुद को पानी से निकालने के लिए कोशिश करते हैं। प्रतियोगी उस एक पल में प्रभावशाली शक्ति विकसित करते हैं, जिससे पानी के ऊपर अपने कमर को नियंत्रित कर सकें। वहीं, प्रतियोगी इस दौरान एक और तकनीकी का इस्तेमाल करते हैं, जिससे वे पानी के नीचे की ओर मुड़ने में खुद को सक्षम बना सके ताकि उनके शरीर का आधा हिस्सा पानी के ऊपर दिखाई दे।

एथलीटों के लिए एक प्रमुख आवश्यकता चालों को निष्पादित करने में सक्षम होना है, तब जब उनका सिर तय समय में पानी के अंदर होता है। कुछ एथलीट अपनी सांस रोकने के दौरान 30 सेकेंड से ज्यादा समय लेकर टेक्निक का इस्तेमाल कर सकते हैं।

अगर एथलीट तैराकी के दौरान सिंक्रनाइजेशन को विस्तृत रूप से शामिल नहीं करते हैं तो उनका प्रदर्शन तकनीकी रूप से मुश्किल हो जाता है, जिससे उनके स्कोर परिणाम में गिरावट हो सकती है। हालांकि इस बात पर भी बारीकी से ध्यान दिया जा रहा है कि भविष्य में हाथ और पैर की उंगलियों की विस्तारित स्थिति और सिंक्रनाइजेशन तत्व और भी महत्वपर्ण बन जाएंगे।

टोक्यो 2020 खेलों के लिए आउटलुक

एक ऐसा अनुशासन जो कभी भी विकसित किया जा सके

19वीं और 20वीं शताब्दी के अंत में कलात्मक तैराकी एक ऐसे नक्काशी के रूप में ऊभरी जो तैरने वाले पानी के बीच में लोगों को दिखाती है। पहली प्रतियोगिता पुरुषों के लिए थी लेकिन 1907 में न्यूयॉर्क के हिप्पो ड्रोम में एक ग्लास टैंक में ऑस्ट्रेलियाई Annette Kellerman द्वारा प्रदर्शन किया गया। जिसके बाद कलात्मक तैराकी महिलाओं के साथ ज्यादा जोड़कर देखे जाने लगी।

जब पहली बार 1984 में लॉस एंजिल्स में खेलों का मंचन किया गया तो इसमें कम तकनीकी शामिल किए गए थे। इसमें ज्यादातर प्रोग्राम को आकर्षक करने के लिए डिजाइन की गई कोरियोग्राफी पर ज्यादा जोर दिया गया था, जो सिडनी 2000 तक शामिल थे। इसके बाद खेलों में डायनमिक लिफ्ट्स और जंप जैसी चीजों को शामिल किया गया। जिसके बाद खेलों में एक नया परिवर्तन देखने को मिला जो सभी के लिए आकर्षक का केन्द्र बन गया।

खेल के दौरान प्रदर्शन के हर पहलू पर अब ज्यादा विचार किया जाता है। यहां तक कि पानी के छीटें को कैसे नियंत्रण में लाया जाए साथ ही तैराकी तैराक के समय अपने हाथों से जब स्ट्राइक करते हैं तो उनके मूवमेंट को कैसे पता लगाते हैं आदि।

कई देशों के साथ मिलकर पहले से ज्यादा कोरियोग्राफी शैली में परिवर्तन देखने को मिला है। सयुंक्त राज्य अमेरिका और कनाडा की देखरेख में ओलंपिक कार्यक्रम में पहली बार अनुशासन शामिल किया गया, लेकिन रूस, स्पेन और यूक्रेन सहित यूरोपीय देश की अब ज्यादा प्रतिस्पर्धी हैं हालांकि यही नहीं एशियाई एथलीट भी ज्यादा सफल रहे हैं। बता दें कि चीन ने हाल ही में जापान को एक अग्रणी देश के रूप में शामिल किया है।

सामान्य ज्ञान