क्लासिक फाइनल - जब हाई जम्पर डिक फॉस्बरी ने खेल को हमेशा के लिए बदल दिया!!

अमेरिका के Dick Fosbury ने Fosbury फ्लॉप का प्रदर्शन किया। (फोटो क्रेडिट: Tony Duffy /Allsport)
अमेरिका के Dick Fosbury ने Fosbury फ्लॉप का प्रदर्शन किया। (फोटो क्रेडिट: Tony Duffy /Allsport)

ओलंपिक खेल चैंपियन, रिकॉर्ड और अद्भुत कहानियों से भरे हुए हैं, लेकिन इसके अलावा, कुछ याद रखने वाले अजीब, मजाकिया, भावनात्मक और दुखद क्षण भी शामिल हैं। हम हर हफ्ते आपके लिए कुछ मनोरंजक कहानियाँ लाएँगे, जो या तो आपके चेहरे पर मुस्कान लाएँगी या आपको रुला देंगी। इस सप्ताह, हम मेक्सिको 1968 की ऊंची कूद प्रतियोगिता के बारे में चर्चा करेंगे।

विवरण

  • पुरुष : हाई जंप प्रतियोगिता, मैक्सिको 1968 ओलिंपिक खेल
  • विश्वविद्यालय ओलंपिक स्टेडियम, 19-20 अक्टूबर 1968

बैकग्राउंड

ऐसा अक्सर नहीं होता कि कोई नवीनीकरण किसी खेल को हमेशा के लिए बदल दे।

लेकिन ठीक ऐसा ही हुआ जब मैक्सिको 1968 ओलंपिक में डिक फॉस्बरी मैदान में उतरे।

खेलों से पहले, डोमिनेंट हाई जंप तकनीक 'स्ट्रैडल' तकनीक थी। इस तकनीक में एक एथलीट को जंपिंग फेस फॉरवर्ड करके और बार के ऊपर अपना रास्ता नेविगेट करने के लिए अपने शरीर को मध्य-हवा में घुमाना होता था।

लेकिन 6 फीट 4 इंच लंबा (193 सेमी) फॉस्बरी को स्ट्रैडल तकनीक के साथ ज्यादा सफलता नहीं मिली थी। वास्तव में, एक हाई स्कूल एथलीट के रूप में, फॉस्बरी हाई जम्प इवेंट में अपनी स्थानीय क्लब टीम के लिए क्वालीफाई करने में भी असफल रहे थे।

लेकिन 1963 में हार मानने के बजाय, फॉस्बरी ने एक नई जंपिंग तकनीक पर काम करना शुरू किया, जिसने उस समय के एथलीटों के खेल के तरीके को बदल दिया।

इसे फॉस्बरी फ्लॉप के नाम से जाना जाने लगा।

'गलत पैर' से पीछे की ओर कूदने और अपने शरीर को बार के ऊपर ले जाने से, फॉस्बरी ने मानकीकृत तकनीक को बदल दिया।

इसी के साथ मेक्सिको 1968 ओलंपिक के लिए क्वालीफाई होने के कारण, अनजान फॉस्बरी को जल्द ही दुनिया के सामने अपनी अपरंपरागत नई तकनीक को पेश करने का मौका मिला।

की मोमेंट

जब ओलंपिक हाई जंप प्रतियोगिता शुरू हुई, तो फॉस्बरी किसी भी तरह से स्वर्ण पदक के लिए पसंदीदा नहीं थे। वह कुछ बेहतरीन ट्रैक और फील्ड एथलीट्स का सामना कर रहे थे।

जब तक बार 2.18 मीटर तक उठाया गया, तब तक प्रतियोगिता में केवल पांच एथलीट ही बचे थे। फॉस्बरी अपने पहले अटेंप्ट में ही प्रतियोगिता में छा गए।

तीन जंपर्स 2.20 मीटर (फॉस्बरी, यूएसए के एड कारुथर्स और यूएसएसआर के वैलेन्टिन गवरिलोव) में बने रहे, और इन तीनों ने पहली बार में ही ऊंचाई हासिल की।

इस पॉइंट पर, फॉस्बरी पदक के गारंटीड दावेदार थे। लेकिन वह पदक किस रंग का होगा?

2.22 मीटर पर, गैवरिलोव तीन प्रयासों के बाद ऊंचाई बनाने में विफल रहे, प्रतियोगिता से बाहर हो गए। एक बार फिर, फॉस्बरी पहले स्थान पर बने हुए थे।

अंत में, प्रतियोगिता में केवल फॉस्बरी और कारुथर्स ही रह गए, बार को 2.24 मीटर तक उठाया गया - जोकि अपने आप में एक ओलंपिक रिकॉर्ड हाइट थी।

अपने तीसरे प्रयास में, फॉस्बरी ने अपनी पीठ को झुकाया और ओलंपिक स्वर्ण पदक हासिल करने के लिए अपने पैरों को बार के ऊपर से फ़्लिप किया।

यह एक ऐतिहासिक क्षण था और इसके साथ हाई जंप रूल बुक पूरी तरह से दोबारा लिखी गई थी।

मेक्सिको 1968 के खेलों में फॉसबरी ने हाई जम्प में लगाई ऊंची छलांग
04:23

विश्लेषण

इतिहास में बहुत ही कम लोगों का ऐसा प्रभाव किसी खेल पर पड़ा होगा, जो कि फॉस्बरी ने अक्टूबर में मैक्सिको में कर दिखाया था।

म्यूनिख में 1972 के ओलंपिक तक - एक प्रतियोगिता के लिए फॉस्बरी अर्हता प्राप्त करने में विफल रहे - 40 हाई जंप प्रतियोगियों में से 28 ने फ़ॉस्बरी फ्लॉप को अपनाया था, और आखिरी बार जब ओलंपिक में स्ट्रैडल कूद तकनीक देखी गई थी, वह सियोल ओलंपिक 1988 थी।

ओलंपिक खेलों में अपनी सबसे बड़ी उपलब्धि के रूप में मेक्सिको में जीत के साथ ही फॉस्बरी एथलेटिक्स की दुनिया से गायब हो गए, लेकिन वह हाई जंप खेल पर हमेशा के लिए एक अमिट छाप छोड़ गए। 1993 में, वह अमेरिकी ओलंपिक हॉल ऑफ फेम के लिए चुने गए।

फॉस्बरी ने खुद को हाई जंप के खेल में क्रांति लाने वाली तकनीक के बारे में कहा था:

"मेरा मानना ​​है कि फ्लॉप एक प्राकृतिक शैली थी और मैं मात्र इसे खोजने वाला पहला व्यक्ति ही था।"

और टोक्यो 2020 के साथ ही एक साल के अंदर, हाई जंप प्रतियोगिता पर मात्र ऐसे एथलीटों का वर्चस्व हो गया, जो फॉस्बरी फ्लॉप तकनीक फॉलो करते थे एक ऐसी तकनीक जो फ़ॉस्बरी नाम से जुड़ी थी ।