Vikas Krishan - 'सर्वश्रेष्ठ मुक्केबाजों से सीखना'

भारत के Vikas Krishan ने 2016 के रियो ओलंपिक के 7वें दिन पुरुष मिडिलवेट (75 किग्रा) प्रीलिमिनरीज बाउट में तुर्की के Onder Sipal पर अपनी जीत का जश्न मनाया। (Alex Livesey/ गेटी इमेज द्वारा फोटो)
भारत के Vikas Krishan ने 2016 के रियो ओलंपिक के 7वें दिन पुरुष मिडिलवेट (75 किग्रा) प्रीलिमिनरीज बाउट में तुर्की के Onder Sipal पर अपनी जीत का जश्न मनाया। (Alex Livesey/ गेटी इमेज द्वारा फोटो)

Vikas Krishan एक सफल भारतीय मुक्केबाज हैं - जिन्होंने देश के लिए 2010 के एशियाई खेलों में और 2018 के राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीता। जैसा कि वह अपने खेल में सुधार करना चाहते हैं, Krishan ने खुलासा किया कि वह ऐसा करने के लिए इतिहास के दो सबसे महान मुक्केबाजों के वीडियो देख रहे थे।

इस लॉकडाउन ने लोगों को अपने बारे में और अधिक जानने में मदद की, और अनुभवी भारतीय मुक्केबाज, Vikas Krishan अलग नहीं हैं।

हरियाणा के रहने वाले, Vikas ने इस साल के मार्च में एशियाई मुक्केबाजी ओलंपिक क्वालीफायर में जापान के Sewon Okazawa को 5-0 से हराकर, 69 किग्रा भार वर्ग में टोक्यो ओलिंपिक खेलों के लिए क्वालीफाई किया।

ऐसा करके, वह बीजिंग ओलंपिक कांस्य पदक विजेता, Vijender Singh के बाद केवल दूसरे भारतीय मुक्केबाज बन गए, जिन्होंने लगातार तीन ओलंपिक खेलों के लिए क्वालीफाई किया।

भारत के Vikas Krishan ने ऑस्ट्रेलिया में राष्ट्रमंडल खेलों 2018 में स्वर्ण पदक जीता था। (Chris Hyde/ गेटी इमेज द्वारा फोटो)
भारत के Vikas Krishan ने ऑस्ट्रेलिया में राष्ट्रमंडल खेलों 2018 में स्वर्ण पदक जीता था। (Chris Hyde/ गेटी इमेज द्वारा फोटो)
2018 Getty Images

सीखना कभी बंद नहीं होता

लेकिन इस संकट के समय में अर्जुना अवार्ड विजेता घर पर क्या कर रहे हैं?

भारत के खेल मंत्री Kiren Rijiju के साथ एक ऑनलाइन बातचीत में, Vikas ने कहा कि वह इतिहास के सबसे महान मुक्केबाजों में से दो - Muhammad Ali और Sony Liston के वीडियो देख रहे थे।

खैर, इसके पीछे उनका एकमात्र उद्देश्य कौशल पर काम करना और उन्हें बेहतर बनाना है।

“मैं Ali और Liston के मुकाबलों को देख रहा हूं। मैं इन महानुभावों से सीखने की कोशिश कर रहा हूं।

“मैं मानसिक रूप से भी मजबूत हो रहा हूँ । हम भी उनकी तरह बनना चाहते हैं। अगर हमें सही समर्थन मिलता है, तो हम न केवल ओलंपिक में अच्छा करेंगे, बल्कि पेशेवर सर्किट में भी चैंपियन बन सकते हैं।”

Vikas Krishan कहते हैं कि वह एक महान बॉक्सर Muhammad Ali के वीडियो देख रहे हैं। (Don Morley/Allsport/ गेटी इमेज द्वारा फोटो)
Vikas Krishan कहते हैं कि वह एक महान बॉक्सर Muhammad Ali के वीडियो देख रहे हैं। (Don Morley/Allsport/ गेटी इमेज द्वारा फोटो)
2003 Getty Images

सही मानसिकता होना जरूरी है

इस बीच, Vikas कहते हैं कि एक सही मानसिकता होना बहुत महत्वपूर्ण है और कुछ लोग इसके साथ पैदा होते हैं।

फ़र्स्टपोस्ट से बात करते हुए, भारतीय मुक्केबाज ने खेल के इस पहलू पर बात की, जिससे बहुत फर्क पड़ता है।

"मानसिकता बहुत महत्वपूर्ण है, और यह एक ऐसी चीज़ है जिसके साथ इंसान पैदा होता है। कुछ लोग जन्म से ही फइटर्स होते हैं, वे बस हार नहीं मानते,” उन्होंने कहा।

एक मुक्केबाज बनने में क्या लगता है, इस पर बोलते हुए उन्होंने कहा –

"बहुत सारे कारक एक बॉक्सर के निर्माण में जाते हैं। सबसे बड़ा कारक आपका परिवार है। उदाहरण के लिए, यदि मैं चाहता हूं कि मेरे बच्चे बॉक्सिंग को अपनाएं, तो मैं अपनी इच्छा को थोपने के बजाय धीरे-धीरे उन्हें खेल में शामिल करूंगा।"

रियो से टोक्यो तक

रियो 2016 ओलंपिक खेलों में, भारत के Vikas Krishan 75 किग्रा भार वर्ग में क्वार्टरफाइनल राउंड तक पहुंच सके - जहां वह उज्बेकिस्तान के Bektemir Melikuziev से हार गए।

हालाँकि, उन्होंने अपने कौशल पर काम किया और ऑस्ट्रेलिया में दो साल बाद राष्ट्रमंडल खेलों में भारत को गौरवान्वित किया और स्वर्ण पदक जीता - इस प्रकार एशियाई खेलों (2010) और राष्ट्रमंडल खेलों (2018) में स्वर्ण पदक जीतने वाले वे अब तक के एकमात्र भारतीय मुक्केबाज़ बन गए।

अब, चूंकि कोरोना वायरस के प्रकोप के कारण टोक्यो खेलों को एक और वर्ष के लिए स्थगित कर दिया गया है, Vikas के पास खेलों की तैयारी के लिए अतिरिक्त समय होगा - जहां वह देश के लिए व्यक्तिगत पदक जीतने की उम्मीद करते हैं।