टोक्यो ओलंपिक की तैयारी के लिए Vikas Krishan जायेंगे अमरीका

भारत के Vikas Krishan (रेड) और कैमरून (ब्लू) के Dieudonne Wilfried Seyi Ntsengue ने गोल्ड कोस्ट 2018 राष्ट्रमंडल खेलों के 10वें दिन पुरुषों की 75 किग्रा फ़ाइनल बॉक्सिंग में प्रतिस्पर्धा की। (Chris Hyde/ गेटी इमेजेज द्वारा फोटो)
भारत के Vikas Krishan (रेड) और कैमरून (ब्लू) के Dieudonne Wilfried Seyi Ntsengue ने गोल्ड कोस्ट 2018 राष्ट्रमंडल खेलों के 10वें दिन पुरुषों की 75 किग्रा फ़ाइनल बॉक्सिंग में प्रतिस्पर्धा की। (Chris Hyde/ गेटी इमेजेज द्वारा फोटो)

भारतीय मुक्केबाज़ Vikas Krishan की निगाहें अगले वर्ष होने वाले टोक्यो ओलंपिक्स में स्वर्ण पदक पर है और इस लक्ष्य को पाने के लिए वह अमरीका जा कर अभ्यास करेंगे।

टॉप्स स्कीम के अंतर्गत Krishan अभ्यास के लिए अमरीका जाएंगे और अटकलें लगायी जा रही हैं की वह प्रो-मुक्केबाज़ी के कुछ मुकाबलों में हिस्सा ले कर अपनी पदक दावेदारी को और मज़बूत करने की कोशिश करेंगे।

विकास ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, 'मैं भारतीय खेल प्राधिकरण के डीजी की अनुमति का इंतज़ार कर रहा हूँ और जैसे ही वह हो जायेगा, मैं रवाना हो जाऊंगा। एक दो दिन के अंदर अनुमति जानी चाहिए।'

Vikas का लक्ष्य - स्वर्ण पदक

टोक्यो खेल Vikas का ओलंपिक पदक के लिए तीसरा प्रयास होगा और इस बार उनकी नज़र स्वर्ण पर है।

2018 कामनवेल्थ खेलों में स्वर्ण जीत चुके Vikas अपने लक्ष्य के बारे में बात करते हुए बोले, 'मैं अमरीका में तीन महीने रहूँगा और मेरा लक्ष्य साफ़ है - ओलंपिक स्वर्ण। यह लक्ष्य पाने के लिए मैं अपनी जान जोखिम में डालने को भी तैयार हूँ।"

"पूरी सावधानी के साथ मैं अभ्यास करूँगा और मेरी कोशिश रहेगी की कोरोना संक्रमण से मुझे और हमारी टीम को कोई परेशानी न हो।"

प्रो-मुक्केबाज़ी पर Vikas की नज़र

बिना ज़्यादा जानकारी दिए Vikas ने बताया की अमरीका में प्रो-मुक्केबाज़ी शुरू हो चुकी हैं और वह कोशिश करेंगे की कुछ मुकाबलों में हिस्सा ले पाए।

उन्होंने IANS से बातचीत करते हुआ कहा, 'मेरी आगे की गतिविधियों के बारे में आपको आगे पता चलेगा। मैंने पहले न्यू यॉर्क में अभ्यास किया है पर इस बार प्लान में बदलाव है। मैंने अमरीका स्थित अपने प्रमोटर्स से बात करि है और उनके सहयोग से मुझे प्रोफेशनल ट्रेनिंग और कुछ मुकाबले मिल जायेंगे। मैं अमरीका अकेले ही जाऊंगा क्योंकि मुझे अपने लक्ष्य से भटकना नहीं है।'