ट्रेलब्लेजर्स - Koji Murofushi - "उच्च लक्ष्य निर्धारित करके जागरूकता बढ़ाई जा सकती है"

एथेंस 2004 ग्रीष्मकालीन ओलंपिक खेलों के दौरान पुरुषों के हैमर थ्रो फाइनल में जापान के Koji Murofushi ने प्रतिस्पर्धा की। (Michael Steele / गेटी इमेज द्वारा फोटो)
एथेंस 2004 ग्रीष्मकालीन ओलंपिक खेलों के दौरान पुरुषों के हैमर थ्रो फाइनल में जापान के Koji Murofushi ने प्रतिस्पर्धा की। (Michael Steele / गेटी इमेज द्वारा फोटो)

आज भी कुछ ऐसे लोग हैं जो आसमान की ऊंचाईयों को छूने से नहीं डरते है। उन्हें हम ट्रेलब्लेजर्स कहते है। इस श्रृंखला में, हम उन एथलीट्स पर नज़र डालते हैं जिन्होंने जापान के लिए बड़ी सफलता हासिल की और अपने देश को गौरवान्वित किया। श्रृंखला के छठे भाग में, हम Koji Murofushi पर ध्यान केंद्रित करते हैं - जिन्होंने ओलंपिक खेलों एथेंस 2004 में हैमर थ्रो में एशिया का पहला स्वर्ण पदक जीता।

"अच्छा होता अगर मैं पोडियम पर अपना स्वर्ण पदक प्राप्त करता," Koji Murofushi ने कहा।

एथेंस 2004 के फाइनल में, हंगरी के हैमर थ्रोअर, Adrián Annus, Murofushi के प्रतिद्वंद्वी, ने अपने तीसरे प्रयास में 83.19 मीटर दर्ज किया। अपने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ 84.86 मीटर के साथ, Murofushi को पता था कि उनके पास हंगरी के एथलीट को हराने की क्षमता है।

अपने छठे प्रयास में, एक सांस के लिए रुकने के बाद, उन्होंने हथौड़ा फेंक दिया जिसने 82.91 मीटर की दूरी तय की - जो कि उनके सीजन का सबसे अच्छा थ्रो था - यह फिर भी Annus के निशान से 28 सेमी कम रह गया।

घोर निराशा के बीच Murofushi अपने घुटनों के बल गिर गए। हालांकि जब जापानी हैमर थ्रोअर पोडियम पर खड़े थे, तब वह रजत प्राप्त करते हुए मुस्कुराए।

हालांकि, सात दिन बाद, परिस्थितियों ने एक नाटकीय मोड़ लिया। डोपिंग उल्लंघन के संदेह में Annus से उनका खिताब छीन लिया गया, जिसके परिणामस्वरूप स्वर्ण पदक Murofushi को दिया गया।

खेलों के अंतिम दिन बोलते हुए, जापानी एथलीट ने टिप्पणी की - "बेशक, मैं बहुत खुश हूं, लेकिन यह परम पुरस्कार प्राप्त करने की दिशा में किया गया प्रयास है जो वास्तव में मायने रखता है, बजाय स्वर्ण पदक के।"

वह बहुत खुश और आश्वस्त भी थे, स्वर्ण पदक जीतने के लिए इतना नहीं, लेकिन यह साबित करने के लिए कि वर्षों में उनके सभी प्रयास व्यर्थ नहीं गए।

Murofushi Koji

Murofushi का जन्म 1974 में Shizuoka प्रान्त में हुआ था। उनके पिता चार बार के ओलंपिक हैमर थ्रो चैंपियन थे, Shigenobu Murofushi - जिनका उपनाम "आयरन मैन ऑफ़ एशिया" भी था।

Murofushi अपने पिता से प्रेरित थे और उन्हें देखकर, उन्होंने 10 साल की उम्र में हैमर थ्रो खेल खेलना शुरू कर दिया। उन्होंने अपने पिता के नक्शेकदम पर चलना शुरू कर दिया, और हाई स्कूल में अपने पहले साल की गर्मियों के दौरान, उन्होंने अन्य सभी खेलों को छोड़ दिया और हैमर थ्रो पर ध्यान केंद्रित करना शुरू कर दिया।

अपने पिता की कोचिंग की बदौलत, वह इंटर-हाई स्कूल चैंपियनशिप में लगातार जीत हासिल कर सके। उन्होंने 6.35kg हथौड़ा के साथ एक नया हाई स्कूल रिकॉर्ड, और एक मानक हथौड़ा (7.26kg) के साथ एक अन्य हाई स्कूल रिकॉर्ड बनाया।

अपने पिता द्वारा कि गयी रिसर्च के परिणामस्वरूप जापानी हैमर थ्रोअर अपनी छोटी काया के बावजूद कैसे जीत सकते थे, Murofushi ने एक नई तकनीक सीखी जिससे उन्हें परिणाम प्राप्त करने में मदद मिली। वह फेंकने से पहले तेज गति से हथौड़े को चार बार घुमाते थे।

तकनीक का अनुसरण और सम्मान करके, Shigenobu ने 1984 में 75.96 मीटर का एक जापानी रिकॉर्ड बनाया था।

हालांकि, Koji भाग्यशाली थे कि उनके पिता एक जापान रिकॉर्ड धारक थे, और उन्हें उनसे बहुत कुछ सीखने को मिला।

एक विश्वविद्यालय के छात्र के रूप में, Murofushi ने एक नया जापान छात्र रिकॉर्ड और एक नया जापान जूनियर रिकॉर्ड बनाया और Japan Intercollegiate Championships में चार बैक-टू-बैक जीत हासिल की।

1998 में, कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद, Murofushi ने अपने पिता के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए, गनमा प्रान्त में एक प्रतियोगिता में 76.65 मीटर का एक नया जापान रिकॉर्ड बनाया, जो उनका लंबे समय से लक्ष्य था।

"उच्च लक्ष्य निर्धारित करके जागरूकता बढ़ाई जा सकती है।"

2011 में, Murofushi ने 36 साल की उम्र में कोरिया गणराज्य में डेगू में आयोजित एथलेटिक्स वर्ल्ड चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता, जो इस आयोजन में दुनिया का सबसे पुराना पुरुष चैंपियन बन गया।

Murofushi ने पहले अपने पिता के स्तर तक पहुंचने का लक्ष्य रखा और फिर, अपने पिता के साथ मिलकर, दुनिया के शीर्ष पर चढ़ गए।

पिता और पुत्र दोनों ने उनके बीच ओलंपिक खेलों के सात संस्करणों में प्रतिस्पर्धा की है। Murofushi के करतबों से सीख मिलती है कि उनकी उपलब्धियाँ अकेले हासिल नहीं की जा सकती थी।