ट्रेलब्लेजर्स - चार ओलंपिक स्वर्ण पदक जीतने वाली इस चैंपियन की दास्तां

स्वर्ण पदक विजेता, जापान की Icho Kaori ने रियो 2016 ओलंपिक खेलों के 12वें दिन महिला फ्रीस्टाइल 58 किलोग्राम प्रतियोगिता के बाद पदक समारोह के दौरान जश्न मनाया।
स्वर्ण पदक विजेता, जापान की Icho Kaori ने रियो 2016 ओलंपिक खेलों के 12वें दिन महिला फ्रीस्टाइल 58 किलोग्राम प्रतियोगिता के बाद पदक समारोह के दौरान जश्न मनाया।

आज भी कुछ ऐसे लोग हैं जो आसमान की ऊंचाईयों को चुनने से नहीं डरते है। उन्हें हम ट्रेलब्लेजर्स कहते है। इस श्रृंखला में, हम उन एथलीट्स पर नज़र डालते हैं जिन्होंने जापान के लिए बड़ी सफलता हासिल की और अपने देश को गौरवान्वित किया। श्रृंखला के दूसरे भाग में, हम Kaori Icho पर एक नज़र डालते हैं - जिन्होंने ओलंपिक खेल रियो 2016 में कुश्ती में अपना चौथा स्वर्ण पदक जीता था।

Icho ने महिला कुश्ती में चौथा स्वर्ण जीता

जिस पल Icho चौथी बार व्यक्तिगत स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाने वाली पहली महिला ओलंपियन बनीं, उनके चेहरे के एक्सप्रेशन बिल्कुल नहीं बदले। फिर भी, जब वह ओलंपिक पोडियम पर उच्चतम स्थान पर खड़ी थी, तो उन्होंने अपने होंठो को हल्का सा दबाकर थोड़ा सा मुस्कुराया। जब जापान का राष्ट्रगान, Kimigayo, बजा, तो उन्होंने दो बार ऊपर देखा और कहा,"अब मैं महसूस कर सकती हूं कि यह सच है।"

2004 में एथेंस में महिलाओं की कुश्ती को ओलंपिक कार्यक्रम में आधिकारिक रूप से जोड़ा गया था। 20 वर्ष की आयु में, Icho ने एथेंस में अपना ओलंपिक डेब्यू किया था। इसके बाद, उन्होंने 63 किलोग्राम भार वर्ग में तीन ओलंपिक स्वर्ण पदक जीते। रियो ओलंपिक 2016 में, उन्होंने पहली बार 58 किग्रा में प्रतिस्पर्धा की।

Icho ने मैच से पहले कहा, 'मैं जीतने को लेकर जिद्दी हूं'। एक अलग भार वर्ग में प्रतिस्पर्धा करने के बावजूद, वह अपने फॉर्म के शीर्ष में नज़र आई और बिना किसी संदेह के वो इवेंट के फाइनल तक भी पहुंच गई। जैसा की वह क्राउड फेवरेट थी, हर किसी की नज़र उन्ही पर टिकी हुई थी। हालाँकि, फाइनल में, रूसी, Valeriia Koblova Zholobova ने उन्हें बहुत कड़ी टक्कर दी।

1-2 के स्कोर के साथ शेष, बाउट ने अपने अंतिम चरण में प्रवेश किया। भीड़ यह सोचकर शांत हो गई कि क्या Icho इस जीत में सक्षम होगी और खेलों में लगातार चार स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली महिला बन जाएगी। हालांकि, अंतिम अवधि में, जब मैच खत्म होने में केवल 15 सेकंड रह गए थे, Icho ने एक अकल्पनीय हासिल किया - अंतिम पांच सेकंड में, उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी पर एक उलटफेर किया और मुकाबला जीत लिया। सीटी बजते ही मैच ख़त्म हो गया।

रूस की Valeriia Koblova Zholobova (नीला) ने रियो 2016 ओलंपिक खेलों के 12वें दिन महिला फ्रीस्टाइल 58 किलोग्राम गोल्ड मेडल मैच के दौरान जापान की Icho Kaori से मुकाबला किया।
रूस की Valeriia Koblova Zholobova (नीला) ने रियो 2016 ओलंपिक खेलों के 12वें दिन महिला फ्रीस्टाइल 58 किलोग्राम गोल्ड मेडल मैच के दौरान जापान की Icho Kaori से मुकाबला किया।
Lars Baron/Getty Images

"यह स्वर्ण पदक ही होना चाहिए," Icho ने कहा।

2003 के बाद से 13 वर्षों में लगातार 189 जीत हासिल करने के बाद (डिफ़ॉल्ट रूप से हारने को छोड़कर), जनवरी 2016 में ओलंपिक खेलों के वर्ष में रूस में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के फाइनल में Icho को आखिरकार हार का सामना करना पढ़ा। "यह एक बरबादी होगी अगर में इस हार से कुछ सबक ना सीखूं तो," अपने गले में डले रजत पदक को देख कर उन्होंने कहा। जीतना उनकी एक आदत सी बन गयी थी - तो इस हार के बाद लगे झटके ने उन्हें वापिस जाके अच्छी तरह से ट्रेनिंग करने में दोबारा मजबूर किया। 

1984 में ओमोरी प्रान्त में जन्मे Icho ने अपने बड़े भाई और बहन को कुश्ती करते देख कर कुश्ती की शुरुआत की। वह हमेशा अपने से बड़े पहलवानों के साथ प्रशिक्षण लेती थी, जिससे उन्हें अपना खेल स्थापित करने में मदद मिली। वजन वर्ग में 56 किग्रा से 63 किग्रा तक बढ़ने के बाद से - वह अधिक घातक हो गई। लगातार 189 मुकाबलों और चार सीधे ओलंपिक स्वर्ण पदक जीतने के अलावा, उन्हें पीपुल्स ऑनर पुरस्कार और पर्पल रिबन के साथ पदक से भी सम्मानित किया गया है।

Icho अपने पूरे करियर में बहुत सफल एथलीट रही हैं। हालाँकि वह कई जीत का हिस्सा थी, लेकिन यह रूस में मिली हार थी जिसने उन्हें बदल दिया - उन्हें और मजबूत बनने में मदद की। Icho ने कहा, "मैं जितने लोगों के प्रति आभार व्यक्त कर सकती हूं वह जरूर करुँगी।"