टोक्यो 2020 रिकवरी स्मारक: आशा के प्रतीक 

Monuments01

इन स्मारकों के निर्माण में शामिल छात्रों ने तोहोकु की दृढ़ता के बारे में बताया।

टोक्यो 2020 रिकवरी स्मारक प्रोजेक्ट तोहोकु के आभार का प्रतीक है और इस क्षेत्र के लोगों ने जो टोक्यो 2020 ओलिंपिक खेलों में खिलाड़ियों को भाग लेने के लिए प्रेरित करने का कार्य किया है उसके लिए मिले प्रोत्साहन को दर्शाता है।

आपदाग्रस्त क्षेत्रों में स्मारकों की स्थापना उनका साहस और मनोबल बढ़ाने के लिए की गयी है और यह पूरे संसार की सराहना के साथ खेल की शक्ति को दर्शाता है। स्मारकों के सौजन्य से बहुत ज़रूरी संदेश पूरी खेल दुनिया में जायेगा।

टोक्यो कला विश्वविद्यालय के छात्र तोहुकु क्षेत्र में 2011 भूकंप पीड़ितों के लिए विद्यालय छात्रों द्वारा भेजे गए सांत्वना संदेश को ढांचे में डालने के बाद इन स्मारकों पर लगाएंगे और इन संदेशों का प्रदर्शन टोक्यो 2020 के प्रतियोगिता स्थलों पर किया जायेगा।

ओलिंपिक खेलों के समापन के बाद यह स्मारक इवाते, मियागी और फुकुशिमा क्षेत्रों में स्थापित किये जायेंगे और आम जनता के दर्शन के लिए उपलब्ध होंगे। इन सभी स्मारकों का निर्माण कार्य सितम्बर 2020 में पूरा हो गया था और जब संदेश उनके ऊपर लगाए जा रहे थे तो इस कार्य से जुड़े छात्र भावुक हो गए और अपने विचारों के बारे में बात करने लगे।

पीड़ित क्षेत्रों और विश्व के बीच की कड़ी बनेंगे स्मारक

हर एक स्मारक की ऊँचाई दो मीटर से ज़्यादा है और इनका निर्माण पीड़ित क्षेत्रों में अस्थायी रूप से बनाये जाने वाले घरों में लगाए गए पुनरावृत्ति अल्युमीनियम से किया गया है। इन्ही क्षेत्रों में पढ़ने वाले छात्रों ने पीड़ित परिवारों का साहस और मनोबल बढ़ाने के लिए आशापूर्वक संदेश लिखे जिनमे से कुछ धन्यवाद प्रकट कर रहे थे और अन्य संदेश एकता की बात कह रहे थे।

खिलाड़ियों द्वारा भेजे जाने वाले संदेश भी इन स्मारकों में जोड़े जायेंगे और तोहोकु क्षेत्र में ओलिंपिक खेलों की विरासत के रूप में स्थापित किये जायेंगे।

रिकवरी स्मारक 

इवाते और मियागी क्षेत्रों के लिए दो 'डायमंड' स्मारक और फुकुशिमा के लिए 'फेस इन द होल' स्मारक का निर्माण किया गया है। विश्वविद्यालय के छात्रों ने इन स्मारकों की डिज़ाइन के लिए कई प्रस्ताव भेजे और 2019 में इन क्षेत्रों में आयोजित एक वर्कशॉप में विद्यालय के छात्रों ने मतदान के द्वारा स्मारकों की रचना का चुनाव किया।

गैडाई के वरिष्ठ छात्र OKA Tsukushi और FUKUI Shione द्वारा रचित डिज़ाइन का चयन किया गया। OKA ने 'फेस इन द होल' डिज़ाइन बनायी और FUKUI 'डायमंड' डिज़ाइन को बनाया।

Oka ने कहा, "यह मेरे जीवन का पहले महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट था और मेरे लिए बहुत भावुक अनुभव था।"

वहीँ दूसरी तरफ, Fukui ने कहा, "यह कार्य मेरे लिए आसान नहीं था लेकिन मैंने अंत में पूरा कर लिया।"

Oka की 'फेस इन द होल' डिज़ाइन के ऊपरी हिस्से के बीच में एक भाग है जिसके अंदर लोग अपना चेहरा दाल सकते हैं और इस रचना की प्रेरणा पूरे विश्व में स्थित पर्यटक स्थलों में स्थापित ऐसे ही बोर्ड से ली गई है।

उन्होंने कहा, "इस स्मारक की सबसे अच्छी बात यह है कि मुझे बोर्ड पर बने पात्र से एकीकृत होने का अवसर देता है। मैं आशा करती हूँ कि इन स्मारकों पर लिखे संदेश के प्रति हर इंसान संवेदना प्रकट करेगा और खिलाड़ियों एवं पीड़ितों की सहायता करेगा।"

Fuku की बात करें तो जिस क्षण उन्होंने एक स्मारक के निर्माण के बारे में सोचा तो उन्हें सबसे पहले हीरे का विचार आया। उन्होंने यह भी सोचा की हीरे के आकार में होने के साथ यह इन संदेशों की बहुमूल्यता का प्रतीक भी बनेगा।

उन्होंने बताया, "मैं खुश थी जब एक क्षेत्र के छात्रों ने मेरी डिज़ाइन को चुना लेकिन जब दुसरे क्षेत्र ने भी इसका चयन किया तो मुझे बहुत हैरानी हुई। मुझे यह एहसास हुआ की इतने सारे छात्रों ने मेरे काम को चुना है और इसी कारण मुझे इस कार्य को अधिक लगन से करने कि प्रेरणा मिली।"

शुरुआती दौर में इन स्मारकों के वर्कशॉप में रचित आकार निर्मित त्रिविम समष्टि संरचना से बिलकुल अलग था। Oka और Fukui को ऐसा लगा कि इन रचनाओं को टू-डी से थ्री-डी बनाना सबसे कठिन कार्य था।

कठिनता के बारे में बात करते हुए Fukui ने बताया, "जो आकार कागज़ पर बना और जो असल में बना वह दोनों बहुत अलग थे। उन दोनों को समान बनाने में बहुत समय और मेहनत लगी।"

Oka ने अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रयोग करते हुए इस समस्या का हल निकाला। उन्होंने बताया, "मैंने कल्पना करि कि लोग कैसे इस स्मारक की फोटो खीचेंगे और सोचा कि कैसे इसे सुधारा जाये।"

तोहुकु का दौरा एक अद्भुत अनुभव

तोहुकु के तीन भूकंप पीड़ित क्षेत्रों का दौरा इन स्मारकों के निर्माण के लिए एक बहुत अहम् कदम साबित हुआ। वर्कशॉप के दौरान दोनों छात्र केसेनुमा स्थित कला संग्रहालय गए और वहां सुनामी के बाद मिली वस्तुओं को भी देखा। Fukui ने बताया कि आपदा से पीड़ित लोगों से मिलना एक बहुत ही भावुक क्षण था जिसने उनकी सोच बदल दी।

अपने दौरे के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा, "तोहुकु जाने से पहले मुझे यह पता था कि इस भूकंप के कारण बहुत लोग पीड़ित हुए हैं लेकिन मैं उनकी भावनाओं को समझ नहीं पाई थी लेकिन जब मैं वहां गयी और लोगों से मिली तो मुझे एक अपनापन महसूस हुआ।"

Oka को विद्यालय के छात्रों से और उनकी बातों से बहुत प्रभावित हुई।

वह कहती हैं, "जब मैंने उन्हें इन रचनाओं के बारे में गहरी चर्चा करते हुए देखा तो मुझे पता लगा कि वह कैसे अपना आभार व्यक्त करना चाहते थे और बहुत भावुक भी थे। स्मारक के निर्माण के दौरान मुझे हमेशा उनके चेहरे और हमारी चर्चा याद आती थी।"

स्मारकों का खेलों पर प्रदर्शन एक जीवन भर की याद

Oka और Fukui गैडाई में वरिष्ठ छात्रायें हैं और 2021 में वह ग्रेजुएट बन जाएँगी लेकिन जब 2021 ओलिंपिक खेल होंगे तब वह छात्रा नहीं रहेंगी और यह अनुभव उन्हें जीवन भर याद रहेगा।

“यह प्रोजेक्ट इस विश्वविद्यालय के दौरान बिताये गए मेरे समय का सबसे यादगार अनुभवों में से एक रहेगा और मुझे गर्व है कि यह अवसर मुझे मिला। यह मुझे जीवन भर याद रहेगा।"

वहीँ दूसरी ओर Fukui को थोड़ी बेचैनी होती है जब वह सोचती हैं कि उनका बनाया हुआ एक स्मारक का पूरे विश्व के सामने प्रदर्शन होगा और इसकी विरासत जीवन भर रहेगी।

"समय के साथ इस भूकंप की यादें शायद धुंधली पड़ जाएँ और इसी वजह से इन स्मारकों का होना ज़रूरी है क्योंकि यह लोगों की पीड़ा और उनके द्वारा सामना की गई चुनौतियों के प्रतीक हैं।"

अगल वर्ष की गर्मियों में टोक्यो 2020 रिकवरी स्मारक सार्वजनिक प्रदर्शन के लिए उपलब्ध होंगे।