ओलिंपिक पदक पर निगाहें, टोक्यो 2020 के लिए कर रही है भारतीय हॉकी टीम तैयारी 

भारतीय हॉकी टीम के खिलाड़ी Kothajit Singh नीदरलैंड्स के खिलाफ खेलते हुए।
भारतीय हॉकी टीम के खिलाड़ी Kothajit Singh नीदरलैंड्स के खिलाफ खेलते हुए।

अगले साल होने वाले ओलिंपिक खेलों में भारतीय हॉकी सितारे लाना चाहते हैं 1980 के बाद पहला पदक 

कोरोना महामारी के कारण हुए खेल विलंब ने खिलाड़ियों के दृष्टिकोण को बदल दिया है और उनके अभ्यास के तरीके में भी परिवर्तन आया है। भारतीय हॉकी टीम को पिछले कुछ महीनों में अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा लेकिन अब वह टोक्यो 2020 ओलिंपिक खेलों में पदक जीतने के लक्ष्य को पाने के लिए तैयार हैं।

कोरोना महामारी से लड़ाई

भारतीय हॉकी टीम के कुछ खिलाड़ी कोरोना से संक्रमित हो गए थे लेकिन अब सभी स्वस्थ हैं और बेंगलुरु में अभ्यास कर रहे हैं। हॉकी इंडिया से बात करते हुए भारतीय डिफेंडर Kothajit Singh ने टीम की अभ्यास प्रणाली के बारे में बताया।

"दोबारा मैदान पर आना एक बहुत अच्छा अनुभव रहा है और पिछले दो महीनों में हमने बहुत सुधार देखा है। ओलिंपिक खेलों के लिए हमारी टीम की तैयारी बहुत अच्छी चल रही है और मुझे ऐसा लगता है की मैदान पर सही समय वापसी हुई है। हमारे पास सर्वोच्च फॉर्म में आने के लिए अभी बहुत महीने हैं और हम निरंतर बेहतर होते जा रहे हैं। पूरी टीम का ध्यान अब ओलिंपिक खेलों पर है।"

अपनी टीम की सराहना करते हुए उन्होंने कहा, "हमारी टीम में युवाओं और दिग्गजों का एक अच्छा मिश्रण है। रक्षात्मक खिलाड़ियों की बात करें तो Harmanpreet जैसे खिलाड़ियों के साथ खेलना मेरे लिए बहुत अच्छा अनुभव रहा है और हम कोशिश करेंगे की ओलिंपिक खेलों में भारत को पदक दिला कर पूरे राष्ट्र को गर्वान्वित करें।"

"छोटे खेल परिवर्तन ज़रूरी"

पूरे विश्व में लगे लॉकडाउन के पहले भारतीय टीम ने एफआईएच हॉकी प्रो लीग में अच्छी शुरुआत करते हुए ऑस्ट्रेलिया, नीदरलैंड और बेल्जियम को हराया था। छह मैच में भारत की चार जीत और दो हार थी जिसकी वजह से वह अंक टेबल में चौथे स्थान पर थे।

मिडफील्डर Nilkanta Sharma का मानना है कि यह प्रदर्शन टीम के लिए बहुत अच्छा रहेगा और इसी फॉर्म को बरक़रार रखना ओलिंपिक खेलों में सफलता के लिए महत्वपूर्ण होगा।

"नीदरलैंड, ऑस्ट्रेलिया और बेल्जियम के विरुद्ध अच्छा खेलने से हमारा आत्मविश्वास बहुत बढ़ गया है लेकिन हमें अब कुछ खास चीज़ों पर काम करना होगा। कभी कभी छोटे परिवर्तन आपके खेल को बहुत ज़्यादा सुधार देते हैं और किसी भी टीम का स्तर बहुत बढ़ जाता है। अगर हमारी टीम ने यह छोटे परिवर्तन कर लिए तो ओलिंपिक खेलों पर हमें हराना मुश्किल होगा।"

Nilkanta का यह मानना है ओलिंपिक खेलों की तैयारी के साथ सारे खिलाड़ियों को सावधान भी रहना होगा और कोरोना संक्रमण से बचना ज़रूरी है।

"आने वाले कुछ महीने हमारे लिए बेहद ज़रूरी होंगे और हमें ध्यान रखना होगा। ओलिंपिक खेल शुरू होने में अभी बहुत समय है और हमें सुरक्षित रहने के लिए सारे उपाय करने होंगे। अगर ऐसा करेंगे तो ओलिंपिक खेलों के पहले पूरे फॉर्म में हम आ सकते हैं।"