Toea Wisil - पैसिफिक स्प्रिंट क्वीन

पर्थ ट्रैक क्लासिक के दौरान Toea Wisil ने महिलाओं की 200 मीटर फ़ाइनल में प्रतिस्पर्धा की। (Morne de Klerk/ गेटी इमेज द्वारा फोटो)
पर्थ ट्रैक क्लासिक के दौरान Toea Wisil ने महिलाओं की 200 मीटर फ़ाइनल में प्रतिस्पर्धा की। (Morne de Klerk/ गेटी इमेज द्वारा फोटो)

उन्होंने पिछले साल के पैसिफिक गेम्स में ट्रिपल गोल्ड जीता, 100 मीटर चैंपियनशिप रिकॉर्ड तोड़ा और 2019 पैसिफिक गेम्स की बेस्ट फीमेल एथलीट का अवार्ड भी अपने नाम किया। हालांकि, Toea Wisil की सफलता की राह चुनौतियों से भरी थी। टोक्यो 2020 ने पैसिफिक की सबसे तेज़ महिला से उनके करियर और ओलंपिक खेलों 2020 के बारे में बातें की।

पैसिफिक अग्रदूत

कई मायनों में, Toea Wisil का करियर उल्लेखनीय रहा है। पापुआ न्यू गिनी के पश्चिमी हाइलैंड्स में बढ़े होते हुए, ऐसी काफी सुविधाएं थी जिनका वह लाभ नहीं उठा सकती थी।

“मैं पापुआ न्यू गिनी के द्वीपों से आती हूं। वहां कोई ट्रैक या ऐसा कुछ भी नहीं है। हम सिर्फ घास पर चलते हैं,” Wisil ने टोक्यो 2020 को बताया।

अपने देश में एक खेल किंवदंती के रूप में, जब वह बढ़ी हो रही थी तब उन्होंने प्रेरणा पाने के लिए रोल मॉडल्स की तरफ नहीं देखा था। इसके बजाय, Toea Wisil ने एथलेटिक्स में अपना करियर बनाने के लिए अपने घर से प्रेरणा ली।

"उन दिनों, मुझको बहुत से एथलीट्स का नाम तक भी नहीं पता था। जब मैंने दौड़ना शुरू किया तो मैं अपने उस छोटे से शहर से बाहर आई और तब मैंने अपना करियर बनाया। मेरा रोल मॉडल कोई और नहीं बल्कि मैं खुद थी," उन्होंने कहा।

भले ही उनकी शुरुआत बहुत चुनौतीपूर्ण थी, लेकिन 32 वर्षीय ने कभी भी उन कठिनाइयों को अपने पर हावी नहीं होने दिया। उनके आत्म-विश्वास ने उन्हें अपने खेल की ऊंचाइयों तक पहुंचने में मदद की।”

"मैं एक बहुत छोटे शहर से आई हूं, और मुझे बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पढ़ा है," उन्होंने कहा। "लेकिन इन कठिनायों ने मुझे कभी भी झुकने नहीं दिया। जब भी कभी कोई चुनौती सामने आती है तो यह मुझे और मजबूत बनाती है और अच्छा करने के लिए प्रेरित करती है।"

पापुआ न्यू गिनी ओलंपिक एथलेटिक्स टीम की Toea Wisil ने लंदन ओलंपिक खेलों के उद्घाटन समारोह के दौरान अपने देश का झंडा फहराया। (Lars Baron/ गेटी इमेज द्वारा फोटो)
पापुआ न्यू गिनी ओलंपिक एथलेटिक्स टीम की Toea Wisil ने लंदन ओलंपिक खेलों के उद्घाटन समारोह के दौरान अपने देश का झंडा फहराया। (Lars Baron/ गेटी इमेज द्वारा फोटो)
2012 Getty Images

और शक्तिशाली बनना

2010 तक, Wisil ने पैसिफिक क्षेत्र में सबसे तेज़ स्प्रिंटरों में से एक के रूप में खुद को स्थापित किया था। ऑस्ट्रेलिया के केर्न्स में ओशिनिया चैंपियनशिप में, वह 100 मीटर और 200 मीटर दोनों में प्रथम स्थान पर रहीं। हालांकि, नई दिल्ली राष्ट्रमंडल खेलों में, वह 100 मीटर में चौथे स्थान पर रही।

2011 में, उन्होंने न्यू कैलेडोनिया में पैसिफिक गेम्स में पांच स्वर्ण पदक हासिल किए। उन्होंने 100 मीटर (11.96), 200 मीटर (24.61), 400 मीटर (54.94), 4x100 मीटर (46.30) और 4x400m (3: 45.32) में पदक जीते।

इसलिए जब लंदन 2012 ओलंपिक खेल आए, तो Wisil अपने शीर्ष फॉर्म में थी। इसके अलावा, वह खेलों के उद्घाटन समारोह के दौरान अपने देश की ध्वजवाहक भी थीं।

“ओलंपिक में जाना मेरे लिए गर्व का क्षण था। यह मेरा पहला ओलंपिक था और मैं अपने देश का प्रतिनिधित्व करने और दुनिया के शीर्ष एथलीट्स के साथ दौड़ने के लिए बहुत उत्साहित थी। यह सर्वश्रेष्ठ ओलंपिक था और ध्वज को स्टेडियम में ले जाना अद्भुत था।”

जब ओलंपिक प्रतियोगिता शुरू हुई, तो Wisil ने 11.59 सेकंड में प्रारंभिक राउंड हीट जीता।

राउंड 1 हीट में, Wisil को तीसरी लेन में लाइन-अप किया गया था - वह भी सीधे यूएसए की लीजेंड, Alysson Felix के निकट। Wisil ने शानदार शुरुआत की और 50 मीटर की दौड़ तक सबसे आगे भी रही। हालांकि, जब Felix ने कुछ गति प्राप्त की, तो उन्होंने Wisil को पछाड़ दिया और नतीजतन, Wisil उस दौड़ में चौथे स्थान पर रही।

बेशक उनकी ओलंपिक यात्रा समाप्त हो गयी थी लेकिन वह पापुआ न्यू गिनी के महान एथलीट्स के बीच अपनी जगह सुरक्षित करने में सक्षम थी।

पापुआ न्यू गिनी की एक महिला 100 मीटर धावक द्वारा दर्ज किए गए 15 सबसे तेज़ समय में से 14 इनके नाम हैं। 200 मीटर की दूरी में, उन्होंने नौ मौकों पर सबसे तेज समय रिकॉर्ड किया है।

Toea Wisil ने लंदन 2012 ओलंपिक खेलों के राउंड 1 हीट के दौरान Allyson Felix के खिलाफ प्रतिस्पर्धा की। (Streeter Lecka/ गेटी इमेज द्वारा फोटो)
Toea Wisil ने लंदन 2012 ओलंपिक खेलों के राउंड 1 हीट के दौरान Allyson Felix के खिलाफ प्रतिस्पर्धा की। (Streeter Lecka/ गेटी इमेज द्वारा फोटो)
2012 Getty Images

रोल मॉडल

लंदन में Wisil के प्रयासों और पैसिफिक क्षेत्र में उनके प्रभुत्व के चल रहे वर्चस्व के कारण उन्हें "पैसिफिक स्प्रिंट क्वीन" का उपनाम मिला। लेकिन, उनके लिए महत्वपूर्ण बात यह है कि वह अपने देश में बहुत सारी युवा लड़कियों के लिए एक रोल मॉडल बन गई है, जो पारंपरिक रूप से पुरुष-प्रधान समाज में पक्षपात का सामना कर सकती हैं।

"PNG में सभी लड़कियों के लिए में एक रोल मॉडल हूं, और मैं खेल और कार्यस्थल में युवा लड़कियों के लिए एक उदाहरण स्थापित करना चाहती हूं।"

"हम उस पृष्ठभूमि से आते हैं जहां पुरुष हर चीज पर हावी होना चाहते हैं, लेकिन अब जो मैं कर रही हूं, उसके कारण वे सभी बाधाएं टूट गई हैं। मेरे घर पर, सभी को मुझ पर गर्व है।"

पिछला साल इस बात का एक प्रमुख उदाहरण साबित हुआ कि क्यों पापुआ न्यू गिनी के लोगों को Wisil पर गर्व होना चाहिए। Apia में पैसिफिक खेलों के दौरान, उन्होंने जुलाई में तीन दिन की अवधि में 100 मीटर (11.56), 200 मीटर (23.45) और 400 मीटर (53.90) में स्वर्ण पदक जीता।

यह एक आश्चर्यजनक परिणाम था जो 32 वर्षीय ने हासिल किया था। ऐसा करके, वह पैसिफिक की सबसे तेज महिला बन गई।

अवार्ड्स उसके तुरंत बाद आए। दोहा में एसोसिएशन ऑफ नेशनल ओलंपिक कमेटी (ANOC) अवार्ड्स 2019 में, उन्हें 2019 पैसिफिक खेलों की सर्वश्रेष्ठ महिला एथलीट का खिताब दिया गया।

यह एक ऐसा पल था जिसे वह अब भी बहुत संजोती है।”

"वहां जाना और अवार्ड लेना मेरे लिए बहुत गर्व का पल था। वहां IAAF के कुछ बड़े लोग भी आए हुए थे। यह मेरी 16 साल की मेहनत का तोहफा था। यह बहुत अच्छा था।"

अब निगाहें टोक्यो पर

अब क्षितिज पर टोक्यो के साथ, Wisil ओलंपिक योग्यता के साथ शुरू होने वाले अपने जीवन में अगली चुनौती के लिए तैयार है।

“अगले साल के ओलंपिक के लिए, मेरा लक्ष्य क्वालीफाइंग समय को मैच करना है। मेरा लक्ष्य क्वालिफाई करना और फ़ाइनल में जगह बनाना या ओलंपिक में कांस्य पदक हासिल करना है। यह मेरा वास्तविक लक्ष्य है।”

अगर वह अपने लक्ष्य को हासिल करने में कामयाब होती हैं, तो यह पहली बार होगा जब उस देश से किसी एथलिट ने उस उपलब्धि को हासिल किया हो। यह उनके जीवन भर दिखाए गए कड़ी मेहनत और समर्पण का परिणाम भी होगा - व्यक्तिगत गुण जो उन्हें पापुआ न्यू गिनी के युवाओं की अगली पीढ़ी के लिए एक रोल मॉडल बनाना जारी रखता हैं।

"मैं उन सब को कहती हूं की सपने देखो, सपने देखना जरूरी है, मगर यह बात भी जान लो की ज़िन्दगी में सब कुछ आसानी से नहीं मिलता। आपको कुछ भी हासिल करने के लिए बहुत मेहनत करनी होती है।“