सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से जानें कि एथलीट्स COVID-19 से कैसे लड़ रहे हैं

2016 में FIVB वॉलीबॉल वर्ल्ड ग्रां प्री में जापान के खिलाफ मैच के दौरान एक्शन में ब्राजील की Sheilla Castro (Buda Mendes/ गेटी इमेज द्वारा फोटो)
2016 में FIVB वॉलीबॉल वर्ल्ड ग्रां प्री में जापान के खिलाफ मैच के दौरान एक्शन में ब्राजील की Sheilla Castro (Buda Mendes/ गेटी इमेज द्वारा फोटो)

हर हफ्ते, टोक्यो 2020 आपके लिए सोशल मीडिया की दुनिया से सर्वश्रेष्ठ खेल पोस्ट लाएगा। इस हफ्ते पता करें कि COVID-19 से प्रभावित देशों के एथलीट इससे कैसे निपट रहे हैं।

जबकि दुनिया के कुछ हिस्सों में COVID-19 की स्थिति में सुधार हुआ है, फिर भी कई देश ऐसे हैं जो इससे बुरी तरह प्रभावित हैं।

ब्राज़ील वर्तमान में संयुक्त राज्य अमेरिका के बाद दूसरा सबसे बुरी तरह प्रभावित देश है, जबकि चिली में तीन महीने और इक्वाडोर में 80 दिनों के लिए आपातकाल की स्थिति का नवीनीकरण किया गया है। भारत ने पिछले दिनों मामलों में वृद्धि देखी है, जबकि कई अन्य राष्ट्र अभी भी बेहद चुनौतीपूर्ण समय का सामना कर रहे हैं।

भले ही इन देशों के एथलीट लॉकडाउन में रह रहे हों, लेकिन वे अपने प्रशंसकों के लिए इंटरनेट पर अपने वर्कआउट वीडियो साझा करते रहते हैं। संकट के इस समय में, वे #stayhealthy और #stayactive का संदेश फैलाते रहते हैं।

ब्राजील की स्टार वॉलीबॉल खिलाड़ी, Sheilla Castro ने अपने फॉलोवर्स के साथ कुछ टिप्स साझा किए हैं - कि वे खुद को व्यस्त रखने के लिए घर पर क्या कर सकते हैं।

वह लॉकडाउन के इस समय के दौरान किताबें पढ़ने जैसी चीजों का सुझाव दे रही हैं।

View this post on Instagram

Priorize o que é mais importante!!!

A post shared by Sheilla (@sheillacastro) on

इस बीच, भारत की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम के कप्तान Gouramangi Singh ने ऑर्गेनिक फार्मिंग के लिए अपने छिपे हुए जुनून की खोज की है, जबकि अन्य एथलीट अपने परिवारों की मदद करने के लिए लौट आए हैं - जबकि उनका राष्ट्र इन चुनौतीपूर्ण समय से गुजर रहा है।

Singh की हमवतन Poonam Rani Malik - जो महिला राष्ट्रीय टीम की स्ट्राइकर हैं - खेत पर अपने परिवार की मदद कर रही हैं।

हालांकि, वह एकमात्र भारतीय एथलीट नहीं हैं, जिन्होंने मौजूदा संकट के कारण अपना पेशा बदला हो- जिसे इस लेख में ओलंपिक चैनल द्वारा समझाया गया।

कराटेका, इक्वाडोर की Jacqueline Factos (लैटिन अमेरिका में एक देश जो COVID-19 की वजह से बुरी तरह प्रभावित हुआ है) एक एथलीट है जो एक सकारात्मक दृष्टिकोण को जारी रखते हुए अपने वर्कआउट को जारी रखती हैं।

इन एथलीट्स ने घर पर वर्कआउट करने का एक बहुत ही रचनात्मक तरीका पाया है।

मेक्सिको के Carlos Navarro ने अपने खेल, तायक्वोंडो को अपने सबसे बड़े जुनून - फुटबॉल के साथ संयोजित करने का एक रचनात्मक तरीका खोजा है।

हालांकि Gina Mambrú, जो डोमिनिकन रिपब्लिक की राष्ट्रीय वॉलीबॉल टीम की सदस्य हैं - Las Reinas del Caribe, अपने वर्कआउट में रचनात्मक रही हैं, उनका कहना है कि वह पिच पर होना मिस कर रही हैं।

अन्य एथलीट्स प्रशिक्षण क्षेत्र में लौटने के लिए भाग्यशाली रहे हैं, लेकिन वह यह नहीं भूले कि वे कैसे प्रभावित हुए थे। यह मामला इतालवी जिमनास्ट, Vanessa Ferrari का है, जिनका देश COVID-19 महामारी की चपेट में आने वाला यूरोप का पहला देश था।

"लॉकडाउन के दौरान भी, जिसने हमारी दिनचर्या को बाधित कर दिया था, मैंने कभी ट्रेनिंग करना बंद नहीं किया। टाइम लगने पर, या मैं अपने कमरे में और या तो गेराज में ट्रेनिंग करती थी," उन्होंने कहा।

View this post on Instagram

Durante il cosiddetto "LOCKDOWN" 🔒, che ha interrotto bruscamente la nostra vita, non mi sono mai fermata veramente perché mi sono sempre tenuta in allenamento, prima nel salotto di casa e successivamente in garage. Nonostante io ritenga di aver subito un'ingiustizia nella gara di Baku, incasso il colpo 💥 e continuo a lavorare per tornare, quando sarà possibile, in campo gara e far vedere che, anche se il destino puntualmente mi gioca brutti scherzi, io sarò sempre più testarda di lui e cercherò di avere sempre carte a disposizione da giocarmi per inseguire il mio sogno! Quindi aspettatevi veramente ma veramente di tutto................. ✅🔓 UNLOCKED❗ #vanessaferrari #gymnastics #italiateam #roadtofuture

A post shared by Vanessa Ferrari (@ferrarivany) on

एक और देश जो महामारी से बुरी तरह प्रभावित हुआ है, लेकिन अब धीरे-धीरे एक 'नए सामान्य' की ओर लौट रहा है, वह है स्पेन। पांच बार की ओलंपियन, Teresa Portela प्रशिक्षण के लिए लौट आई हैं, लेकिन फिर भी सलाह के कुछ शब्द सभी के साथ साझा करती हैं - "हमें सतर्क रहना चाहिए।"

उन देशों में, जहां एथलीट प्रशिक्षण में लौटने में सक्षम रहे हैं, राष्ट्रीय ओलंपिक समितियां और संघ उनकी रक्षा के लिए सलाह के शब्द पेश करते रहे हैं।

और जब दुनिया किसी तरह की सामान्य स्थिति में लौटने के लिए नए नियमों का पालन कर रही है, तो खेल हमें स्वस्थ, मजबूत और खुशहाल बनाने के लिए रहा है ... बारिश होने पर भी।