आठ साल बाद Ruben Limbardo को समझ आया 2012 में जीते स्वर्ण पदक का महत्व

वेनेजुएला के Ruben Limardo ने लंदन 2012 ओलंपिक खेलों में संयुक्त राज्य अमेरिका के Seth Kelsey के खिलाफ मेंस एपी व्यक्तिगत फेंसिंग सेमीफाइनल में जीत का जश्न मनाया। (Ian Walton/ गेटी इमेज द्वारा फोटो)
वेनेजुएला के Ruben Limardo ने लंदन 2012 ओलंपिक खेलों में संयुक्त राज्य अमेरिका के Seth Kelsey के खिलाफ मेंस एपी व्यक्तिगत फेंसिंग सेमीफाइनल में जीत का जश्न मनाया। (Ian Walton/ गेटी इमेज द्वारा फोटो)

फेंसर केवल दो वेनेजुएला के एथलीट्स में से एक हैं जिन्होंने ओलंपिक गौरव हासिल किया है। उनका उद्देश्य टोक्यो में अपनी सफलता को दोहराना है - मगर इस बार अपने भाइयों के साथ। 

1 अगस्त, 2012

यह एक ऐसा दिन है जो वेनेजुएला के इतिहास में सुनहरे अक्षरों में अंकित है।

उस समय तक, राष्ट्र ने केवल 1964 में एक ही ओलंपिक स्वर्ण पदक जीतने का दावा किया था, लेकिन 44 साल के बाद Ruben Limardo ने एक बार फिर अपने देश को ओलंपिक पोडियम के शीर्ष पर वापस ला खड़ा किया। और हालांकि यह इतिहास में एक विशेष क्षण था, लेकिन मज़े की बात यह है कि Limardo को इसके बारे में पता भी नहीं था।

उन्होंने याद करते हुए बताया, “जैसे-जैसे समय बीतता गया मुझे समझ में आ गया कि मैंने क्या हासिल किया है। लंदन में मैं केवल 25 साल का था। समय के साथ मैं समझ गया कि वेनेजुएला के लिए यह कितना अच्छा था, लेकिन उस समय मैं इस बात को बिल्कुल भी नहीं समझ पाया था, क्योंकि उस समय मैं बहुत छोटा था। अब मैं अपने देश के लिए पदक और जीत के मूल्य को समझता हूं।”

Limardo उस समय भविष्य की तुलना में अतीत के बारे में अधिक सोच रहे थे। उन्होंने अपनी सबसे बड़ी जीत अपनी मां को समर्पित की, जो दो साल पहले 2010 में गुजर गई थीं।

"मेरे लिए यह कठिन स्थिति थी। लेकिन मेरी मां ने मुझे जीतने की ताकत दी।”

फाउंडेशन

Limardo की मां ने हमेशा तलवारबाजी के खेल के लिए संघर्ष किया था, क्योंकि यह कुछ ऐसा है जो लंबे समय से परिवार का हिस्सा रहा है। उनके अंकल, Ruperto Gascon के साथ, उनकी मां ने तलवारबाज़ों को पोलैंड भेजने के लिए एक परियोजना स्थापित की थी।

"वेनेजुएला में एक एथलीट के रूप में विकसित होना वास्तव में मुश्किल है। आपको सफलता हासिल करने में मदद करने के लिए वहां कोई प्रणाली नहीं थी। इसलिए उन्होंने एक प्रणाली बनाई थी।"

"मेरे अंकल एक तलवारबाज थे, और उन्होंने पूर्व सोवियत संघ में प्रशिक्षण लिया। वर्षों बाद, उन्होंने पोलैंड को चुना क्योंकि यह एक महत्वपूर्ण देश था। अगर बात करें जीवनयापन की, तो उस लिहाज से यह सस्ता भी था। यह यूरोप का केंद्र था। उनकी राय में, परियोजना को स्थापित करने के लिए पोलैंड आदर्श स्थान था," Limardo ने अपनी वार्तालाप जारी रखते हुए बताया।

लंदन 2012 में स्वर्ण पदक जीतने के बाद, उनकी मां और अंकल द्वारा शुरू की गई परियोजना का नाम ‘Ruben Limardo Foundation’ रखा गया।

Foundation में अब हमारे पास 20 से अधिक वेनेजुएला के एथलीट हैं।"

"परियोजना का उद्देश्य एथलीट्स को जीवन की गुणवत्ता प्रदान करना है। वेनेजुएला में, कई बच्चों के पास तलवारबाज़ी का अभ्यास करने के साधन नहीं हैं, इसलिए वे इसे एक कुलीन अनुशासन के रूप में देखते हैं। हमारा उद्देश्य इन बच्चों के सपनों को पूरा करना है।"

Jesús Limardo Gascón और वेनेजुएला के Rubén Limardo Gascón लीमा 2019 पैन अमेरिकी खेलों में मेंस फेंसिंग एपी व्यक्तिगत स्वर्ण पदक बाउट में प्रतिस्पर्धा करते हैं। (Buda Mendes/ गेटी इमेज द्वारा फोटो)
Jesús Limardo Gascón और वेनेजुएला के Rubén Limardo Gascón लीमा 2019 पैन अमेरिकी खेलों में मेंस फेंसिंग एपी व्यक्तिगत स्वर्ण पदक बाउट में प्रतिस्पर्धा करते हैं। (Buda Mendes/ गेटी इमेज द्वारा फोटो)
2019 Getty Images

परिवार सबसे ज्यादा मायने रखता है

हालांकि, Limardo, खुद 2012 में फाउंडेशन का चेहरा बन गए थे, लेकिन ओलंपिक स्वर्ण पदक जीतने का विचार तब से ही उनका एक मात्र लक्ष्य था जब वह 14 साल के थे।

Limardo के शब्दों में, "जब मैं 14 वर्ष का था तब से मैं इस परियोजना में विश्वास करता था - बावजूद इसके कि कई लोगों ने मुझे यह बताने में कसर नहीं रखी कि यह असंभव होगा। स्कूल में, अन्य बच्चों ने मेरा मज़ाक उड़ाया क्योंकि उन्हें लगा कि तलवारबाज़ी बोरिंग है। वे बेसबॉल पसंद करते थे, क्योंकि यह वेनेजुएला में सबसे लोकप्रिय खेल है। लेकिन मेरे परिवार ने मुझे सिखाया कि मुझे वही करना चाहिए जिसमें मुझे ‘खुशी’ मिलती हो। और मेरे लिए वह ‘खुशी’ - ‘तलवारबाज़ी’ थी, और इसके लिए मुझे किसी और बात की परवाह नहीं थी।"

इस परियोजना को जारी रखने के लिए, मैंने दोस्तों के साथ पार्टियों या समारोहों में जाना छोड़ दिया... यह मेरी उम्र को देखते हुए आसान नहीं था। लेकिन यह एक एथलीट का जीवन है - जिसमें अनुशासन सबसे अधिक महत्व रखता है।”

स्कूल में, अन्य बच्चों ने मेरा मज़ाक उड़ाया क्योंकि उन्हें लगा कि तलवारबाज़ी बोरिंग है।

लेकिन मेरे परिवार ने मुझे सिखाया कि मुझे वही करना चाहिए, जिसमें मुझे ‘खुशी’ मिलती हो। और मेरे लिए वह ‘खुशी’ - ‘तलवारबाज़ी' थी।

Limardo के भाई भी पेशेवर तलवारबाज़ हैं। वास्तव में, Ruben ने ‘पैन-अमेरिकन चैंपियनशिप’ में अपने भाई Jesus के खिलाफ स्वर्ण के लिए लड़ाई लड़ी - अपने भाई के साथ बराबर की बढ़त पर अंत में रजत जीता।

अब वह टोक्यो में अपने भाइयों के साथ प्रतिस्पर्धा करना चाहते हैं।

"यह मेरा सपना है कि मैं अपने भाइयों के साथ ओलंपिक पदक की जीत हासिल करूं। मैं रंग के बारे में परवाह नहीं करता। मेरे लिए एक परिवार के रूप में पदक जीतना महत्वपूर्ण है। हमें कड़ी मेहनत करने की जरूरत है, क्योंकि कुछ उत्कृष्ट टीमें हैं, जैसे कि फ्रांस, इटली, कोरिया ... ”

लेकिन उनका एक व्यक्तिगत लक्ष्य भी है।

“आज तक ओलंपिक खेलों में पुरुष प्रतियोगिता में किसी भी वेनेजुएला के खिलाड़ी को लगातार दो मैच जीतने का मौका नहीं मिल सका। इसीलिए मैं इसे अपना व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ बनाना चाहता हूं, मैं ओलंपिक खेलों में लगातार दो मैच जीतकर यह रिकॉर्ड कायम करूंगा। यही बात मुझे आगे लगातार लड़ने के लिए प्रेरित करती है।”

स्वर्ण पदक का वजन

Limardo उस लक्ष्य को बनाए रखते हैं, भले ही वह जानते हैं कि स्वर्ण हमेशा अपने आसपास के लोगों में सर्वश्रेष्ठ नहीं लाता है।

"मैंने बहुत कुछ सीखा है, विशेष रूप से प्रसिद्धि और असत्य पर आधारित दुनिया के बारे में जहां लोग आप पर जाल फेंकते हैं, आपकी आलोचना करते हैं, आपसे चीजों का वादा करते हैं, उन्हें पूरा नहीं करते हैं...आप खुद को यह विश्वास करने की अनुमति नहीं दे सकते हैं कि आप दूसरों से अधिक कुछ भी हैं। आपको स्थिति को संभालने के लिए विनम्र होने की आवश्यकता है। एक ऐसे देश में एक पदक हासिल करना, जहां कई वर्षों से किसी ने एक भी पदक न जीता हो, अपने आप में उपलब्धि है और साथ ही यह एक ऐसी जगह है जहां आपकी महत्ता बढ़ जाती है या यूं कहें कि यह देश आपका इस्तेमाल कर सकता है। 

"आप को संतुलन की जरूरत है।”

पोलैंड में कारावास!!

"स्वर्ण पदक को हासिल करने की लालसा ने Limardo को लगातार इतना व्यस्त कर दिया है कि वह एक बार फिर से अपने परिवार से दूर चले गए हैं, यह बिल्कुल ऐसा है जैसे कि वह पोलैंड में ना रह कर कारावास में हैं क्योंकि अपने परिवार से दूर रहना उनके लिए एक तरह से कारावास ही है।”

Limardo के शब्दों में, "हालांकि पोलैंड में स्थिति बेहतर है, लेकिन यह अभी भी मेरे लिए कठिन है। मेरी पत्नी और बेटा वेनेजुएला में वापस आ गए हैं और मेरा 26 मार्च को वापस यात्रा करने का इरादा था। उस समय, महामारी घोषित की गई थी। और मैं यहां फंस गया था। मेरा बेटा लगभग छह महीने का है, लेकिन मुझे केवल नौ दिनों के लिए उसके साथ रहने का मौका मिला है।"

"यह वास्तव में जटिल है, लेकिन यह केवल मेरे बारे में नहीं है।”

"बहुत से लोग एक ही स्थिति में हैं, और सबसे महत्वपूर्ण बात स्वस्थ होना है। जबकि मेरा बेटा स्वस्थ है, दूरी से कोई फर्क नहीं पड़ता। इसी सोच ने मेरे जे़हन को हावी कर दिया था।"