Pooja Rani की स्पोर्टिंग हीरो: निडर और युवा Claressa Shields

Claressa Shields (Gregory Shamus/ गेटी इमेजेज द्वारा फोटो)
Claressa Shields (Gregory Shamus/ गेटी इमेजेज द्वारा फोटो)

भारतीय मुक्केबाज़ Pooja Rani के लिए Claressa Shields ही उनकी नायक हैं, और वह भी तब से जब ये अमेरिकी दिग्गज आज जैसा बड़ा नाम नहीं थीं। 

अगर किसी एथलीट से उनके स्पोर्टिंग हीरो के बारे में पूछा जाए तो ज़्यादातर खिलाड़ी अपने से बड़ी उम्र के दिग्गज एथलीटों का नाम लेते हैं। लेकिन टोक्यो ओलंपिक के लिए जगह बना चुकी भारतीय महिला मुक्केबाज़ Pooja Rani इस मामले में अलग हैं, क्योंकि उनकी स्पोर्टिंग हीरो उनसे चार साल छोटी हैं। पूजा की आदर्श हैं अमेरिकी महिला मुक्केबाज़ Claressa Shields जो अभी 25 साल की हैं।

Shields मौजूदा समय में दुनिया की बेहतरीन महिला मुक्केबाज़ों में से एक हैं, उन्हें T-Rex के नाम से भी जाना जाता है। उन्होंने प्रो-सर्किट में भी अपना जलवा बिखेरा था और 10-0 का अपराजित रिकॉर्ड उनके नाम रहा है।

अमेरिका की ये मुक्केबाज़ पुरुष या महिला मुक्केबाज़ी इतिहास में उन 8 मुक्केबाज़ों में शुमार हैं जिनके नाम सभी अहम प्रो बॉक्सिंग वर्ल्ड टाइटल मौजूद है। अब ये चैंपियन मुक्केबाज़ अपना हाथ मिक्सड मार्शल आर्ट्स में भी आज़मा रही हैं। वह 2021 में प्रोफ़ेशनल फ़ाइटर्स लीग में भी अपना डेब्यू करने के लिए बेक़रार हैं।

हालांकि Pooja Rani की नज़र में Shields की इज़्ज़त और महत्व इन उपलब्धियों से कहीं पहले से ही है। Pooja उन्हें तब से अपना स्पोर्टिंग हीरो मान रही हैं जब Claressa कोई बड़ा नाम नहीं थीं।

ओलंपिक चैनल के साथ ख़ास बातचीत में Pooja ने कहा, “2012 में मेरी एक बाउट थी जिसमें मेरे सामने Claressa Shields थीं। तब में उनसे बहुत ज़्यादा प्रभावित हुई थी, वह एक निडर और शानदार मुक्केबाज़ थीं।“

उस समय Rani महज़ 21 साल की थीं, और उन्होंने मुक्केबाज़ी में अपना करियर बस शुरू ही किया था और चीन में हुई 2012 वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप के पहले राउंड में उनका सामना Shields से हुआ था।

तब Claressa महज़ 17 साल की थीं, लेकिन तभी से ही उन्हें प्रतिभा का धनी माना जाने लगा था क्योंकि उन्होंने एम्योचेर सर्किट में उस मैच से पहले 25-0 की बड़ी जीत के साथ आईं थीं। Pooja Rani कहती हैं कि आज भी उन्हें वह बाउट अच्छी तरह याद है, जैसे कि कल की बात हो।

निडर और आत्मविश्वास से लबरेज़

Rani भले ही वह बाउट 10-27 से हार गईं हों, लेकिन उन्होंने उस समय रिंग गर्व से छोड़ा था क्योंकि उन्हें हार भविष्य की सुपरस्टार से मिली थी।

“उस समय मैं ये नहीं जानती कि वह इतनी अच्छी मुक्केबाज़ हैं। मुझे उनके बारे में इसके बाद ही पता चला था। फिर मैंने उनके बहुत सारे वीडियोज़ भी देखे।"

2012 वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में 17 वर्षीय क्लारेसा शील्ड्स और 21 वर्षीय पूजा रानी के बाउट की तस्वीर (Feng Li/ गेटी इमेज द्वारा फोटो)
2012 वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में 17 वर्षीय क्लारेसा शील्ड्स और 21 वर्षीय पूजा रानी के बाउट की तस्वीर (Feng Li/ गेटी इमेज द्वारा फोटो)
2012 Getty Images

उस बाउट के बाद मिशिगन लाइव के साथ बातचीत में Shield ने कहा था, “मैं नर्वस नहीं थी लेकिन Pooja एक साहसी लड़की है। मैं लगातार पंच कर रही थी और स्कोर बढ़ा रही थी।“

मज़ेदार बात ये है कि Pooja Rani के ख़िलाफ़ उस बाउट ने Shields के करियर में भी नया अयाम लाया। ओलंपिक में वुमेंस मुक्केबाज़ी लंदन 2012 में पहली बार शामिल हो रही थी और वर्ल्ड चैंपियनशिप के ज़रिए ही उन्होंने ओलंपिक में स्थान पक्का किया।

इसके बाद जो हुआ वह तो इतिहास ही बन गया, लंदन 2012 में क्लारेसा ने मिडिलवेट कैटेगिरी (75किग्रा) में स्वर्ण पदक जीता और रियो 2016 में भी उन्होंने अपने इस ख़िताब की रक्षा की।

जब Pooja Rani अपने हीरो से मिलीं

इसके बाद जब Rani की मुलाक़ात Shields से हुई तो वह उनकी बड़ी फ़ैन बन चुकी थीं।

“अस्ताना में हुई 2016 वर्ल्ड चैंपियनशिप में हम दोबारा मिले। तब वह ओलंपिक चैंपियन थीं और इसलिए मैंने उनके साथ एक फ़ोटो लेना चाहा और मेरी ये ख़्वाहिश पूरी हुई।"

Rani ने ये भी स्वीकार किया कि उन्होंने Shields से बहुत कुछ सीखा भी है, ख़ास तौर से किसी भी परिस्थिति में और किसी भी प्रतिद्वंदी के ख़िलाफ़ पॉज़िटिव रहना, उन्होंने Claressa Shields को देखकर ही सीखा है।

अगले साल Pooja Rani अपने ओलंपिक सपने को सच करने के लिए तैयार हैं।

Pooja ने टोक्यो का टिकट एशियन बॉक्सिंग क्वालिफ़ायर्स में हासिल किया था, और अब उनकी नज़र अपनी हीरो Claressa Shields के नक़्श-ए-क़दम पर चलते हुए ओलंपिक में इतिहास रचने पर है।

ओलंपिक चैनल द्वारा