प्लेबैक रियो - Eri Tosaka और आखिरी दो सेकंड में उनकी जीत की दिलचस्प कहानी

रियो 2016 ओलंपिक खेलों में महिला फ्रीस्टाइल 48 किग्रा स्पर्धा में जापान की Eri Tosaka ने अजरबैजान की Mariya Stadnik के खिलाफ स्वर्ण जीतने के बाद जश्न मनाया।
रियो 2016 ओलंपिक खेलों में महिला फ्रीस्टाइल 48 किग्रा स्पर्धा में जापान की Eri Tosaka ने अजरबैजान की Mariya Stadnik के खिलाफ स्वर्ण जीतने के बाद जश्न मनाया।

ओलंपिक खेलों रियो 2016 में जापान ने कुल 41 पदक (12 स्वर्ण, 8 रजत और 21 कांस्य) जीते। लेकिन, ओलंपिक खेलों में प्रतिस्पर्धा के दौरान जापानी एथलीट्स के दिमाग में क्या विचार आए? इस श्रृंखला में, हम चार साल पहले ब्राजील में जापानी खिलाड़ियों के कुछ शानदार प्रदर्शन पर एक नज़र डालते हैं।

महिला फ्रीस्टाइल कुश्ती में Tosaka ने स्वर्ण पदक जीता
01:42

महिलाओं की फ्रीस्टाइल कुश्ती 48 किग्रा भार वर्ग के फाइनल में

परिणाम

Eri Tosaka (जापान)

3-2

Mariya Stadnik (अज़रबैजान)

दूसरी अवधि में केवल 25 सेकंड बचे होने के साथ, Eri Tosaka 1-2 से पीछे थी।

जापानी पहलवान हार के कगार पर थी। उनकी प्रतिद्वंद्वी Mariya Stadnik - ओलंपिक 2012 लंदन में एक रजत पदक विजेता, थकी हुई लग रही थी, लेकिन उन्हें केवल सोने का दावा करने के लिए अपनी बढ़त बनाए रखनी थी। एक सेकंड के लिए, Tosaka ने सोचा कि वह हारने वाली है, लेकिन फिर उन्होंने जल्दी से सारी नकारात्मकता को दूर कर दिया और मैच में वापसी करने की ठान ली।

मैच खत्म होने में 13 सेकंड पहले, Tosaka ने Stadnik के दाहिने पैर को पकड़ लिया।

जापानी पहलवान ने सोचा, "यह एक वापसी करने और इस बाउट को जीतने का एकमात्र मौका है, और फिर उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी को उठाकर मैट पर फेंक दिया और दो महत्वपूर्ण अंक हासिल किए। केवल दो सेकंड बचे होने के साथ, बाउट समाप्त हो गई, और Tosaka ने अपना पहला ओलंपिक स्वर्ण पदक जीत लिया।

Tosaka ने 2013 से लगातार तीन विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में पोडियम में शीर्ष स्थान हासिल किया था, लेकिन रियो 2016 से छह महीने पहले, फरवरी 2016 में एशियाई चैंपियनशिप में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इस हार ने उनकी लगातार 59 मुकाबलों की विनिंग स्ट्रीक को समाप्त कर दिया।

उस बाउट में हारने के बाद, रियो खेलों में स्वर्ण पदक जीतने का उनका दृढ़ संकल्प और बढ़ गया। शीर्ष पुरस्कार जीतने के लिए पसंदीदा में से एक के रूप में, उन्होंने प्रतिस्पर्धा की और राउंड ऑफ़ 16 और क्वार्टरफाइनल बाउट में 6-0 और 11-2 के स्कोर के साथ जीत दर्ज की। सेमीफाइनल में उन्होंने चीनी पहलवान Yanan Sun का सामना किया और उन्हें 8-3 से हराया। ऐसा करके Tosaka ने एशियाई चैंपियनशिप मे अपनी हार का बदला लिया।

Tosaka का 2015 वर्ल्ड कुश्ती चैंपियनशिप के फाइनल में अज़रबैजानी पहलवान, Stadnik के साथ मैच हुआ था - जिसके दौरान वह 3-2 से जीत हासिल करने के लिए अंत से 10 सेकंड पहले एक बड़ा अंक हासिल करने में सफल रही थी।

एक साल बाद, दोनों पहलवानों ने रियो 2016 ओलंपिक खेलों में स्वर्ण पदक के लिए एक-दूसरे का सामना किया।

रियो 2016 ओलंपिक खेलों में महिला फ्रीस्टाइल 48 किग्रा गोल्ड मेडल बाउट के दौरान जापान की Eri Tosaka का मुकाबला अजरबैजान की Mariya Stadnik से हुआ।
रियो 2016 ओलंपिक खेलों में महिला फ्रीस्टाइल 48 किग्रा गोल्ड मेडल बाउट के दौरान जापान की Eri Tosaka का मुकाबला अजरबैजान की Mariya Stadnik से हुआ।
Lars Baron/Getty Images

"मैं अपने पहले ओलंपिक खेलों में स्वर्ण पदक जीतने में सक्षम होने के लिए बहुत खुश हूं। मैं अपने वरिष्ठ साथियों के साथ खेलों में भाग लेने के लिए भी बहुत खुश हूं - जिनकी मैंने हमेशा प्रशंसा की है। हम हर दिन एक-दूसरे के साथ प्रशिक्षण लेते हैं," Tosaka ने कहा।

Tosaka की आखिरी सेकंड की जीत उनके कट्टर प्रशिक्षण का परिणाम है जो वह हर दिन करती हैं। 22 वर्षीय पहलवान ने महान ओलंपिक पहलवानों, Saori Yoshida और Kaori Icho के नक्शेकदम पर चलने का फैसला किया और उनसे यह सीखा की कभी हार नहीं माननी।

उसी दिन 58 किग्रा और 69 किग्रा भार वर्ग में Tosaka के मैच के बाद, Icho और Sara Dosho ने भी आखरी-सेकंड जीत हासिल की। उनके मुकाबले Tosaka के बाउट से मिलते जुलते थे।

Dosho ने स्वीकार किया कि उन्होंने अपने मैच से पहले Tosaka और Icho के मुकाबलों को देखा था, जिसने उनके कभी हार न मानने के संकल्प को और मजबूत किया।

जापान की महिला कुश्ती टीम ने रियो 2016 में चार स्वर्ण पदक जीते। स्वर्ण पदक जीतने वाली Tosaka को पता था कि अगर वह अपना मुकाबला जीत लेती हैं, तो वह अन्य पहलवानों को जीत के लिए प्रेरित कर सकती हैं।