प्लेबैक रियो: जब ‘तीन जीनियस’ ने दर्ज किया टेबल टेनिस के इतिहास का नया अध्याय!

जापान के रजत पदक विजेता Jun Mizutani, Maharu Yoshimura और Koki Niwa ने रियो 2016 ओलिंपिक खेलों के 12वें दिन चीन के खिलाफ मेंस टेबल टेनिस टीम स्वर्ण पदक के लिए खेले गए मैच के बाद पदक समारोह के दौरान जश्न मनाया।
जापान के रजत पदक विजेता Jun Mizutani, Maharu Yoshimura और Koki Niwa ने रियो 2016 ओलिंपिक खेलों के 12वें दिन चीन के खिलाफ मेंस टेबल टेनिस टीम स्वर्ण पदक के लिए खेले गए मैच के बाद पदक समारोह के दौरान जश्न मनाया।

जापान ने ओलंपिक खेलों रियो 2016 में कुल 41पदक (12 स्वर्ण, 8 रजत और 21 कांस्य) जीते, लेकिन जापानी एथलीट्स के मन में ऐसे कौन से विचारों ने जन्म लिया जिससे कि प्रेरित होकर वे सभी के सभी खेलों के सबसे बड़े मंच पर दिखाई दिए? इस श्रृंखला में, हम चार साल पहले ब्राजील में जापानी खिलाड़ियों के कुछ शानदार प्रदर्शन पर एक नज़र डालते हैं।

टेबल टेनिस: मेंस टीम गोल्ड मैच | रियो 2016 रिप्ले
02:14:00

Jun Mizutani ने कहा, "मुझे विश्वास था कि हम इस बार चीन को हरा सकते हैं, इसलिए मैं वास्तव में निराश हूं कि हम हार गए हैं।"

जापान ने फाइनल में चीन का सामना किया और टेबल टेनिस में पुरुषों की राष्ट्रीय टीम ने अपना पहला पदक हासिल किया। इस बीच चीन लगातार तीसरी जीत हासिल कर रहा था।

जापान ने अच्छा प्रदर्शन किया लेकिन मजबूत चीनी टीम की जीत ने उन्हें पीछे छोड़ दिया, जिसमें चीन 3-1 से विजयी रहा। फिर भी, Mizutani को टीम की बढ़त से बहुत प्रोत्साहन मिला। उन्होंने कहा: "इसमें कोई संदेह नहीं है कि वह दिन निकट है जब हम चीन को हराएंगे।"

फाइनल मैच के पहले दौर में Koki Niwa को Ma Long से सीधे सेटों में हार का सामना करना पड़ा, जिन्होंने खेलों के दौरान एकल स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता था। हालांकि, दूसरे एकल दौर में,  Mizutani ने Xu Xin पर जीत हासिल करके जापान की टीम में सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी के रूप में अपने प्रचार का काम किया, जो उस समय दुनिया में नंबर 3 पर था, और मैच का स्तर 1-1 पर लाया।

अगले तीसरे डबल्स दौर में, Koki Niwa और Kazuhiro Yoshimura ने गति पकड़ी और पहला गेम 11-4 से जीत लिया, जिससे एक उम्मीद बढ़ गई। हालांकि, चीनी जोड़ी ने अपनी मांसपेशियों को फ्लेक्स करना शुरू कर दिया और उन कौशल को दिखाना शुरू किया जो वे दिखाने के आदी रहे हैं, इसके साथ ही चीनी जोड़ी ने बैक-टू-बैक लगातार तीन सेट जीते और 2-1 की समग्र बढ़त ली।

चौथे राउंड में, Yoshimura को Ma Long से सीधे-सीधे हार का सामना करना पड़ा, जिससे जापानी टीम के स्वर्ण पदक पर दावा करने की आखिरी उम्मीद भी खत्म हो गई।

हालांकि, जापान से चीन को हराने के अपने लक्ष्य में कमी रह गई, फिर भी एथलीट परेशान नहीं हुए।

जापान के Koki Niwa ने रियो 2016 ओलिंपिक खेलों के 12वें दिन रिओन्ट्रो - पैवेलियन 3 में चीन के Ma Long के खिलाफ मेंस टेबल टेनिस स्वर्ण पदक मैच के दौरान प्रतिस्पर्धा की।
जापान के Koki Niwa ने रियो 2016 ओलिंपिक खेलों के 12वें दिन रिओन्ट्रो - पैवेलियन 3 में चीन के Ma Long के खिलाफ मेंस टेबल टेनिस स्वर्ण पदक मैच के दौरान प्रतिस्पर्धा की।
Phil Walter/Getty Images

Mizutani, एकल स्पर्धा में कांस्य पदक जीतने वाले पहले जापानी खिलाड़ी, पुरुष या महिला, टीम स्पर्धा में अपने सभी खेलों में विजेता रहे। यहां तक ​​कि उन्होंने Xu Xin, MA Long, FAN Zhendong, और Zhang Jike के "बिग फोर" में से एक को हराया।

खेलों में एकमात्र मैच जो Mizutani हारा था, वह MA Long के खिलाफ सेमीफाइनल मैच था। इस मैच में भी, Mizutani ने चीनी खिलाड़ी को कड़ी टक्कर दी।

उन्होंने कहा, "मैं पिछले 10 सालों से 'बिग फोर' खिलाड़ियों में से किसी के खिलाफ नहीं जीता था," उन्होंने ओलंपिक खेलों के सबसे बड़े मंच पर एक को हराया, वह भी फाइनल में – “मुझे पदक की तुलना में इसके अलावा और क्या चाहिए।”

Koki Niwa ने एकल में भी अच्छा प्रदर्शन किया और अंतिम आठ में जगह बनाई, हालांकि वह टीम स्पर्धा में अपनी पूरी क्षमता नहीं दिखा पाए थे। टीम इवेंट में डबल्स राउंड के दौरान Yoshimura ने कुछ बेहतरीन मूव्स के प्रदर्शन कर टीम का हौसला बुलंद किया। टीम मैनेजर, KURASHIMA Yosuke ने Mizutani, Niwa और Yoshimura को "तीन जीनियस" का उपनाम दिया।

2007 से 2016 के दशक के दौरान, इन तीन खिलाड़ियों ने ऑल जापान टेबल टेनिस चैंपियनशिप (Mizutani ने आठ बार, Koki Niwa और Kazuhiro Yoshimura - एक बार प्रत्येक) में सभी उपलब्ध खिताबों पर अपना वर्चस्व कायम किया था। Kurashima ने गर्व से कहा, "मैं कह सकता हूं कि मैं सबसे विश्वसनीय खिलाड़ियों को रियो 2016 में भेजने में सक्षम था। यदि वे स्वर्ण पदक को सुरक्षित करने के लिए पर्याप्त नहीं थे, तो हम इस से अधिक और कुछ नहीं कर सकते थे।

"मैं गहरी भावना से भर जाता हूं जब मैं यह सोचता हूं कि ये तीन जापानी प्रतिभाएं आखिरकार जापान के मेंस टेबल टेनिस का दरवाजा खोलने में सक्षम रहे।“

रियो 2016 खेलों तक, स्पॉटलाइट जापान की महिला टेबल टेनिस टीम पर चमकती रही, इसके पीछे इनके स्टार खिलाड़ियों Ai-Fukuhara और Kasumi Ishikawa की प्रभावपूर्ण प्रतिभा थी, जिसके बल पर उन्होंने ना केवल रियो 2016 में प्रभावशाली परिणाम प्राप्त किए - बल्कि लंदन-2012 खेलों में भी टीम स्पर्धा में रजत पदक हासिल कर जीत दर्ज की।

Mizutani ने पुरुषों की टेबल टेनिस को नक्शे पर लाने की अपनी महत्वाकांक्षा और इच्छा को प्रकट किया, "मैंने हमेशा से दृढ़ता के साथ महसूस किया कि एक दिन पुरुषों की टीम भी पदक जीत कर रहेगी।"

रियो 2016 में यह शानदार इच्छा पूरी हुई। रजत पदक जीतने के बाद, इसमें कोई संदेह नहीं है कि पुरुषों की टीम टोक्यो 2020 में बहुत ध्यान आकर्षित करेगी।

जर्मनी को सेमीफाइनल में हराने के बाद खुद का पदक सुनिश्चित करते हुए Mizutani ने टिप्पणी की,

"एकल स्पर्धा में पदक जीतना एक व्यक्तिगत सपना है, लेकिन टीम स्पर्धा में पदक जीतना हर सदस्य का सपना होता है। हमने जो पदक हासिल किया है, वह जापान के पुरुष टेबल टेनिस टीम के इतिहास में पहले एक पदक की जीत के रूप में याद किया जाएगा। उम्मीद है, यह एक बड़ी जीत होगी जो हमें रियो 2016 से टोक्यो 2020 तक एक विशाल छलांग लगाने की अनुमति देगी।”

इस तरह "तीन जीनियस" ने जापानी टेबल टेनिस के इतिहास में एक नया अध्याय बनाया।

वे टोक्यो 2020 में स्वर्ण जीतने का प्रयास जारी रखेंगे, और हर सदस्य के सपने को एक बार फिर से साकार करेंगे।