प्लेबैक रियो: Ayaka Takahashi और Misaki Matsutomo ने आपसी विश्वास और मजबूत बांड के माध्यम से स्वर्ण पदक जीता

रियो 2016 ओलंपिक खेलों में महिला युगल बैडमिंटन के लिए पदक समारोह के दौरान स्वर्ण पदक विजेता जापान के Misaki Matsutomo और Ayaka Takahashi ने पोडियम पर पोज दिया।
रियो 2016 ओलंपिक खेलों में महिला युगल बैडमिंटन के लिए पदक समारोह के दौरान स्वर्ण पदक विजेता जापान के Misaki Matsutomo और Ayaka Takahashi ने पोडियम पर पोज दिया।

ओलंपिक खेलों रियो 2016 में जापान ने कुल 41 पदक (12 स्वर्ण, 8 रजत और 21 कांस्य) जीते। लेकिन, ओलंपिक खेलों में प्रतिस्पर्धा के दौरान जापानी एथलीट्स के दिमाग में क्या विचार आए? इस श्रृंखला में, हम चार साल पहले ब्राजील में जापानी खिलाड़ियों के कुछ शानदार प्रदर्शनों पर एक नज़र डालते हैं।

बैडमिंटन: महिला डबल्स का गोल्ड मेडल मैच | रियो 2016 रीप्ले
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यह वास्तव में शानदार वापसी में से एक था।

तीसरे गेम में 16-19 के स्कोर के साथ, डेनमार्क की जोड़ी के लिए जीत से दो अंक दूर - Ayaka Takahashi और Misaki Matsutomo की जापानी जोड़ी को स्वर्ण पदक जीतने का मौका गंवाने की सख्त संभावना का सामना करना पड़ा।

Takahashi ने कहा, "एक सेकंड के लिए, मुझे लगा कि हम हारने वाले हैं।"

फिर भी, इस करो या मरो स्थिति में भी, जापानी जोड़ी ने सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए रखा।

"भले ही हम हार जाते, मैं डेनिश जोड़ी को आश्चर्यचकित करना चाहती थी । इस धारणा ने हमें मैच में वापसी करने में मदद की। इसके अलावा, हमें इतना मज़ा आ रहा था कि अंत में, हम लगभग भूल गए थे कि दांव पर क्या था," Matsutomo ने कहा।

जब नेट शॉट के साथ Matsutomo को एक अंक मिला, तो माहौल बदल गया। उत्कृष्ट टीम-प्ले की बदौलत जापानी जोड़ी ने रैलियों में बढ़त बनाई, आक्रामक तरीके से आगे बढ़ी और अपने विरोधियों को हराया। इससे पहले कि वे इसे महसूस करते, वे डेनिश जोड़ी से 20-19 की स्कोरलाइन से आगे थे।

Takahashi ने आखिरी अंक हासिल किया। लगातार पांच अंक बनाकर, जापानी जोड़ी पोडियम के शीर्ष पर पहुंच गई।

रियो 2016 ओलंपिक खेलों में महिला डबल्स बैडमिंटन गोल्ड मेडल मैच के दौरान जापान की Misaki Matsutomo और Ayaka Takahashi ने डेनमार्क की Christinna Pedersen और Kamilla Rytter Juhl के खिलाफ मैच जीतने का जश्न मनाया।
रियो 2016 ओलंपिक खेलों में महिला डबल्स बैडमिंटन गोल्ड मेडल मैच के दौरान जापान की Misaki Matsutomo और Ayaka Takahashi ने डेनमार्क की Christinna Pedersen और Kamilla Rytter Juhl के खिलाफ मैच जीतने का जश्न मनाया।
David Ramos/Getty Images

दुनिया में नंबर 1, Taka-Matsu (Takahashi और Matsutomo) की जोड़ी, जैसा कि वे प्यार से जापान में जाने जाते हैं, ओलंपिक फाइनल में पहुंचे।

इस पॉइंट तक, वे रियो 2016 में केवल एक ही गेम हारे थे, वो भी क्वार्टरफाइनल में। हालाँकि, उन्होंने संघर्ष भी किया। 2014 में नंबर एक रैंकिंग प्राप्त करने के बाद, वे विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप में नियमित रूप से मैच जीतने में असमर्थ थे क्योंकि उन्होंने खुद पर काफी दबाव दाल दिया था।

“निराशाजनक परिणामों ने वास्तव में हमारे पक्ष में काम किया। हर साल, हम विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप में अपनी हार से सबक लेते हैं, और हमें विश्वास है कि हम उन अनुभवों के कारण ही सफलता की सीढ़ी चढ़ पाए," Matsutomo ने कहा।

इस बीच, Takahashi को बहुत विश्वास था कि टीम वर्क के साथ वे स्वर्ण पदक हासिल कर सकते हैं।

“हमारी व्यक्तिगत क्षमताओं के संदर्भ में, मुझे संदेह है कि हम वास्तव में दुनिया में नंबर 1 के स्थान पर आने के योग्य हैं, लेकिन जब यह हमारी टीम के खेलने की बात आई, तो मुझे विश्वास हो गया कि हम दुनिया में सर्वश्रेष्ठ हैं। मुझे विश्वास था कि अगर हम इसी तरह खेलते रहे, तो हम और पदक जीत सकते हैं,” उन्होंने समझाया।

मैच के आखिरी चरण में एक अविश्वसनीय वापसी केवल उस विश्वास और समझ के कारण हो सकती है जो उन्होंने वर्षों में बनाया है।

रियो 2016 ओलंपिक खेलों में महिला युगल बैडमिंटन स्वर्ण पदक मैच के दौरान जापान की Ayaka Takahashi ने प्रतिक्रिया दी।
रियो 2016 ओलंपिक खेलों में महिला युगल बैडमिंटन स्वर्ण पदक मैच के दौरान जापान की Ayaka Takahashi ने प्रतिक्रिया दी।
David Ramos/Getty Images

Takahashi और Matsutomo ने पहली बार एक दशक पहले एक जोड़ी के रूप में मैच खेला था, जब Takahashi दूसरे ईयर में थी, जबकि Matsutomo उसी उच्च विद्यालय में पहले ईयर में थी।

Takahashi ने कहा, "हम दोनों एकल सिंगल्स थे, हम डबल्स में भागीदार नहीं थे। हमारे कोच ने जोड़ी बनाने के लिए हमें एक साथ रखा।"

"दस साल पहले, मुझे नहीं लगता कि हममें से किसी ने भी सोचा था कि हम एक जोड़ी बनाएंगे। लेकिन अगर Matsutomo मेरी साथी न होती, तो शायद मुझे डबल्स में खेलने के मज़े के बारे में कुछ ना पता होता। इसलिए मैं उनकी आभारी हूं।”

इसके बारे में Matsutomo ने कहा, "अगर Takahashi के अलावा मेरा कोई और साथी होता तो शायद में कभी विश्व स्तर पर नहीं खेल पाती। मैं बहुत खुश हूं की हम मेहनत करते रहे और अपने सपनों का पीछा करना कभी नहीं छोड़ा।

रियो खेलों से पहले जापान में महिलाओं के बैडमिंटन के डबल्स के इतिहास में, Satoko Suetsuna और Miyuki Maeda की जोड़ी बीजिंग 2008 में चौथे स्थान पर रही। हालांकि, चार साल बाद, जोड़ी Mizuki Fujii और Reika Kakiiwa ने बेहतर प्रदर्शन किया और लंदन 2012 ओलंपिक खेलों में रजत पदक जीता।

रियो 2016 में स्वर्ण पदक प्राप्त करके, Takahashi और Matsutomo ने जापान के लंबे समय से प्रतिष्ठित सपने को पूरा किया।