प्लेबैक रियो - जब जापान की महिला टेबल टेनिस टीम ने कांस्य पदक जीतकर अपने देश को गौरवान्वित किया

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ओलंपिक खेलों रियो 2016 में जापान ने कुल 41 पदक (12 स्वर्ण, 8 रजत और 21 कांस्य) जीते। लेकिन, ओलंपिक खेलों में प्रतिस्पर्धा के दौरान जापानी एथलीट्स के दिमाग में क्या विचार आए? इस श्रृंखला में, हम चार साल पहले ब्राजील में जापानी खिलाड़ियों के कुछ शानदार प्रदर्शन पर एक नज़र डालते हैं।

जापान महिला टेबल टेनिस टीम ने कांस्य पदक जीता
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महिला टेबल टेनिस टीम कांस्य पदक मैच के लिए परिणाम

जापान 3 - 1 सिंगापुर

(FUKUHARA Ai 2 - 3 YU Mengyu)

(ISHIKAWA Kasumi 3 - 0 FENG Tianwei)

(FUKUHARA Ai, ITO Mima 3 - 1 YU Mengyu, ZHOU Yihan)

(ITO Mima 3 - 0 FENG Tianwei)

ओलंपिक खेलों रियो 2016 में जापान की महिलाओं की टेबल टेनिस टीम का मुख्य उद्देश्य शक्तिशाली चीनी टीम पर विजय प्राप्त करना था।

लंदन 2012 ओलंपिक और 2016 विश्व टेबल टेनिस चैंपियनशिप में, पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना ने जापान को हराया था। जापान जिसे 'टेबल टेनिस की भूमि' के रूप में जाना जाता था, अतीत हार का बदला लेने और रियो 2016 खेलों में सर्वोच्च शासन करने के लिए तैयार था।

चीनी टीम को हराने की बात तो दूर की है, जापान रियो खेलों में फाइनल तक भी नहीं पहुंच सका - वे सेमीफाइनल में जर्मनी से 2-3 से हार गया था।

लेकिन कम से कम, जापानी टीम ने 2016 ओलंपिक में पदक जीतने के अपने लक्ष्य को हासिल किया।

जर्मनी के खिलाफ लंबे और थका देने वाले सेमीफाइनल के बाद, ऐसी चिंताएं थीं कि जापान की राष्ट्रीय टीम के सदस्य - FUKUHARA Ai, ISHIKAWA Kasumi और ITO Mima शारीरिक थकान का अनुभव कर सकते हैं। हालांकि, उन्हें आराम का दिन मिला, क्योंकि उन्हें सिंगापुर के खिलाफ कांस्य पदक मैच की तैयारी करनी थी।

इसके बाद कांस्य पदक मैच आया - जहां जापान की शुरुआत अच्छी नहीं रही। पहला गेम जीतने के बावजूद Fukuhara पहला मैच हार गई। दूसरी ओर, उनकी टीम की साथी, Ishikawa ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया और सिंगापुर की एथलीट, FENG Tianwei को हराया - जिन्होंने लंदन 2012 खेलों में एकल कांस्य पदक मैच में उन्हें हराया था। मैच के बाद, Ishikawa ने कहा, "मैं यह दिखाना चाहती थी कि पिछले चार वर्षों में मेरे गेम में कितना सुधार आया है।"

रियो 2016 ओलंपिक खेलों में जापान की Mima Ito, Kasumi Ishikawa और Ai Fukuhara ने सिंगापुर के खिलाफ महिला टीम कांस्य पदक जीतने का जश्न मनाया। (Mike Ehrmann/ गेटी इमेज द्वारा फोटो)
रियो 2016 ओलंपिक खेलों में जापान की Mima Ito, Kasumi Ishikawa और Ai Fukuhara ने सिंगापुर के खिलाफ महिला टीम कांस्य पदक जीतने का जश्न मनाया। (Mike Ehrmann/ गेटी इमेज द्वारा फोटो)
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Ishikawa की जीत ने जापानी टीम को वह मोमेंटम प्रदान किया जिसकी उन्हें जरूरत थी। बाद में, Fukuhara और Ito ने डबल्स मैच 3-1 से जीता। अब, जापानी टीम को रियो खेलों में कांस्य पदक जीतने के लिए सिर्फ एक मैच जीतने की आवश्यकता थी। इस बीच, जापानी टीम की सबसे कम उम्र की सदस्य, 15 वर्ष की Ito ने चौथे मैच में सिंगापुर की Feng का सामना किया।

कांस्य पदक मैच में अपनी निराशा को बाहर निकालने के लिए, उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी को अपने सिग्नेचर हाई-स्पीड रैली के साथ इधर-उधर घुमाया और स्ट्रैट गेम्स जीतें।

Fukuhara ने कहा, "यह मेरा अब तक का सबसे कठिन ओलंपिक रहा है।" उन्होंने आगे बताया, टीम में हर कोई रियो खेलों 2016 में कांस्य पदक जीतने के बाद रोया था।

इस बीच, एकल स्पर्धा में, 27 वर्षीय Ishikawa, पहले ही दौर में हार गई थी - वह उस समय विश्व में तीसरे नंबर पर थी। हालांकि टीम स्पर्धा के दौरान उन्होंने अपनी टीम को सभी मैच जीतने के लिए प्रेरित किया।

"मेरे लिए, रियो में कांस्य पदक जीतना लंदन ओलंपिक 2012 में जीते गए रजत पदक से बड़ा है। पहला एकल मैच हारने के बाद मैं बहुत निराश थी। लेकिन, बाद में, उसी हार ने मुझे टीम स्पर्धा में हार का बदला लेने के लिए और अधिक दृढ़ बना दिया," उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा।

उन्होंने कहा, “आप कभी नहीं जान सकते कि ओलंपिक में क्या होगा। मैंने महसूस किया कि ओलंपिक पदक जीतना कितना कठिन है।

कठिन समय के दौरान तीनों साथियों ने एक दूसरे का समर्थन किया और टीम के प्रयास के परिणामस्वरूप, उन्होंने कांस्य पदक हासिल किया।

हालांकि वे पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना का सामना नहीं कर सके, लेकिन रियो खेलों में उनका कांस्य पदक जीतना अभी भी बहुत मूल्यवान था।