अतीत को जानें - Ostermeyer, फ्रांसीसी पियानिस्ट जिन्होंने लंदन 1948 में तीन पदक जीते

लंदन ओलंपिक खेलों में महिला डिस्कस फ़ाइनल के बाद रोस्टम पर खड़ी है - (बाएं से दाएं) इटली की Edera Cordiale Gentile, फ्रांस की Micheline Ostermeyer और फ्रांस की Jacqueline Mazeas (Keystone/ गेटी इमेज के साथ फोटो)
लंदन ओलंपिक खेलों में महिला डिस्कस फ़ाइनल के बाद रोस्टम पर खड़ी है - (बाएं से दाएं) इटली की Edera Cordiale Gentile, फ्रांस की Micheline Ostermeyer और फ्रांस की Jacqueline Mazeas (Keystone/ गेटी इमेज के साथ फोटो)

ओलंपिक खेल चैंपियन, रिकॉर्ड और अद्भुत कहानियों से भरे हुए हैं, लेकिन इसके अलावा, कुछ याद रखने वाले अजीब, मजाकिया, भावनात्मक और दुखद पल भी शामिल हैं। हम हर हफ्ते आपके लिए कुछ कहानियाँ लाएँगे जो या तो आपके चेहरे पर मुस्कान लाएँगी या आपको रुला देंगी। इस हफ्ते, हम Micheline Ostermeyer की कहानी पर एक नज़र डालते हैं, एक महान पियानिस्ट जिन्होंने ओलंपिक में भी पदक जीते थे।

बैकग्राउंड

यह Micheline Ostermeyer की एक कहानी है। जब वह चार साल की थी, तब वह अपनी माँ के साथ पियानो बजाती थी; जब वह 13 साल की हुई, तब उन्हें पेरिस के Conservatoire national de musique में पियानो बजाने के लिए चुना गया, जो उनके लिए एक बड़ी उपलब्धि थी।

16 साल की उम्र में, जब दूसरा विश्व युद्ध शुरू होने वाला था, Ostermeyer ट्यूनीशिया की राजधानी ट्यूनिस में अपने माता-पिता और भाइयों के साथ रहने लगी। और इस दौरान उन्होंने अपनी एथलेटिक्स क्षमताओं पर काम करने के बारे में सोचा।

एथलेटिक्स में उन्होंने हाई जम्प, शॉट पुट और डिस्कस में अपनी पहचान बनाई।

Ostermeyer के लिए, उन्हें यह सुनिश्चित करना था कि वह चोटिल तो नहीं हो रही है, क्योंकि उन्हें पियानो भी बजाना था।

“मैंने आनंद के लिए खेल का अभ्यास किया; पियानो हमेशा मेरी प्राथमिकता थी,” उन्होंने कहा।

अहम पल

Ostermeyer ने एथलेटिक्स और संगीत दोनों में बहुत ऊँचाइयाँ हासिल की - वह कंसर्वेटोएयर पुरस्कार विजेता थी और कई बार फ्रेंच एथलेटिक्स चैंपियन भी बनीं।

लंदन 1948 ओलंपिक खेलों में, कुल 4,104 में से लगभग 390 महिला एथलीट्स ने खेलों में भाग लिया।

हालांकि, खेलों में स्वर्ण पदक जीतना उनके लिए आसान नहीं था, खासकर क्योंकि शॉट पुट और हाई जम्प के साथ, Ostermeyer ने डिस्कस थ्रो में प्रतिस्पर्धा की, एक अनुशासन जिसे उन्होंने कुछ सप्ताह पहले ही खोजा था। लेकिन, वह फाइनल के लिए क्वालीफाई करने में सफल रही - जहां, 41.92 मी थ्रो के साथ, उन्होंने स्वर्ण पदक जीता। बाद में शाम को, उन्होंने फ्रांसीसी टीम के साथ अपनी जीत का जश्न मनाने के लिए एक छोटे से कार्यक्रम में प्रदर्शन किया।

शॉट पुट में, पियानिस्ट ने अपने पहले थ्रो के साथ लीड ली, और अपना दूसरा ओलंपिक स्वर्ण जीतने में सफल रही।

तीन दिन बाद, अपने अंतिम इवेंट में - हाई जम्प में, वह अपना तीसरा स्वर्ण पदक नहीं जीत सकी। हालांकि, Ostermeyer ने 1.61 मीटर जंप के साथ कांस्य का दावा किया।

परिणाम

शॉट पुट और 80 मीटर हर्डल्स दौड़ स्पर्धा में 1950 यूरोपीय एथलेटिक्स चैंपियनशिप में दो कांस्य पदक जीतने के बाद, वह 1951 में रिटायर हो गई। बाद में Ostermeyer एक फुल टाइम कॉन्सेप्ट पियानिस्ट और एक प्रोफेसर बन गयी। हालांकि 2001 में 78 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया।

1992 में, उन्हें सर्वोच्च फ्रांसीसी सम्मान Legion of Honour से सम्मानित किया गया।

उन्हें वर्ल्ड ओलंपियन एसोसिएशन की ओर से ओलंपियन इन लाइफ प्रोजेक्ट में शामिल किया गया था, जो उन ओल्य्म्पियन्स को सम्मान करते है - जिन्होंने समाज में महत्वपूर्ण योगदान दिया है और दुनिया के लिए एक स्थायी विरासत छोड़ी है।