एकलौता ओलंपिक पदक: जब Majlinda Kelmendi ने कोसोवो को सपने देखने का दिया कारण

स्वर्ण पदक विजेता, कोसोवो की Majlinda Kelmendi और रजत पदक विजेता, इटली की Odette Giuffrida ने रियो 2016 ओलंपिक खेलों के दिन 2 पर महिला -52 किलोग्राम जूडो के लिए पदक समारोह के दौरान पोडियम पर पोज दिया।
स्वर्ण पदक विजेता, कोसोवो की Majlinda Kelmendi और रजत पदक विजेता, इटली की Odette Giuffrida ने रियो 2016 ओलंपिक खेलों के दिन 2 पर महिला -52 किलोग्राम जूडो के लिए पदक समारोह के दौरान पोडियम पर पोज दिया।

ओलंपिक मैडल जीतना हजारों एथलीट्स के लिए एक लक्ष्य है, लेकिन इन 24 देशों के लिए यह एक सपना है जो केवल एक बार ही सच हुआ है। Tokyo2020.org उन शानदार क्षणों पर एक नज़र डालता है।

बैकग्राउंड

यूगोस्लाविया के टूटने और उसके बाद हुए युद्ध के बाद, कोसोवन एथलीट ओलंपिक खेलों में अपने राष्ट्रीय ध्वज के नीचे प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम नहीं थे। हालांकि, 9 दिसंबर 2014 को अपने 127वें सत्र के दौरान IOC ने इस पर निर्णय दिया।

उस सत्र के दौरान, IOC के अध्यक्ष, Thomas Bach ने घोषणा की कि कोसोवो ओलंपिक समिति IOC और ओलंपिक परिवार का पूर्ण सदस्य होगा।

कोसोवो के खिलाड़ियों के लिए, यह एक बहुत बड़ा क्षण था, यह ऐसा था जैसे एक सपना उनके लिए सच हो गया हो। इस निर्णय के कारण, राष्ट्र 2016 के रियो ओलंपिक खेलों में भाग ले सकता है। उस खेल के दौरान ही, हमारी कहानी के नायक Majlinda Kelmendi ने अपने देश को गौरवान्वित किया।

रियो 2016 ओलंपिक में कोसोवो की Majlinda Kelmendi ने महिला 52 किग्रा में स्वर्ण पदक जीतने के बाद जश्न मनाया।
रियो 2016 ओलंपिक में कोसोवो की Majlinda Kelmendi ने महिला 52 किग्रा में स्वर्ण पदक जीतने के बाद जश्न मनाया।
Laurence Griffiths/Getty Images

सुनहरा पल

विशिष्ट रूप से, दो बार की जूडो विश्व चैंपियन और चार बार की यूरोपियन चैंपियन, Majlinda Kelmendi ने कुल दो ओलंपिक खेलों में भाग लिया है - लेकिन दो अलग-अलग देशों के लिए। लंदन 2012 में उन्होंने अल्बानिया का प्रतिनिधित्व किया था और रियो 2016 में उन्होंने कोसोवो का प्रतिनिधित्व किया।

लंदन ओलंपिक में, वह ज्यादा अनुभवी नहीं थी, इसलिए वह पदक जीतने में असफल रही। लेकिन, यह कहानी का अंत नहीं था - उनके प्रदर्शन को दुनिया भर में सभी ने व्यापक रूप से सराहा।

"लंदन 2012 ओलंपिक के बाद, मुझे शक्तिशाली राज्यों से कई प्रस्ताव मिले - जो लाखों डॉलर के लायक थे," उन्होंने ओलंपिक चैनल को बताया। "लेकिन मेरे कोच और मैंने कठिनाइयों के बावजूद कोसोवो में रहने का फैसला किया।"

उनके इस निर्णय ने उन्हें कोसोवो के ओलंपिक इतिहास पर एक अपूर्ण छाप छोड़ने का मौका दिया।

8 अगस्त 2016 को, Kelmendi ने रियो ओलंपिक खेलों 2016 में महिलाओं के 52 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। फाइनल में, उन्होंने इतालवी Odette Giuffrida को हराया।

यह कोसोवो का पहला और एकमात्र ओलंपिक पदक था।

"फाइनल में, मैं शांत और जीत के लिए आश्वस्त थी," Kelmendi ने कहा। "इतालवी जुडोका एक अच्छी प्रतियोगी थी, लेकिन मैंने उसे पहले भी कई बार हराया था, तो मुझे पता था की में उससे दोबारा भी हरा सकती हूं, और अंत में ऐसा ही हुआ।"

कोसोवो (ब्लू) की Majlinda Kelmendi और इटली की Odette Giuffrida ने रियो 2016 ओलंपिक खेलों के दूसरे दिन महिला -52 किग्रा स्वर्ण पदक फाइनल के दौरान प्रतिस्पर्धा की।
कोसोवो (ब्लू) की Majlinda Kelmendi और इटली की Odette Giuffrida ने रियो 2016 ओलंपिक खेलों के दूसरे दिन महिला -52 किग्रा स्वर्ण पदक फाइनल के दौरान प्रतिस्पर्धा की।
Pascal Le Segretain/Getty Images

स्वर्ण पदक का प्रभाव

Kelmendi की सफलता निश्चित रूप से कोसोवो के लोगों को, खासकर युवा पीढ़ी को बहुत उम्मीद देगी। यह उनके जीवन में विश्वास लाएगी।

कोसोवो के रियो 2016 के ध्वजवाहक ने इसे भावना के साथ समझाया - “कोसोवो में लोग मुझे एक नायक के रूप में देखते हैं। मैंने सिर्फ उन्हें साबित किया कि अगर वो कुछ चाहें तो वह उससे हासिल कर सकते है। अगर वे ओलंपिक चैंपियन बनना चाहते हैं, तो वे हो सकते हैं।”

और मान्यता वहाँ समाप्त नहीं हुई। पिछले फरवरी में, अपने गृह नगर पेजा में, Kelmendi के एक स्टेचू का अनावरण किया गया था। यह कहना सही है कि रियो में मिली जीत ने Kelmendi को कोसोवा का सच्चा हीरो बना दिया।

कोसोवो की ओलंपिक समिति के अध्यक्ष Besim Hasani ने उनकी प्रशंसा करते हुए कहा: “कई प्रतिभाशाली युवा हैं, जिनमें मार्शल स्पोर्ट्स करने की क्षमता है। Majlinda के स्वर्ण पदक ने उनमें से कई को अपने करियर में प्रेरित किया।

Kelmendi की स्वर्ण पदक जीतने वाली कहानी ने उनके देश के लोगों पर काफी असर डाला था। "कोसोवो में कोई भी एथलीट नहीं है जो मानता है कि यूरोपीय चैंपियनशिप, विश्व चैंपियनशिप या यहां तक कि ओलंपिक पदक उनके लिए प्राप्त करने योग्य नहीं हैं।"

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