क्लासिक फाइनल: जब गोल्डन गोल ने नॉर्वे की महिला फुटबॉल टीम के भाग्य का फैसला किया

2000 के सिडनी ओलंपिक खेलों में महिला फुटबॉल फाइनल में संयुक्त राज्य अमेरिका के खिलाफ स्वर्ण पदक जीतने के बाद नॉर्वे की टीम ने जश्न मनाया। (फोटो साभार: Shaun Botterill /Allsport)
2000 के सिडनी ओलंपिक खेलों में महिला फुटबॉल फाइनल में संयुक्त राज्य अमेरिका के खिलाफ स्वर्ण पदक जीतने के बाद नॉर्वे की टीम ने जश्न मनाया। (फोटो साभार: Shaun Botterill /Allsport)

ओलंपिक खेलों का इतिहास नाटकीय, भावनात्मक और सुंदर क्षणों से भरा है। हर सप्ताह, हम आपको वीडियो के माध्यम से ओलंपिक में होने वाले सबसे अविश्वसनीय फाइनल दिखाएंगे। इस सप्ताह में, हम सिडनी खेलों 2000 के महिला फुटबॉल फाइनल पर नजर डालते है।

विवरण

  • महिला फुटबॉल फ़ाइनल, सिडनी 2000 ओलंपिक खेल
  • नॉर्वे बनाम यूएसए
  • सिडनी फुटबॉल स्टेडियम, सिडनी, ऑस्ट्रेलिया, 28 सितंबर 2000

बैकग्राउंड

1980 और 1990 के दशक में यूएसए और नॉर्वे महिला फुटबॉल के दो दिग्गज थे। नॉर्वे 1995 में फीफा महिला विश्व कप विजेता थी, साथ ही 1987 और 1993 में यूरोपीय चैंपियनशिप भी जीती थी। दूसरी तरफ, यूएसए ने 1991 और 1999 में दो विश्व कप जीते थे, और अटलांटा 1996 में अपने घर पर एक ओलंपिक स्वर्ण पदक जीता था।

दोनों टीमों ने प्रमुख टूर्नामेंट में एक मजबूत इतिहास साझा किया - नॉर्वे ने 1995 विश्व कप के सेमीफाइनल में सबसे छोटे मार्जिन (1-0) से संयुक्त राज्य अमेरिका को हराया था और अमेरिकियों ने एक एक्स्ट्रा-टाइम विनर के साथ एक साल बाद अटलांटा खेलों में सेमीफाइनल में अपना बदला लिया।

सिडनी में, दोनों टीमें एक ही ग्रुप में थीं, जहां यूएसए ने नॉर्वे को 2-0 के अंतर से हराया था। हालांकि, उसके बाद, नॉर्वे ने कुछ गति प्राप्त की और ओलंपिक के नॉकआउट चरणों में पहुंच गया।

सेमीफाइनल में, नॉर्वे ने 1-0 के स्कोर से जर्मनी को हराया, जबकि संयुक्त राज्य अमेरिका ने ब्राजील को 2-0 से हराया।

प्रमुख पल

खेल में पांच मिनट के साथ, अमेरिका की Tiffeny Milbrett ने गोल कर अपने देश को लीड दिलवाई। सिडनी स्टेडियम में मौजूद भीड़ ने शुरुआती गोल को सराहा और उन्हें लगा की शायद यूएसए फुटबॉल में अपना लगातार दूसरा स्वर्ण पदक जीत सकती है। हालांकि, उन्हें पता नहीं था कि नॉर्वे की टीम वापसी भी कर सकती है।

नॉर्वे के लिए, Gro Espeseth ने हाफ-टाइम से ठीक पहले पहला गोल किया, जबकि Ragnhild Gulbrandsen ने 78वें मिनट में गोल करके यूरोपीय देश को फाइनल में बढ़त दिलाई। हालांकि, मैच का निर्णायक मोड़ तब आया जब एक्स्ट्रा-टाइम के दौरान संयुक्त राज्य अमेरिका की Milbrett ने हैडर मार कर स्कोर को लेवल कर दिया।

नॉर्वे की टीम को विश्वास नहीं हुआ की क्या हुआ।

स्टार डिफेंडर, Gro Espeseth को अपनी आंखों पर विश्वास नहीं हो रहा था - “मैं पागल हो गई थी । मैंने कहा, 'नहीं, हम इसे जीतने जा रहे हैं। हम नहीं चाहते कि वे फिर से ऐसा करें। यह हमारी बारी थी। हम हारने वाले नहीं थे।"

ऐसा लग रहा था कि उन शब्दों ने उनके साथियों को प्रेरित किया। बारह मिनट बाद, Hege Riise ने पेनल्टी एरिया में Dagny Mellgren को एक क्रॉस दिया, जिन्होंने गोल करने में कोई समय नहीं लिया।

गोल्डन गोल के नियम के अनुसार (जहां पहला गोल करने वाली टीम मैच जीतती है), नॉर्वे ने यूएसए को हरा दिया और ओलंपिक चैंपियन बन गई।

परिणाम

एक अविश्वसनीय फाइनल के बाद, संयुक्त राज्य अमेरिका के कोच April Heinrichs ने नॉर्वे टीम के बारे में यह कहा –

"मैं 200 प्रतिशत गोल्डन गोल के पक्ष में हूं। किसी मैच को निष्कर्ष पर पहुंचाने का यह एक सरल तरीका है। हमने अतीत में इस तरह से गेम जीते हैं और यह जीत हासिल करने का एक शानदार तरीका है। नॉर्वेजियन योग्य विजेता हैं।"

2000 में सिडनी खेलों में फाइनल हारने के बाद, यूएसए की महिला टीम ओलंपिक में फुटबॉल में हावी रही। जिस टीम में Abby Wambach, Julie Foudy और Hope Solo जैसे स्टार खिलाड़ी थे, उन्होंने 2004, 2008 और 2012 ओलंपिक खेलों में स्वर्ण पदक जीता था। हालांकि, वे रियो 2016 में क्वार्टरफाइनल में स्वीडन से हार गए थे।

दूसरी ओर सिडनी में फाइनल जीतने के बाद नॉर्वे ने ज्यादा कुछ हासिल नहीं किया। 2007 के महिला विश्व कप के सेमीफाइनल में पहुंचना पिछले 20 वर्षों में उनकी एकमात्र मुख्य हाईलाइट थी।

महिला फुटबॉल फ़ाइनल, सिडनी 2000
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