Manu Bhaker - 'मुझे उम्मीद है कि अगले साल ओलंपिक होंगे'

Manu Bhaker.
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नए इलेक्ट्रॉनिक टारगेट स्थपित करने से लेकर ऑनलाइन शूटिंग कम्पटीशन में तीसरा स्थान हासिल करने तक, भारत की Manu Bhaker ने बनाई कुछ सुर्खियां

नई मशीन लाई मुस्कान

अगले साल टोक्यो ओलंपिक खेलों में भारत की सबसे शानदार पदक संभावनाओं में से एक Manu Bhaker है।

18 वर्षीय एयर पिस्टल शूटर, जिसने 2019 में अपने पहले ओलंपिक खेलों के लिए क्वालीफाई किया था - हाल ही में हरियाणा में अपने घर पर एक नया इलेक्ट्रॉनिक टारगेट स्थापित किया है।

भारत की Manu Bhaker ने Belmont Shooting Centre में गोल्ड कोस्ट 2018 कॉमनवेल्थ गेम्स के पहले दिन शूटिंग के दौरान महिला 10 मीटर एयर पिस्टल फाइनल में भाग लिया। (Albert Perez / गेटी इमेज द्वारा फोटो)
भारत की Manu Bhaker ने Belmont Shooting Centre में गोल्ड कोस्ट 2018 कॉमनवेल्थ गेम्स के पहले दिन शूटिंग के दौरान महिला 10 मीटर एयर पिस्टल फाइनल में भाग लिया। (Albert Perez / गेटी इमेज द्वारा फोटो)
2018 Getty Images

जैसा कि उनकी पुरानी मैनुअल मशीन बहुत नियमित रूप से बहुत सारी समस्याएं पैदा कर रही थी और ओलंपिक के लिए उनकी तैयारियों में बाधा डाल रही थी - उनके पिता ने एक नया टारगेट स्थापित करने का फैसला किया।

इससे खुश होकर, Manu खेलों के लिए तैयारी करना जारी रखती है - जैसा कि उनका मानना है कि 2021 में COVID-19 महामारी के कारण खेलों की दुनिया में अनिश्चितता के बावजूद ओलंपिक की मेजबानी की जाएगी।

गोरिया गांव में अपने घर से PTI से बात करते हुए, Manu ने कहा, "हाल ही में मेरे घर पर मशीन स्थापित की गई है और यह निश्चित रूप से मेरे प्रशिक्षण में अधिक लाभदायक होगी।"

यूथ ओलंपिक चैंपियन ने स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (SAI) के साथ-साथ ओलंपिक गोल्ड क्वेस्ट (OGQ) को धन्यवाद दिया - जो उसे प्रबंधित करता है - देश में लगाए गए देशव्यापी लॉकडाउन के बावजूद मशीन कोउनकेे घर तक पहुंचाने के लिए।

"पुरानी मशीन के साथ ट्रेनिंग करने में काफी तकलीफ आती थी क्यूंकि वह मैनुअल थी। धागा कभी कबार खुद निकल जाता था या टूट जाता था। इसने मुझे बड़ा परेशान किया। अब नई मशीन को इस्तेमाल करके अच्छा लग रहा है," उन्होंने कहा।

यह फैसला सही है

अब चूंकि सभी निर्धारित इवेंट्स और प्रतियोगिताओं को या तो स्थगित कर दिया गया है या कोरोना वायरस के प्रकोप के कारण रद्द कर दिया गया है, Manu का मानना है कि घर पर रह कर वह अपने नए इलेक्ट्रॉनिक टारगेट के साथ अभ्यास कर सकती है - वह अपनी ऊर्जा को चैनल कर सकती है और अगले साल खेलों के लिए सही तरह से ट्रेनिंग कर सकती है।

वह कहती रही, "चूंकि मुझे लगता है कि अगले तीन-चार महीनों के लिए कोई बाहरी गतिविधियां और प्रतियोगिताएं होने की संभावना नहीं है, इसलिए मुझे लगा कि इसे इस समय पर स्थापित करना काफी फायदेमंद होगा।"

स्वास्थ्य एक बड़ी चिंता थी

हालांकि वह मानती हैं कि इस साल खेलों से ठीक पहले भारतीय निशानेबाज शीर्ष पर पहुंच रहे थे, ओलंपिक को स्थगित करने के फैसले ने अधिक समझदारी पैदा कर दी क्योंकि स्वास्थ्य एक प्राथमिकता है।

Bhaker ने कहा, "हां, भारतीय निशानेबाज खेलों से पहले शानदार फार्म में थे, लेकिन स्वास्थ्य एक बड़ी चिंता थी।"

"मुझे बहुत उम्मीद है की अगले साल टोक्यो खेलों की मेजबानी होगी और मैं कॉंफिडेंट हुईं की तब तक मैं अपने फॉर्म के शीर्ष पर होंगी। यह दुनिया के लिए बहुत मुश्किल वक़्त हैं। मेरे को नेगेटिव ख्याल नहीं आ रहे हैं और में खुद को मेंटली तैयार कर रही हूं।

Manu ने अपने करियर की शानदार शुरुआत की है। उन्होंने 2018 ISSF विश्व कप में भारत का प्रतिनिधित्व किया था जहां उन्होंने दो स्वर्ण पदक जीते थे - इस आयोजन में स्वर्ण पदक जीतने वाली सबसे कम उम्र की भारतीय बन गई। यहां तक कि 2018 राष्ट्रमंडल खेलों में, 16 साल की उम्र में, उन्होंने महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता था।।

ऑनलाइन शूटिंग में भी चमकी Manu

इस बीच, अंतर्राष्ट्रीय ऑनलाइन शूटिंग चैम्पियनशिप के तीसरे संस्करण के दौरान, Manu Bhaker 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में चमकी - 218.3 का स्कोर दर्ज करके तीसरे स्थान पर रही।