कोरोना को हराने के बाद मानसिक शक्ति बढ़ी, बोले हॉकी कप्तान Manpreet

कोरोना को हराने के बाद, Manpreet Singh अब मैदान में लौटने के लिए तैयार हैं। (Dean Mouhtaropoulos/ गेटी इमेजेज द्वारा फोटो)
कोरोना को हराने के बाद, Manpreet Singh अब मैदान में लौटने के लिए तैयार हैं। (Dean Mouhtaropoulos/ गेटी इमेजेज द्वारा फोटो)

भारतीय हॉकी टीम के कप्तान Manpreet Singh ने बताया की कोरोना बिमारी और उससे लड़ के वापस स्वस्थ होना उनके लिए एक बहुत अलग अनुभव रहा और वह अब मानसिक दृष्टिकोण से ज़्यादा शक्तिशाली हो गए हैं।

Manpreet और भारतीय राष्ट्रीय हॉकी टीम के कुछ और खिलाड़ी कोरोना महामारी से संक्रमित हो गए थे और रिपोर्ट आने के बाद वह आइसोलेशन में चले गए।

कोरोना महामारी के खिलाफ संघर्ष

अगस्त के माह में जब Manpreet और उनके बाकी टीम सदस्य बेंगलुरु में अभ्यास की तैयारी कर रहे थे तब सारे खिलाड़ियों का अनिवार्य कोरोना टेस्ट किया गया, और उनकी रिपोर्ट में संक्रमण आया। Manpreet ने अपने अनुभव के बारे में बताया और कहा की अकेले रहना उनके लिए आसान नहीं था और उन्हें चिंता ज़रूर होती थी। 

Manpreet ने बताया, 'जब टेस्ट के परिणाम में संक्रमण निकला तो मुझे थोड़ी चिंता ज़रूर हुई थी पर भारतीय खेल प्राधिकरण ने हमें सारी सुविधाएँ उपलब्ध कराई और हमारा चेकप समय पर होता रहा, जिसकी वजह से हौसला बढ़ गया।'

'मेरे लिए बिलकुल आसान नहीं था और खास कर मानसिक दृष्टिकोण से। एक महीने के लिए अकेले रहना और कुछ न करना एक खिलाड़ी के लिए बहुत मुश्किल होता है क्योंकि हमें रोज़ अभ्यास करने की आदत होती है।'

टीम और कोच का सहयोग

बुरे समय में साथियों का सहयोग बहुत महत्वपूर्ण होता है, और Manpreet ने बताया की टीम के बाकी खिलाड़ी उन्हें लगातार फ़ोन करते और सन्देश भेजते रहते थे। इतना ही नहीं, Manpreet ने बताया की हॉकी इंडिया के अधिकारी भी लगातार उनके साथ संपर्क में बने रहते थे।

'हमारे कोचिंग कर्मी लगातार कॉल पर मनोबल बढ़ाते रहते थे और हॉकी इंडिया अधिकारी निरंतर हमारे संपर्क में रहते थे। खाने से लेकर रहन-सहन तक, हमारी सारी ज़रूरतों को पूरा किया गया।'

कोरोना को हारने से बढ़ा मनोबल

Manpreet के लिए कोरोना से लड़ना एक बहुत ही ज़रूरी सीख के रूप में उभर के आया और उनकी मानसिक शक्ति को अगले स्तर पर ले कर गयी। उन्हें अब इतना विश्वास है की इस अनुभव के बाद वह किसी भी स्थिति से जूझ सकते हैं और उसे परास्त भी कर सकते हैं।'

उनकी और भारतीय टीम की नज़र टोक्यो 2020 ओलंपिक खेलों पर होगी और 1980 के बाद पहली बार देश के लिए पदक जीतने का प्रयास करेगी टीम।

Manpreet अब पूरी तरह ठीक हो गए हैं और वह विशेषज्ञों की निगरानी और देख-रेख में मैदान पर वापसी की तैयारी में लगे हुए हैं।