Malia Paseka: युवा टोंगंस के लिए एक प्रेरणा

ओलंपिक क्वालीफ़ायर टूर्नामेंट में Malia Paseka ने 67 किग्रा में स्वर्ण जीता और टोक्यो में टोंगा का दूसरा क्वालीफिकेशन स्थान हासिल किया
ओलंपिक क्वालीफ़ायर टूर्नामेंट में Malia Paseka ने 67 किग्रा में स्वर्ण जीता और टोक्यो में टोंगा का दूसरा क्वालीफिकेशन स्थान हासिल किया

जब Malia Paseka जापान में अध्यात्म की तरह मानी जाने वाली ‘मार्शल आर्ट’ को निप्पन बुडोकन में लेकर जाएंगी, तो वह टोंगा की पहली महिला ताइक्वांडो एथलीट होंगी, जो ओलंपिक खेलों में शिरकत करेंगी।

इस वर्ष फरवरी में, ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में ओलंपिक क्वालीफायर टूर्नामेंट में महिलाओं के 67 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण जीतने के बाद, Malia Paseka ने टोक्यो 2020 में अपना स्थान सुरक्षित कर लिया है।

"यह एक बड़ा सम्मान है और सच कहूं, तो मेरे अंदर इतनी भावनाएं थीं कि मैं व्यक्त नहीं कर पा रही थी कि मैं ओलंपिक में अपने देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए कितनी खुश और आभारी हूं," उन्होंने टोक्यो 2020 को बताया।

हालांकि, ओलंपिक क्वालीफायर टूर्नामेंट में स्वर्ण पदक की दावेदार बनने के साथ वह एक और विशिष्ट सूची में भी शामिल हो जाती हैं। Paseka ओलंपिक खेलों में प्रशांत द्वीप का प्रतिनिधित्व करने वाली नौवीं टोंगन महिला होंगी।

यहां तक ​​कि साथी टीम टोंगा के सदस्य और दोहरे शीतकालीन / ग्रीष्मकालीन ओलंपियन Pita Taufatofua ने भी युवा Malia Paseka की काफी प्रशंसा की है, जिसकी वह हकदार भी हैं।

"अब हमारी टीम में टोंगा का प्रतिनिधित्व करने के लिए एक महिला भी हैं और ना सिर्फ टोंगा में और बल्कि पूरे प्रशांत द्वीप में और यह हमारे लिए बड़े फक्र की बात है," उन्होंने क्वालिफिकेशन इवेंट के बाद रेडियो न्यूजीलैंड को बताया।

"टीम टोंगा में एक महिला का प्रतिनिधित्व करना मुझे अंदर तक बहुत खुश कर देता है। एक [टोंगन] महिला को ताइक्वांडो में क्वालीफाई करना, मेरे लिए एक सपने को सच होते हुए देखने जैसा है।"

Malia Paseka ओलंपिक खेलों टोक्यो 2020  के लिए क्वालीफाई करने वाली सिर्फ दो टोंगन ताइक्वांडो एथलीटों में से एक थी।
Malia Paseka ओलंपिक खेलों टोक्यो 2020 के लिए क्वालीफाई करने वाली सिर्फ दो टोंगन ताइक्वांडो एथलीटों में से एक थी।
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Paseka ने 11 साल की उम्र में इस खेल की शुरुआत की। उनके भाई ने उन्हें इसमें शामिल होने के लिए प्रेरित किया क्योंकि वह हर शाम प्रशिक्षण के लिए जाते थे जबकि Paseka देखती थी। कोच ने उनसे पूछा कि क्या वह इस खेल में शामिल होना पसंद करेंगी?

और यह अनुमान लगाना मुश्किल नहीं है कि Paseka ने क्या जवाब दिया होगा। हालांकि, अब 19 वर्षीय Paseka ने यह भी स्वीकार किया कि उनके एक ताइक्वांडो एथलीट बनने के फैसले के पीछे एक और वजह थी।

"शुरू से ही मुझे जो एक चीज पसंद थी, वह थी वर्दी," वह हंसी, "मैंने वास्तव में किकिंग और मुक्केबाजी के साथ इससे बहुत पसंद किया था और इसी के लिए मैंने ताइक्वांडो एथलीट बनना तय किया।"

"मैं हमेशा आत्म-रक्षा सीखना चाहती थी।"

हालांकि प्रशांत महासागर के बीच में एक द्वीप पर एक ताइक्वांडो एथलीट होना आसान नहीं है - Paseka के पास केवल उसके बेल्ट के तहत कुछ मुट्ठी भर मैच हैं जिनमें वह शिरकत कर चुकी हैं- वह अपने सपनों का पीछा करना जारी रखना चाहती है क्योंकि ताइक्वांडो ने उन्हें जीने का यही जज़्बा सिखाया है।

"मैंने ताइक्वांडो को अपनाने के बाद इससे बहुत कुछ सीखा, यहां पर मैं उन सारी बातों को समझा नहीं सकती। लेकिन सबसे महत्वपूर्ण चीजें जो मैंने सीखी हैं, वे हैं आत्म-अनुशासन और आत्मरक्षा," उन्होंने कहा।

"मुझे ताइक्वांडो से प्यार है, और यह मेरे सपनों में से एक है। मैंने इससे यह जज़्बा सीखा कि, जीवन में कुछ भी हो जाए लेकिन हार नहीं माननी, ताइक्वांडो ने मुझे जीवन के बारे में और भी बहुत कुछ सिखाया है।”

युवा टोंगंस की प्रेरणा स्रोत

इस बात में कोई संदेह नहीं है कि Paseka की कहानी और उनकी ओलंपिक खेलों की यात्रा टोक्यो 2020 से टोंगा के द्वीपों में अन्य युवा महिलाओं और लड़कियों को अपने सपनों तक पहुंचने के लिए प्रेरित करेगी।।

"मैं वास्तव में युवा टोंगन लड़कियों और साथ ही कई प्रशांत द्वीपों की महिलाओं को प्रेरित करने की उम्मीद करती हूं, उन्होंने कहा कि, “युवा महिलाएं न केवल ताइक्वांडो बल्कि और भी कई खेल हैं जिन्हें वह अपनी पसंद के हिसाब से चुन सकती हैं।”

"मैं युवा लड़कियों को अपने सपनों को जीने और अपनी प्रतिभा का इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित करती हूं और प्रार्थना करती हूं कि उनकी रुचि खेलों में बढ़े और वह अपनी प्रतिभा का उपयोग करें।”

महिलाओं के खेल अभी भी टोंगा में विकसित हो रहे हैं। महिलाओं की उभरती हुई भूमिकाओं के साथ साथ पारंपरिक लिंग रूढ़िवादिता अभी भी टोंगा में मौजूद है। आंतरिक मामलों के मंत्रालय की 2019 की रिपोर्ट के अनुसार टोंगा साम्राज्य की डिवीजन सरकार में अधिकतर मामले मुख्य रूप से घरों में, परिवारों और संयुक्त परिवारों में देखभाल और पोषण पर ही आधारित हैं।

एक एथलीट के रूप में, Paseka खुद को सभी टोंगन महिलाओं के लिए एक रोल मॉडल के रूप में देखती है।

"खैर, यह मेरे लिए वास्तव में महत्वपूर्ण है कि यह पीढ़ी कैसी है," युवा ताइक्वांडो एथलीट ने समझाया। "जब से मैंने होश संभाला है, मैंने देखा है कि शारीरिक रूप से इन लड़कियों के साथ कैसा दुर्व्यवहार हो रहा है।”

"तो, मेरे लिए मैं युवा महिलाओं को अभी भी मजबूत बनने और अपने सपनों के लिए लड़ने और अपने जीवन को सर्वश्रेष्ठ बनाने के लिए प्रेरित करने की कोशिश कर रही हूं।""

टोंगा स्पोर्ट्स एसोसिएशन और राष्ट्रीय ओलंपिक समिति द्वारा आयोजित ओलंपिक दिवस समारोह के उत्सव के लिए हाल ही में एक कार्यक्रम में, Paseka ने न केवल टोंगा के युवाओं को बल्कि, भविष्य के ओलंपियन को भी प्रेरित करने के लिए एक भाषण दिया।

"अपनी प्रतिभा का उपयोग करें, अपने बारे में चिंता न करें। क्योंकि यह बात ज्यादा मायने रखती है कि, आपका दिल कितना बड़ा है," उसने कहा, "जीत का मतलब हमेशा पहले होना नहीं है, लेकिन यह जरूर है कि आप पहले की तुलना में बेहतर कर रहे हैं।”

"सबसे पहली बात यह कि, किसी को यह न बताएं कि आप कौन हैं और आप क्या हैं और क्या हो सकते हैं, खुद तय करें कि आप क्या बनना चाहते हैं।"

Malia Paseka साथी ताइक्वांडो एथलीट Pita Taufatofua के साथ।
Malia Paseka साथी ताइक्वांडो एथलीट Pita Taufatofua के साथ।
Provided by athlete

लक्ष्य हमेशा बड़ा होना चाहिए

Paseka अगली गर्मियों में टोक्यो में अपने ओलंपिक खेलों की शुरुआत करने के लिए वह शीर्ष पुरस्कार के लिए लक्ष्य बना रही है।

टोंगन एथलीट ने कहा, "मैं टोक्यो में स्वर्ण पदक हासिल करने की पूरी कोशिश करूंगी।"

पिछले साल, उन्होंने समोआ में पेसिफिक गेम्स में महिला -62 किग्रा में कांस्य और टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता, जिसने उनके ओलंपिक में पदार्पण की यात्रा शुरू की।

“यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण दिन था। पैसिफिक गेम्स में प्रतिस्पर्धा करने और अपने देश के लिए पदक जीतने का यह मेरा पहला मौका था ... मैं बता नहीं सकती कि यह क्षण कितना खास था।"

हालांकि, सिर्फ उसके सीने पर टोंगा झंडा पहनने में सक्षम होने और उस राष्ट्र का प्रतिनिधित्व करने के लिए जिस के लिए उसे अपने घर पर गर्व है, युवा एथलीट के लिए एक सम्मान का क्षण है।

Paseka ने कहा, "यह अब तक का सबसे अच्छा एहसास है कि आपके पास अपने देश का प्रतिनिधित्व करने का मौका है।"

“मुझे पता है कि उनकी स्थिति के लिए बहुत सारे लोग और युवा प्रशिक्षण हैं। मेरे लिए, यह वास्तव में एक सम्मान की बात है। मैं वास्तव में इस बात पर अपनी खुशी व्यक्त करती हूं कि मैं अपने देश के रंग पहनने के लिए कितनी आभारी हूं। मैं वास्तव में बहुत खुश हूं।”