लेट्स 55 वर्चुअल एक्सपीरियंस - HATTORI Michiko: सबसे कम उम्र की गोल्फ चैंपियन

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जब ओलंपियन और पैरालम्पियन अपने अविश्वसनीय कौशल का प्रदर्शन करते हैं, तो क्या हम कभी यह जान पाएंगे कि वे क्या सोचते हैं जब वे यह कौतूहल भरे अचंभे करते हैं? कुछ लोगों के लिए यह शायद बहुत आश्चर्य की बात है क्योंकि वे अपने चहेते एथलीटों को सबसे बड़े पुरस्कार के लिए प्रतिस्पर्धा करते देखना पसंद करते हैं लेकिन उन्होंने कभी भी यह नहीं सोचा होगा कि इस मुकाम पर पहुंचने के लिए प्रत्येक खिलाड़ी ने कितना अनुशासन पूर्ण रास्ता चुना है और इसके पीछे की प्रेरणा क्या है? टोक्यो 2020 'लेट्स 55 वर्चुअल एक्सपीरियंस' पेश करता है, जो कि टोक्यो 2020 खेलों प्रोग्राम के सभी 55 खेलों को कवर करते हुए एक शीर्ष स्तर के एथलीट के रूप में प्रतिस्पर्धा करने के लिए वास्तव में कैसा दिखता है, इसका एक अभिनव अनुभव प्रदान करता है।

गोल्फ

1984 में HATTORI Michiko जापान महिला एमेच्योर गोल्फ चैम्पियनशिप के इतिहास में सबसे कम उम्र की चैंपियन बन गयीं, जिन्होंने 15 साल और 9 महीने की उम्र में खिताब जीता। अगले वर्ष उन्होंने यूएस महिला एमेच्योर गोल्फ चैंपियनशिप भी जीत ली और 1998 में शीर्ष पुरस्कार राशि कमाने वाली बन गयीं। आज, वह जापान की महिला गोल्फ राष्ट्रीय टीम की कोच हैं।

लेकिन Hattori की नज़रों में क्या और कैसा है उनका यह गोल्फ का सफर? आइए लेट्स 55 वर्चुअल एक्सपीरियंस ’के माध्यम से Hattori की ज़ुबानी जानें कि, वह कैसे गोल्फ के प्रति आकर्षित हुई और कैसे उन्होंने इसे अपने जीवन का लक्ष्य बनाया।

16 साल की उम्र में एक गोल्फ चैंपियन

"सच कहूं तो, जब मैंने गोल्फ खेलना शुरू किया था, तो मैं इसके बारे में बहुत उत्सुक नहीं थी क्योंकि मेरे मन में गोल को लेकर यह छवि बनी हुई थी कि गोल्फ बड़े लोगों द्वारा खेला जाने वाला खेल था। अधिकांश गोल्फर व्यापारी थे, और लगभग कोई भी लड़की गोल्फ नहीं खेलती है। मैं वास्तव में बास्केटबॉल या एथलेटिक्स की तरह टीम का खेल खेलना चाहती थी, लेकिन मैं उस समय अपने कोच से मिली, जिन्होंने मुझे इस खेल को लेने के लिए प्रोत्साहित किया और कहा: "आपके पास लंबे हाथ और पैर हैं। आप गेंद को लंबी दूरी तक मार पाएंगी। आप विदेशों में खेलने के लिए ज़बरदस्त दावेदार साबित होंगी।” इसलिए मैंने सोचना शुरू कर दिया कि मेरा लक्ष्य गोल्फ ही होना चाहिए। मेरे कोच ने विदेशों में खेलने का अनुभव किया था और मुझे सही दिशा में निर्देशित किया था। आखिरकार, मुझे परीक्षण और त्रुटि के माध्यम से अपने स्कोर में सुधार करने में मज़ा आने लगा। मैंने जो कुछ भी किया, चाहे वह मेरा प्रशिक्षण था या अभ्यास, मुझे गोल्फ वास्तव में मजेदार लगा। नतीजतन, अपनी किस्मत को आजमाने के लिए, मैंने यूएस महिला एमेच्योर गोल्फ चैंपियनशिप में हिस्सा लिया और खिताब हासिल किया।

"मैंने टेक्सास के एक विश्वविद्यालय में अध्ययन किया, जहां बहुत कम जापानी छात्र थे। मैंने इसे शर्मिंदा महसूस करने के बजाय अपने दम पर करने की ठानी, मैं बोल्ड और निडर हो गई। मैं उस गोल्फ टीम में शामिल हो गई जहां न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका जैसे अन्य विदेशी देशों के छात्र थे, और यद्यपि उनकी मूल भाषा अंग्रेजी थी, उन्होंने भी आपस में बातचीत करने के लिए संघर्ष किया। विभिन्न पृष्ठभूमि और राष्ट्रीयताओं वाले लोगों के आसपास होने से, हमने एक दूसरे के साथ सामंजस्य बिठाते हुए, एक-दूसरे को स्वीकार करना सीखा, साथ ही एक दूसरे को जानना भी सीखा। मैंने चीजों पर व्यापक दृष्टिकोण रखना भी सीखा। अपने स्वयं के चरित्र को प्रदर्शित करना महत्वपूर्ण था अन्यथा आपको अनदेखा किया जाएगा, इसलिए शर्मीली होने के लिए मेरे पास समय नहीं था।"

COVID-19 के प्रकोप ने अचानक मेरे जीवन को कई मायनों में बदल दिया है। सभी गोल्फ टूर्नामेंट रद्द होने के साथ, मुझे अपने आप को देने के लिए अधिक समय मिला और मुझे एहसास हुआ कि मैं इतने सारे लोगों द्वारा समर्थित होने के साथ साथ कितनी भाग्यशाली हूं। मुझे लगता है कि टोक्यो 2020 खेलों के स्थगन ने एथलीटों को एक कठिन स्थिति में डाल दिया क्योंकि वे 2021 में खेलों के लिए तैयारी कर रहे हैं । मैं एथलीटों का समर्थन इस उम्मीद के साथ करती रहूंगी कि इस स्थगन का फायदा उठाया जा सकता है और टोक्यो 2020 खेल हमारी अपेक्षा से भी कहीं अधिक बेहतर होंगे।"