'लेट्स 55 वर्चुअल अनुभव - Yasuda Mai के साथ डाइविंग'

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क्या आपने कभी सोचा है कि जब ओलंपिक और पैरालम्पिक में भाग लेने वाले खिलाड़ी अपने कौशल का प्रदर्शन करते हैं तो उनके दृष्टिकोण से यह अनुभव कैसा होता होगा? टोक्यो 2020 आपके लिए लाया है 'लेटस 55 वर्चुअल एक्सपीरियंस' जो आपको एक अनोखा अनुभव देगा और बताएगा की एक सर्वोच्च स्तर के खिलाड़ी को ओलिंपिक खेल में भाग लेना कैसा लगता है। इस श्रंखला में हम टोक्यो 2020 में शामिल सारी 55 प्रतियोगिताओं के बारे में बताएँगे।

डाइविंग

टोक्यो 2020 की 10 मी महिलाओं की डाइविंग प्रतियोगिता में भाग लेने वाली 17 वर्षीय, YASUDA Mai को खेलों का वातावरण कैसा लगता होगा? आइए इस वर्चुअल अनुभव के सहारे और Mai की आवाज़ में सुने कि उन्होंने डाइविंग कैसे शुरू की और क्या है इस खेल की खासियत।

जब एक खिलाड़ी पटल के ऊपर खड़ा होता है तभी प्रतियोगिता प्रारम्भ होती है'

डाइविंग एक ऐसा खेल है जिसका आंकलन सुंदरता के आधार पर किया जाता है। एक खिलाड़ी के हर कदम और पैंतरे को बहुत ध्यान से देखा जाता है, पटल पर खड़े होने से ले कर उसकी छलांग लगाने तक। इस पूरी प्रतिक्रिया में खिलाड़ी का पानी के अंदर प्रवेश करने वाला क्षण सबसे ज़्यादा दर्शनीय होता है, और दर्शकों के लिए सबसे ज़्यादा रोमांचक भी होता है। अगर एक खिलाड़ी बिना ज़्यादा पानी छपछपाये पूल में प्रवेश कर लेता है तो वह छलांग कुशल मानी जाती है। इसलिए ज़रा ध्यान दीजिये और जानिए की सारे डाइवर कैसे अपनी छलांग को नियंत्रण में रखते हैं।'

'मैंने बहुत कम आयु से ही पूल में जाना शुरू कर दिया था और इसके लिए श्रेय जाता है मेरे पिता को जो एक कोच थे। शुरुआत में मुझे तैराकी नहीं आती थी और इस वजह से मैंने एक रस्सी अपनी कमर पर बाँधी और तैरने की कोशिश करने लगी। पहली बार मेरे लिए पानी में छलांग लगाना बहुत मुश्किल था और मेरी दिशा पूरी तरह से बिगड़ी हुई थी। मुझे इस समय इतना ही याद है लेकिन कुछ ही दिनों में मैंने पैंतरे दिखाना शुरू कर दिया था और अच्छे से छलांग लगा रहा थी लेकिन मुझे ऐसा लगता है कि मैं बहुत डरपोक थी।'

'पूल के बाहर मैं अपनी ट्रैम्पोलिन पर अभ्यास और कलाबाज़ी की भी तैयारी करती थी। मेरे लिए कूदना बेहद ज़रूरी था और मेरे शरीर का आसान पूरे खेल के लिए महत्वपूर्ण था जिसके कारण मैं अपने हाथों के बल खड़ा रहने का प्रयास करती आ रही हूं।'

'कोरोना महामारी के संक्रमण के कारण खिलाड़ियों के लिए अभ्यास करना बहुत ही कठिन हो गया है और यह बात विश्व के लगभग हर देश के लिए लागू होती है। इस चुनौती का सामना करना और इस बात को सुनिश्चित करना कि टोक्यो 2020 ओलंपिक खेल अगले वर्ष सम्पूर्ण सुरक्षा के साथ आयोजित हों समूचे विश्व के लिए बहुत भावुक और अद्भुत होगा।'