खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में वेटलिफ्टरों ने तोड़े कई राष्ट्रीय रिकॉर्ड

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कुछ वेटलिफ़्टर महाराष्ट्र की यूनिवर्सिटी से हैं तो कुछ दूसरे राज्यों से, जबकि Savitribai Phule पुणे यूनिवर्सिटी KIUG में टॉप पर क़ाबिज़ हैं।

खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स (KIUG) में बुधवार का दिन भारत के लिए बेहद शानदार रहा। पुरुषों के 55 किलोग्राम भारोत्तोलन में स्वर्ण और रजत पदक विजेताओं ने मौजूदा राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ने में भी सफलता हासिल की। शिवाजी विश्वविद्यालय के Sanket Mahadev सरगर ने क्लीन एंड जर्क में 138 किलोग्राम भार उठाकर स्वर्ण पदक जीता, और पिछले राष्ट्रीय रिकॉर्ड से 3 किग्रा ज़्यादा भार उठाया।

जीत के बाद Sanket ने कहा, “मैंने पहले कभी इतने भार को नहीं उठाया है और मैं वास्तव में खुश हूं कि मैंने राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ दिया। मैंने यहां पर राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ने के लिए वास्तव में अच्छी तैयारी की थी।''

कवयित्री Bahinabai Chaudhari उत्तर महाराष्ट्र विश्वविद्यालय के उप विजेता प्रशांत सुरेश कोली ने स्नैच लिफ्ट में 110 किलोग्राम भार उठाया, यह भी एक नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड है।

जुड़वां बहनों ने बटोरी तैराकी में सुर्खियां

खेलो इंडिया में स्विमिंग में एक बार फिर अनोखा दृश्य देखने को मिला, जहां दो जुड़वा बहनें Jyoti Patil और Aarti Patel ने मेडल अपने नाम किया। Jyoti ने जहां गोल्ड जीत तो Aarti कांस्य जीतने में सफल रही। इन दोनों ने मुंबई यूनिवर्सिटी की तरफ से 50 मीटर महिला ब्रेस्टस्ट्रोक में पदक अपने नाम किए।

Jyoti और Aarti की कहानी यहीं खत्म नहीं हुई, ये दोनों बहनों की जोड़ी 4x200 मीटर महिला फ्रीस्टाइल टीम रिले में कांस्य जीतने में भी सफल रही। दोनों ही बहनों ने केवल एक साल की उम्र से ही तैराकी शुरू कर दी थी। इन दोनों के पिता भी एक तैराक थे और उन्होंने ने अपनी बेटियों को तैराकी में करियर बनाने का फैसला किया।

क्राइस्ट यूनिवर्सिटी की Riddhi Bohra ने दोनों बहनों को पोडियम पर अलग किया। Riddhi ने कहा कि यह लगभग तीन साल में मेरा पहला पदक है। मैं पिछले कुछ समय से अपनी चोटों से जूझ रही थी। इस तैराक ने बचपन में स्केटिंग में चोट लगने के बाद स्विमिंग में आने का फैसला किया था।

खास बात ये भी है कि कल्प बोहरा जो कि Riddhi के भाई हैं, उन्होंने पिछले महीनें खेलो इंडिया यूथ गेम्स में मेडल जीता था।

तैराकों ने सावित्रिभाई फुले पुणे यूनिवर्सिटी को शीर्ष पर पहुंचाया

तैराक Sadhvi Dhuri ने 200 मीटर महिला फ्रीस्टाइल और 100 मीटर बटरफ्लाई में स्वर्ण पदक जीता तो Mihir Ambre ने 100 मीटर पुरुष बटरफ्लाई ने गोल्ड मेडल पर कब्जा कर Savitribai Phule पुणे यूनिवर्सिटी को मेडल्स की पॉइंट टेबल में शीर्ष पर पहुंचा दिया।

पंजाब यूनिवर्सिटी के तैराक Siddhant Sejwal ने 200 मीटर फ्रीस्टाइल में स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया और Savitribai Phule पुणे यूनिवर्सिटी को खेलो गेम्स में कड़ी टक्कर दी।

पुणे यूनिवर्सिटी ने 17 मेडल जीते। वहीं दूसरे स्थान पर काबिज पंजाब यूनिवर्सिटी ने दो मेडल भले ही कम जीते लेकिन उन्होंने सबसे ज्यादा 9 गोल्ड मेडल अपने नाम किए हैं।

साध्वी धुर खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में 200 मीटर महिला फ्री स्टाइल में गोल्ड मेडल जीतने के बाद जश्न मनाते हुए। तस्वीर साभार: KIUG मीडिया
साध्वी धुर खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में 200 मीटर महिला फ्री स्टाइल में गोल्ड मेडल जीतने के बाद जश्न मनाते हुए। तस्वीर साभार: KIUG मीडिया

राजस्थान यूनिवर्सिटी के तीरंदाजों ने पंजाब के खिलाफ किया उलटफेर

एक समय खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी में तीरंदाजी के मुकाबलें बारिश की वजह से रद्द ही होने वाले थे। लेकिन आयोजकों और वालंटियर्स की कड़ी मेहनत के बाद मुकाबलें हुए। इसके बाद कुछ ऐसा हुआ जिसकी उम्मीद किसी को नहीं थी। पुरुष और महिला वर्ग दोनों में ही बड़े उलटफेर देखने को मिले।

पुरुष वर्ग में राजस्थान यूनिवर्सिटी के Mukul Sharma ने अपने दोस्त और खिताब के प्रबल दावेदार पंजाब यूनिवर्सिटी के Sangampreet Bisla को हराकर गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया।

खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स के दौरान एक्शन में मुकुल शर्मा। तस्वीर साभार: KIUG मीडिया
खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स के दौरान एक्शन में मुकुल शर्मा। तस्वीर साभार: KIUG मीडिया

वर्ल्ड यूथ चैंपियनशिप के मेडलिस्ट और खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी के शीर्ष खिलाड़ी Sangampreet Bisla ने अपनी यूनिवर्सिटी को टीम कंपाउंड में गोल्ड जिताने में अहम भूमिका निभाई।

पंजाब यूनिवर्सिटी ने महिला टीम कंपाउंड और मिश्रित टीम कंपाउंड में स्वर्ण पदक जीते लेकिन उसका कोई भी तीरंदाज व्यक्तिगत गोल्ड मेडल नहीं जीत पाया।

राजस्थान यूनिवर्सिटी की Kritika Sharma ने भी Mukul Sharma की तरह सभी को चौंकाते हुए उलटफेर किया। Kritika ने वर्ल्ड यूथ चैंपियनशिप की मेडलिस्ट रानी दुर्गावती विश्वविधालय की Ragini Marku को मात देकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया।

सीरियाई फुटबॉलर के करियर की नई शुरुआत

युवा सीरियाई फुटबॉलर, Ahmed Habbab ने अब तक कई परेशानियों को क़रीब से देखा है, लेकिन वह अपने देश में रहते हुए जोखिम नहीं उठाना चाहते। पर अब, कलिंग इंस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी (KIIT) में बैचलर ऑफ टेक्नोलॉजी की डिग्री के लिए छात्रवृत्ति ने उनके जीवन को एक नया मोड़ दिया है।

इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए उन्होंने कहा, ''सीरिया में आप एक पेशेवर फुटबॉलर के रूप में जीवन नहीं बना सकते।" 20 वर्षीय इस खिलाड़ी ने आगे कहा, “वहां के स्टेडियम काफी क्षतिग्रस्त हो गए हैं, यहां तक ​​कि ट्रेनिंग के लिए आपको विदेश जाना पड़ता है और इसकी तलाश करनी होती है कि कोई क्लब आपको स्वीकार करे, यही कारण है कि मुझे यहां से उम्मीद है।''

Ahmed Habbab, जिन्होंने एक समय ऐसा भी बिताया है जब वह बिना भोजन के करीब 10 दिनों तक जीवित रहे थे, क्योंकि सीरिया में लगातार गोलाबारी जारी थी, हालांकि वह दो साल पहले वर्ल्ड कप क्वालीफायर में सीरियाई फुटबॉल टीम की ऑस्ट्रेलिया से करीबी हार से काफ़ी प्रेरित हुए थे।

वह खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं और उन्हें उम्मीद है कि वह इंडियन सुपर लीग (Indian Super League) के माध्यम से अपने लिए करियर बना सकते हैं, जबकि एक दिन सीरियाई राष्ट्रीय टीम के लिए खेलना उनका सपना है।

दुती चंद पर सभी की निगाहें

28 फरवरी को एथलेटिक्स शुरुआत के साथ ही स्टार इंडियन स्प्रिंटर और ओलंपियन, Dutee Chand खेलो इंडिया यूनिलर्सिटी गेम्स में KIIT के लिए अपना अभियान शुरू करेंगी। वह लगातार दूसरे ओलंपिक का हिस्सा होने के लिए जमकर मेहनत कर रही हैं।

हालाँकि, Dutee Chand ओलंपिक 2020 का टिकेट हासिल करने के बेहद क़रीब खड़ी हैं, उनका सर्वश्रेष्ठ 100 मीटर (11.22 सेकंड, एक राष्ट्रीय रिकॉर्ड) अभी भी ओलंपिक 2020 योग्यता के 11.15 सेकंड से थोड़ा कम है।

Dutee Chand ने प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (PTI) को बताया, ''मैं अपनी वर्ल्ड रैंकिंग के आधार पर ग्रेड बना सकती हूं, लेकिन मैं क्वालिफिकेशन स्टैंडर्ड हासिल कर ओलंपिक खेलों में जगह बनाना चाहती हूं।''