Kerri Strug: एक जिम्नास्ट जिसने दर्द से लड़ने के बाद पाई ओलिंपिक सफलता 

अमरीका की Kerri Strug 1996 एटलांटा ओलिंपिक खेलों के दौरान संतुलन बीम पर खेलती हुई।
अमरीका की Kerri Strug 1996 एटलांटा ओलिंपिक खेलों के दौरान संतुलन बीम पर खेलती हुई।

ओलिंपिक खेलों में विश्व के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी रिकॉर्ड बनाते और कई अद्भुत कहानियों को जन्म देते हैं। इसके साथ ओलिंपिक खेल प्रतियोगिताएं भावुक, हास्यास्पद और दुखी क्षणों का एक संग्रह भी है। हर सप्ताह हम आपको एक ऐसी कहानी बताते हैं जो आपको हसायेगी या भावुक कर देगी। इस बार हम आपको बताएँगे कैसे जिम्नास्ट Kerri Strug ने एटलांटा में दर्द को हराते हुए ओलिंपिक स्वर्ण अपने नाम किया। 

पहली की कहानी

Kerri Strug ने अपना ओलिंपिक सफर 1992 बार्सिलोना खेलों से किया था और 14 वर्ष की आयु में अमरीका टीम कि सबसे युवा सदस्य थीं। 

एक महीने पहले हुए ओलिंपिक ट्रायल में Strug एक अभ्यास के दौरान गिर पड़ी और उन्हें तब लगा कि वह राष्ट्रीय टीम में नहीं चुनी जाएँगी लेकिन उनकी प्रतिभा को देखते हुए चयनकर्ताओं ने एरिज़ोना कि इस युवा जिम्नास्ट को चुन लिया।

बार्सिलोना ओलिंपिक खेलों में Strug के हाथ सफलता और विफलता दोनों लगी क्योंकि उन्होंने टीम प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीता लेकिन आल अराउंड मुकाबले के लिए उन्हें नहीं चुना गया। टीम में न चुने जाने से Strug को बहुत धक्का पहुंचा और वह काफी निराश भी हुईं लेकिन चार वर्ष बाद उसी अनुभव के कारण वह स्वर्ण पटल पर पहुँचने वाली थी।

फाइनल मुकाबला

वर्ष 2016 में एनबीसी से बात करते हुए Strug ने कहा था, "मुझे उन खेलों से उम्मीदें ज़्यादा थी क्योंकि हम पिछली बार जीते नहीं थे।"

साल 1996 में Strug ने एटलांटा ओलिंपिक खेलों में अपनी जगह बनायी और वह 'मैग्निफिसेंट सेवन' नामक समूह का हिस्सा बनीं। ओलिंपिक खेल की मेज़बानी अमरीका ज़रूर कर रहा था और वह अच्छे फॉर्म में भी थे लेकिन इस टीम में बहुत से ऐसे खिलाड़ी थे जिन्होंने कभी टीम प्रतियोगिता को नहीं जीता था। सोवियत संघ की टीम एक बार फिर से स्वर्ण जीतने की प्रबल दावेदार थी और उनको हराना अमरीका के लिए बड़ी चुनौती थी।

इतिहास अमरीका के खिलाफ था लेकिन उन्होंने प्रतियोगिता के फाइनल में एक अच्छी बढ़त बना ली थी और पदक जीतने के लिए प्रबल दावेदार बन चुके थे। आखरी राउंड में अमरीका की बढ़त 0.897 अंक थी और यह प्रतियोगिता का आखरी पड़ाव था।

अमरीका के लिए स्वर्ण पदक जीतना अब बाएं हाथ का खेल था लेकिन दबाव के कारण उनकी टीम के चार सदस्य सही तरह अंत करने में विफल रहे। उसके बाद 14 वर्षीय Demonique Moceanu ने दो प्रयास किये और दोनों में ही विफल रही जिसकी वजह से सारा दबाव Strug पर था। उनके दो वॉल्ट पैंतरे स्वर्ण और रजत के बीच का अंतर थे।

Strug के पहले वॉल्ट में ही दुर्घटना हुई और अवतरण करते वक़्त उनके टखने पर चोट लग गयी जिसकी वजह से उन्हें बहुत दर्द हो रहा था। दर्शकों और उस प्रतियोगिता स्थल में उपस्थित सब लोगों को Strug का दर्द दिख रहा था और उन्हें लगा की ओलिंपिक खेल उनके लिए समाप्त हो चुके थे।

दर्द अपनी चरम सीमा पर था और Strug के सामने उसे परास्त कर अपने राष्ट्र के लिए स्वर्ण जीतने का मौका था। उन्होंने अपने आप को हवा में उछाला और उस समय मानो पूरे विश्व की निगाहें उनके ऊपर थी। जब उन्होंने अवतरण किया तो उनका टखना थोड़ा हिला क्यूंकि छलांग ने उनके पूरे शरीर पर असर किया था।

उन्होंने ठीक अवतरण करने के बाद दर्द में होने के बाद भी अपने हाथ हवा में उठाये। Strug ने वह कर दिखाया था जिसकी किसी ने उम्मीद नहीं करि थी और दर्द को हरा कर अमरीका के लिए स्वर्ण जीत लिया था।

अमरीका की Kerri Strug 1996 ओलिंपिक खेलों के दौरान वॉल्ट प्रतियोगिता में चोट लगने बाद अपने टखने को संभालती हुई।
अमरीका की Kerri Strug 1996 ओलिंपिक खेलों के दौरान वॉल्ट प्रतियोगिता में चोट लगने बाद अपने टखने को संभालती हुई।
1996 Getty Images

परिणाम

कुछ लोगों के जीवन एक क्षण में बदल जाते हैं और Strug के लिए वह यही समय था और वह पूरे अमरीका में बहुत लोकप्रिय हो गयी। उन्हें अनेकों टेलीविज़न कार्यक्रमों में बुलाया गया और वह अमरीका के राष्ट्रपति से भी मिली।

ओलिंपिक सफलता के बाद Strug के लिए वह फॉर्म बरक़रार रखना थोड़ा मुश्किल हो गया और कुछ समय बाद उन्होंने जिम्नास्टिक्स से सन्यास ले लिया।

जिम्नास्टिक्स छोड़ने के बाद Strug ने कई काम किये जिनमे से अध्यपिका एक था।

उन्होंने जिम्नास्टिक्स छोड़ दिया है लेकिन Strug की स्वर्ण विजय है हमेशा याद रखी जाएगी और आज भी पूरे अमरीका में कई बच्चों के लिए वह प्रेरणा की स्त्रोत हैं।