कोरोना से पीड़ित वह एथलीट जिनकी ओलंपिक भावना ने उन्हें जीवित रखने में मदद की

ग्रेट ब्रिटेन के ओलंपियन, Ken Dwan ने मेक्सिको सिटी 1968 और म्यूनिख 1972 ओलंपिक खेलों में प्रतिस्पर्धा की।
ग्रेट ब्रिटेन के ओलंपियन, Ken Dwan ने मेक्सिको सिटी 1968 और म्यूनिख 1972 ओलंपिक खेलों में प्रतिस्पर्धा की।

ग्रेट ब्रिटेन के Ken Dwan ने 1968 मैक्सिको ओलंपिक खेलों में रोइंग प्रतियोगिता में भाग लिया था। जब COVID-19 के खिलाफ जीवन या मृत्यु की लड़ाई का सामना करना पड़ा, तो उन्होंने अपने जीवन को बचाने के लिए अपनी ओलंपिक इच्छाशक्ति का आह्वान किया। टोक्यो 2020 ने ओलंपियन से खेलों में अपने अनुभवों के बारे में बात की और कैसे मेक्सिको 1968 की उनकी यादों ने उनके जीवन को बचाने में मदद की।

पानी में खून

पानी के साथ Ken Dwan का संबंध बहुत पुराना है। 500 सालों से, उनके परिवार ने लंदन के टेम्स नदी पर वॉटरमैन और लाइटरमैन के रूप में काम किया है। आज भी वे Eel Pie Island Slipways व्यवसाय को चलाना जारी रखते हैं।

यह उसी नदी पर था जहां उनके पूर्वज व्यापार करते थे कि रोइंग के लिए Dwan की प्रतिभा सुर्खियों में आई थी।

"मैंने एक वॉटरमैन के रूप में टेम्स नदी पर काम किया। मेरे लिए सबकुछ ठीक था क्योंकि मैं उस समय पर काम कर सकता था जब सब कुछ पागलखाने जैसा था, लेकिन बाकी समय में मैं स्कलिंग के लिए जाता था या मैं जिम जाता था।”

रोइंग के लिए उनका प्यार हमेशा से था। उन पारिवारिक शुरुआत से लेकर यूरोपीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा और आखिरकार 19 साल की उम्र में, मैक्सिको सिटी ओलंपिक खेलों में अपने देश का प्रतिनिधित्व करने तक - उन्होंने हर चीज़ का हिस्सा बनने का आनंद लिया।

"यह ऐसा था जैसे कि एक सपना सच हो गया हो।" "मुझे लगता है कि मेक्सिको ओलंपिक अक्टूबर में थे, इसलिए हमें योग्य होने के लिए गर्मियों की तैयारी करनी थी और फिर अपने रोइंग सीजन के अंत में, ओलंपिक की तैयारी के लिए हमें वापस जिम जाना था।"

सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि एथलीट किस तरह से किसी दिन एक प्रदर्शन करता है। हालांकि, ग्रेट ब्रिटेन रोवर के लिए, ब्रिटेन की कंडीशंस में अभ्यास करना एक कठिन काम था क्योंकि वे उन परिस्थितियों से बहुत अलग थी जो ओलंपिक के समय मैक्सिको में होंगी।

"उस समय इंग्लैंड में 2,000 मीटर का कोर्स नहीं था। मैंने पाया कि ग्रैंड यूनियन कैनाल पर कुछ जगह है जहां मैं अभ्यास कर सकता हूं। लेकिन यह केवल 500 मीटर लंबा था। इसलिए मैं अपना समय वहां प्रशिक्षण में बिताता था - मैं एक तरफ 500m रोइंग करता था, फिर मुड़ता था, और फिर दूसरी तरफ 500m रोइंग करता था। मुझसे जितना होता था में करता था।”

Ken Dwan ने Doggett's Coat and Badge race - 1971 में दुनिया की सबसे पुरानी रोइंग रेस जीती। (Topical Press Agency/Hulton Archive / गेटी इमेजेज द्वारा फोटो)
Ken Dwan ने Doggett's Coat and Badge race - 1971 में दुनिया की सबसे पुरानी रोइंग रेस जीती। (Topical Press Agency/Hulton Archive / गेटी इमेजेज द्वारा फोटो)
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एक याद जिसने उन्हें ताकत दी

एथलीट्स के लिए, आगामी ओलंपिक खेलों की तैयारी के लिए सही प्रशिक्षण मैदान खोजना महत्वपूर्ण था।

मैक्सिको सिटी की परिस्थितियों के लिए तैयार होने के लिए, उन्हें 2,240 मीटर की ऊंचाई के लिए खुद को शारीरिक रूप से तैयार करने की आवश्यकता थी। यह उन लोगों के लिए एक चुनौती थी, जो उन ऊंचाइयों पर प्रतिस्पर्धा करने के अभ्यस्त नहीं हैं।

उन्हें इस बात का अंदाजा तक नहीं था की उस वक़्त जो वह ट्रेनिंग कर रहे थे वह उन्हें ऐसा अनुभव देगी जो उन्हें आने वाले समय में उनके जीवन की सबसे बड़ी लड़ाई से लड़ने में मदद करेगी।

"हमने West Middlesex Hospital में परीक्षण करना शुरू कर दिया। वे ट्रेडमिल पर खड़े होने या बाइक पर बैठने के लिए कहते थे - हमारे को ऑक्सीजन मास्क लगाने के लिए कहते थे और फिर हमें ट्रेनिंग करनी होती थी," उन्होंने कहा।

अक्टूबर के दौरान, अंग्रेजी रोवर मैक्सिको पहुंच गया। ओलंपिक खेलों की तैयारी शुरू करने से पहले उन्होंने अपने साथियों के साथ वहां की परिस्थितियों को समायोजित करने में लगभग दो सप्ताह का समय लिया।

फिर, यह सिंगल स्कल्स प्रतियोगिता शुरू होने का समय था। नीदरलैंड्स के Henri Jan Wienese द्वारा जीती गई एक दौड़ में, Dwan ने ओलंपिक फाइनल में छठा स्थान हासिल किया।

यह वह परिणाम नहीं था जिसकी उन्होंने उम्मीद की थी, लेकिन यह निश्चित रूप से 19 वर्षीय के लिए एक "महान अवधि" के अंत को चिह्नित करता है, जिन्होंने केवल दो साल पहले ही रोइंग शुरू की थी।

"इन् दो सालों में बहुत कुछ बदला। मैंने दो साल पहले अपनी पहली सकलिंग रेस जीती, फिर बिना कोई रेस हारे ओलंपिक फाइनल तक पहुंचा, और जब मुझे फाइनल में जीतना था, वहां मैं हार गया।"

चार साल बाद, Dwan को फिर से म्यूनिख में 1972 ओलंपिक के लिए चुना गया, जहां वह एकल स्कल्स प्रतियोगिता में नौवें स्थान पर रहे।

लेकिन यह मेक्सिको की यादें थीं जिसने उन्हें ताकत दी, जब उन्हें इसकी सबसे ज्यादा जरूरत थी।

एक पल में कैसे बदली ज़िन्दगी

मार्च 2020 में, Dwan का जीवन एक पल में बदल गया।

"मैं एक टेबल पर बैठा था और मैं एकदम से नीचे गिर गया और हिल भी नहीं पा रहा था," उन्होंने कहा। मेरी पत्नी ने 999 को फ़ोन लगाया और एम्बुलेंस आई। मुझे A&E में ले जाया गया जहाँ पता लगा की मुझे कोरोना वायरस है।

अगले कुछ घंटे Dwan के लिए काफी मुश्किल थे, क्योंकि उन्हें आपातकालीन वार्ड में ले जाया गया और ऑक्सीजन दिया गया।

"यह सुनिश्चित करने के लिए कि मेरे फेफड़े काम कर रहे हैं, डॉक्टर मुझे 100% ऑक्सीजन दे रहे थे," Dwan ने याद किया।

"जो ऑक्सीजन वे मुझे दे रहे थे, उसका मुझ पर कोई असर नहीं पड़ रहा था। तब उन्होंने मेरे पास आकर पूछा कि क्या मैं एक गैर-पुनर्जीवन फॉर्म पर हस्ताक्षर करूंगा। जो मैंने अंततः किया। उसके बाद, मैंने उनसे कहा, "डॉक्टर्स, मेरा जीवन आपके हाथों में है, केवल आप और भगवान ही मुझे बचा सकते हैं।" यह वह बिंदु था जहां मेरा शरीर ऑक्सीजन का जवाब नहीं दे रहा था और वे इसे बंद करने जा रहे थे।"

लेकिन जब Dwan अपने जीवन के लिए लड़ रहे थे, तब भी वह एक भयानक परिदृश्य देख सकते थे, जहां अन्य मरीज भी COVID-19 के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे थे।

उस समय उन्होंने मेक्सिको ओलंपिक की तैयारी के दौरान अपने द्वारा प्राप्त अनुभव को याद किया।

“हर समय जब मैं उच्च निर्भरता वार्ड में था…यह युद्ध क्षेत्र में होने जैसा था। वहाँ लोग अपने चेहरे से मास्क उतार रहे थे और डॉक्टर से उन्हें मरने देने की विनती कर रहे थे। वो सिर्फ मरना चाहते थे और उस टाइम डॉक्टर और नर्स इन लोगों से निवेदन कर रहे थे कि वे अपना मास्क ना उतारे। कुछ मिंटो तक सब ठीक होता था और फिर उसके बाद वापिस वही बात। और 20 मिनट के भीतर उन लोगो को एक बॉडी बैग में बाहर ले जाया जाता था," उन्होंने याद किया।

"और मैंने सोचा, "यह मेरे लिए नहीं है।" और अचानक मेरी मानसिकता मेक्सिको से पहले प्रशिक्षण पर चली गई। मेरे दिमाग में क्लिक किया, "ठीक है, मुझे ऑक्सीजन लेना है । यह प्रशिक्षण कार्यक्रम का हिस्सा है। मैंने सोचा, “ठीक है, मैंने ऐसा किया है, और इस ऑक्सीजन को ले कर मुझे दौड़ के लिए तैयार करना है।”

एक ओलंपियन के रूप में, Dwan ने कई वर्षों तक उस स्तर तक पहुंचने के लिए प्रशिक्षण लिया था जो ओलंपिक खेलों में प्रतिस्पर्धा करने के लिए आवश्यक है। अब इंटेंसिव केयर यूनिट में एक मरीज के रूप में, वह अपने प्रशिक्षकों की आवाज़ों को फिर से सुनना सकते है, जो उन्हें ठीक होने के लिए कह रहे है।

डॉक्टर्स ने अंततः Dwan को स्टेरॉइड्स देना शुरू कर दिया और इसका प्रभाव पॉजिटिव था।

"जब उन्होंने मुझे स्टेरॉइड्स दिए तो मेरे शरीर ने एक दम से असर दिखाना शुरू किया। मेरे शरीर ने ऑक्सीजन लेना शुरू कर दिया था। प्रोग्रेस होती नज़र आ रही थी, और कुछ समय मुझे ठीक महसूस होने लग।”

ठीक होने तक का सफर

कुल मिलाकर, Ken Dwan ने अस्पताल में करीब चार सप्ताह बिताए। लेकिन आईसीयू को छोड़ना उनके ठीक होने की शुरुआत का प्रतिनिधित्व करता है।

सबसे पहले वह सिर्फ आराम करते थे, अपने बिस्तरे से भी नहीं उठते थे। उन्हें कभी कभी ऑक्सीजन भी लेना पड़ता था। शुरुवात में उन्हें अपने पैरों पर खड़े होने में थोड़ी तकलीफ भी होती थी।

लेकिन उन्हें प्रेरणा एक अप्रत्याशित स्रोत से मिली।

“वार्ड में दो बूढ़े आदमी थे, एक 84 का था और एक 82 का। वह दोनों अपने घर जाने के लिए दृढ़ थे। और वह हर घंटे क्या करते थे - वह अपने बिस्तरे से उठते थे और वार्ड में सैर करते थे। और में बिस्तरे पे पढ़ा रहता था और सोचता था, "मैं हिल भी नहीं पा रहा और वह दोनों सैर कर रहे हैं?!"

फिर मैंने खुद से कहा, "अगली बार जब यह दोनों सैर करने के लिए अपने बिस्तरे से उठेंगे तो मैं भी उठूंगा और कुछ करूँगा।"

और उन्होंने ऐसे ही किया। अगली बार जब वह दोनों आदमी सैर के लिए उठे, तो Dwan भी उठे और उन्होंने 50 बार उठक-बैठक की और फिर वो थक गए। अगले घंटे उन्होंने 60 बार की, उसके अगले 70 और एक समय आया जब उन्होंने 100 बार उठक-बैठक की।

यह इस बिंदु पर था कि उन्होंने सुरंग के अंत में प्रकाश देखना शुरू किया: "मुझे लगा, यह वही पल है ... हम अपने रास्ते पर हैं," वह उत्साह से याद करते हैं।

इतने दिनों तक इलाज करवाने के बाद, आखिरकार Dwan को अस्पताल से जाने की अनुमति मिली। यह एक भावनात्मक, लगभग आध्यात्मिक अनुभव था:

"जैसे ही में वार्ड से बहार निकला मेरे को आम लोग दिखे, जिन्होंने डॉक्टर वाली पोशाक नहीं पहनी थी। यह मेरे लिए बहुत अलग था।"

"और जैसे-जैसे हम करीब आते गए दरवाजे खुलते गए और मैं धूप में और ताज़ी हवा में निकलता गया और यह फिर से पैदा होने जैसा था। मैं बहुत भावुक था। बहुत, बहुत भावुक।”

Ken Dwan.
Ken Dwan.
Courtesy of the Dwan family.

उनका एंजेल

हालाँकि उनकी ओलंपिक भावना ने वायरस के खिलाफ Dwan की लड़ाई में एक आवश्यक भूमिका निभाई थी, लेकिन वे उन स्वास्थ्य कर्मियों के बारे में बात करते हुए दर्द में थे जो इस संकट के समय में रोगियों की मदद करने के लिए अपना जीवन जोखिम में डाल रहे हैं। उन स्वास्थ्यकर्मियों ने न केवल रोवर की जान बचाई बल्कि उनकी भावना को भी उठाया - जिस तरह से कोच उन्हें कई साल पहले मैक्सिको में ओलंपिक खेलों के लिए तैयार करते थे।

“जब में हॉस्पिटल में A&E में गया तो वहां एक डॉक्टर थी, एक युवा आयरिश लड़की। उन्होंने मुझे देखकर कहा, "मैं आपका चेहरा पहचानती हूं।" बाद में पता लगा वह मेरे भाई की पड़ोसन है। उन्होंने फिर मेरा इलाज किया।“

"उसने मेरा काफी ख्याल रखा। अपनी शिफ्ट खत्म होने से पहले हमेशा मेरे पास आती थी और मेरा हाल चल पूछती थी - मुझे कहती थी, "आपको ठीक होना है, आपको घर जाना है।"

“बस थोड़ा सा प्रोत्साहन। वह वास्तव में एक रोइंग कोच की तरह थी। जब तक में अच्छे से ठीक नहीं हो गया, तब तक उसने मेरा ध्यान रखा। वह आज भी हर सुबह मेरेको मैसेज करके मेरा हाल चल पूछती है।“

"वो कितनी अच्छी है। वो एक एंजेल की तरह है।"

"और भगवन का शुक्र हैं की में अब ठीक हुईं, ज़िन्दगी एक तौफा है।”