Katie Taylor: प्रतिभाशाली फुटबॉलर से लेकर दुनिया की सर्वश्रेष्ठ मुक्केबाजों में से एक 

आयरलैंड की Katie Taylor ने लंदन 2012 ओलंपिक खेलों के 13वें दिन महिला लाइटवेट (60 किग्रा) मुक्केबाज़ी के फाइनल मुकाबले के दौरान रूस के Sofya Ochigava के खिलाफ अपना मुकाबला जीतने का जश्न मनाया। (Scott Heavey/Getty Images द्वारा फोटो)
आयरलैंड की Katie Taylor ने लंदन 2012 ओलंपिक खेलों के 13वें दिन महिला लाइटवेट (60 किग्रा) मुक्केबाज़ी के फाइनल मुकाबले के दौरान रूस के Sofya Ochigava के खिलाफ अपना मुकाबला जीतने का जश्न मनाया। (Scott Heavey/Getty Images द्वारा फोटो)

क्या आपने कभी सोचा है कि प्रसिद्ध होने से पहले आपके पसंदीदा खिलाड़ी क्या थे? हर हफ्ते टोक्यो 2020 आपको एक झलक देगा कि दुनिया के कुछ महानतम एथलीटों के लिए जीवन क्या था, इससे पहले कि वे सितारे बने। 

विवरण:

  • नाम: Katie Taylor
  • आयु: 34
  • राष्ट्रीयता: आयरिश
  • पेशा : बॉक्सर

उन्होंने ऐसा क्या हासिल किया है जो उन्हें बाकी सब से अलग मुकाम देता है?

Katie Taylor के मामले में, उपरोक्त प्रश्न का एक शब्द के साथ उत्तर देना बहुत बड़ी बात नहीं है - ‘सब कुछ’।

सिर्फ शौक के लिए किए गए काम को एक शानदार कैरियर बना कर, Taylor ने लगातार पांच महिला वर्ल्ड चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक, छह यूरोपीय चैंपियनशिप स्वर्ण और पांच यूरोपीय संघ चैंपियनशिप स्वर्ण पदक जीते, जो वाकई तारीफ के काबिल है। लेकिन सबसे खूबसूरत रहा उनका लंदन 2012 ओलंपिक खेलों में जीता गया लाइट-वेट स्वर्ण पदक - जो महिला मुक्केबाज़ी टूर्नामेंट का पहला ओलंपिक पदक था। उन्होंने रूसी बॉक्सर, Sofya Ochigava को 10-8 से हराकर इनॉग्रल महिला लाइटवेट मुक्केबाज़ी के खिताब को डिफेंड किया।

एक शौकिया करियर का आनंद लेते हुए, Taylor 2016 में पेशेवर रैंक में चली गई, जहां वह वर्तमान में 16-0 का रिकॉर्ड रखती है। उन्हें व्यापक रूप से दुनिया में सबसे बड़ी महिला मुक्केबाज़ों में से एक के रूप में माना जाता है, वह केवल आठ मुक्केबाज़ों में से एक है - महिला या पुरुष - जिन्होंने कभी भी एक ही समय में डब्ल्यूबीए, डब्ल्यूबीसी, आईबीएफ और डब्ल्यूबीओ खिताब हासिल किए हैं।

2019 में, Taylor एक टू-वेट विश्व चैंपियन भी बन गई, जिसने Christina Linardatou को सर्वसम्मत निर्णय से हराकर डब्ल्यूबीओ जूनियर-वेल्टरवेट खिताब जीता।

आश्चर्यजनक तथ्य

आश्चर्यजनक तथ्य यह है कि, एक असाधारण मुक्केबाज़ी प्रतिभा होने के साथ-साथ, Katie Taylor एक उच्च श्रेणी की कुशल फुटबॉलर भी हैं, जो युवा और वरिष्ठ दोनों स्तरों पर आयरलैंड गणराज्य का प्रतिनिधित्व करती हैं। उनके पास 19 कैप थे और उन्होंने सीनियर राष्ट्रीय टीम के लिए दो गोल भी किए - दोनों को आयरिश मिरर में 'लॉन्ग-रेंज स्टनर' के रूप में वर्णित किया गया।

एक स्व-घोषित लीड्स यूनाइटेड समर्थक, Taylor ने अंततः फुटबॉल को ना लेकर मुक्केबाज़ी को अपने मनचाहे खेल के रूप में चुना। 2019 स्काई स्पोर्ट्स साक्षात्कार में उन्होंने बताया, "मेरे पास स्कूल छोड़ने पर अमेरिका में एक फुटबॉल छात्रवृत्ति प्राप्त करने का मौका था, लेकिन मुक्केबाज़ी हमेशा मेरा पहला जुनून रहा। मुझे पता था कि मुझे दो खेलों के बीच चयन करना है और मैंने स्पष्ट रूप से मुक्केबाज़ी को चुना।"

लेकिन भले ही मुक्केबाज़ी में सफलता का स्वाद कुछ और ही होता है, जिसे Taylor ने अपने जीवन में उतारा, लेकिन अगर आयरलैंड की उनकी पूर्व टीम की सदस्य Marie Curtin से पूछा जाए तो उनके शब्दों में यही होगा कि, “उन्होंने अपने फुटबॉल करियर के दौरान जितनी सफलता हासिल की है, उतना ही आनंद भी उठाया होगा,” और यह तभी पता लगता है जब आप खुद उसमें शामिल हों।

 "मुझे इस बात पर कोई संदेह नहीं है कि अगर Katie ने फुटबॉल को चुना, तो वह उसमें काफी ऊंचाइयों तक पहुंचेगी। उन्हें प्रशिक्षण से प्यार "अगर वह आज तक खेल रहीं होती, तो वह विश्व कप और यूरोपीय कप में प्रतिस्पर्धा करने में अपनी टीम की मदद करती।"

आजकल Katie कहां हैं?

Taylor ने मुक्केबाज़ी की दुनिया में परचम लहराना जारी रखा है और हाल ही में बेल्जियम के डेल्फ़िनस्पून पर एकतरफा अंक जीत के साथ अपनी चार साल की बेमिसाल जीत की लकीर को और आगे बढ़ा कर मुक्केबाज़ी की दुनिया में अपना सिक्का जमाया है।

खेल के बाहर, वह कई अलग-अलग धर्मार्थों के साथ शामिल है - जिसमें Barnardos, Zest4Kids, Bray Lakers और Wicklow Hospice फाउंडेशन शामिल हैं। उनको गेलिक भाषा जानने का भी काफी शौक है, आरटीई के साथ एक साक्षात्कार में उन्होंने बताया कि, "मुझे अपनी भाषा बोलने में सक्षम होना पसंद है और शायद मेरे बॉक्सिंग मुकाबलों के बाद आयरिश में एक साक्षात्कार दिया जा सकता है।"

2015 में एक बार फिर, Taylor ने संवाददाताओं से बातचीत के दौरान बताया, "मैं चाहती हूं कि, इतिहास के पन्नों में मुझे अब तक की सबसे बड़ी महिला मुक्केबाज़ के रूप में जाना जाए और मुझे लगता है कि मैंने अपने मुकाम को पाने के लिए सही रास्ता चुना है।अब पांच साल बाद और वर्ल्ड चैम्पियनशिप के लिए उनके नाम की बेल्ट के साथ, आयरलैंड के Bray में इस बेमिसाल मुक्केबाज को संतोष हो सकता है कि उनका सपना सच हो गया है।

21 साल की उम्र में केटी टेलर
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