IOC के अध्यक्ष: "ओलंपिक की लौ इस अंधेरी सुरंग को रोशन करेगी"

IOC के अध्यक्ष ने आज, ओलंपिक खेल को स्थगित करने के लिए IOC और टोक्यो 2020 आयोजन समिति के संयुक्त निर्णय के बारे में मीडिया टेलीकॉन्फ्रेंस के दौरान अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसियों को संबोधित किया।

Thomas Bach ने विश्व मीडिया को संबोधित किया और यह कहकर चर्चा शुरू की...

जापान के प्रधानमंत्री Abe के साथ और हमारे जापानी भागीदारों और दोस्तों के साथ, हम IOC में चर्चा करने के बाद, इस वैश्विक महामारी की गंभीरता से अवगत हैं। हम इस तथ्य से भी अवगत हैं कि यह बीमारी किस तरह से सभी के जीवन को प्रभावित कर रही है। हम पिछले कुछ दिनों में नवीनतम घटनाओं और खतरनाक आंकड़ों के बारे में बहुत चिंतित हैं। उदाहरण के लिए, अफ्रीका एक चिंता का विषय है। हम ऐसे आंकड़े देख सकते हैं जो दिखा रहे हैं कि हम वायरस के प्रकोप की शुरुआत में ही कई मामले दक्षिण अमेरिका और ओशिनिया में दर्ज किए जा रहे हैं, साथ ही दुनिया के कई हिस्सों में भी इसका प्रकोप तेज़ी से बढ़ रहा है। इन आंकड़ों के कारण रविवार को IOC के कार्यकारी बोर्ड की बैठक हुई। दोनों दिनों, रविवार और सोमवार को चर्चा के बाद, हमने दुनिया भर में दर्ज किए जाने वाले अधिक मामलों को नोट किया।

महामारी के बढ़ने के कारण, विश्व स्वास्थ्य संगठन ने सोमवार को दुनिया को आगाह करते हुए कहा कि इस वायरस का प्रसार बढ़ रहा है, और वे इस मामले को G20 नेताओं के साथ संबोधित करना चाहते थे। इसके बाद, मैंने और प्रधानमंत्री, Abe ने फोन पर बात करने और इस मामले पर चर्चा करने का फैसला किया। इस फोन कॉल के दौरान, हम बहुत सी बातों पर सहमत हुए, जो इस प्रकार हैं: टोक्यो में XXXII ओलंपियाड के खेल और पैरालंपिक खेलों को अगले साल पुनर्निर्धारित किया जाना चाहिए, लेकिन 2021 में गर्मियों के समाप्त होने से पहले। यह निर्णय एथलीटों और ओलंपिक खेलों में शामिल सभी लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए लिया गया था। हम इस बात पर भी सहमत हुए कि ओलंपिक लौ जापान में रहेगी, जो हमारी प्रतिबद्धता और हमारी आशा के प्रतीक के रूप में है। प्रतीकात्मक कारणों से, इन खेलों का नाम - ओलंपिक खेल टोक्यो 2020 ही रहेगा।

हम दोनों अगले साल 2021 में ओलंपिक खेलों को सफलतापूर्वक आयोजित कराने के लिए आशान्वित हैं, यह COVID-19 महामारी के संकटों पर काबू पाने के लिए मानवता की जीत होगी। इस तरह, ओलंपिक ज्वाला पूरी दुनिया के लिए अंधेरी सुरंग को रोशन करने का काम कर सकती है, जो अभी वायरस फैलने के कारण पीड़ित है। प्रधानमंत्री Abe के साथ फोन पे बात करने के बाद, हमने IOC कार्यकारी बोर्ड की बैठक की, जहाँ कार्यकारी बोर्ड के सदस्यों ने प्रधानमंत्री Abe और मेरे बीच इस समझौते को मंजूरी दी। अंतरराष्ट्रीय पैरालम्पिक समिति के अध्यक्ष Andrew Parsons को भी आमंत्रित किया गया था और, अंतरराष्ट्रीय पैरालम्पिक समिति की ओर से उन्होंने इस समझौते का समर्थन किया।

तारीखों के संबंध में, आपने संकेत दिया है कि ओलंपिक खेल गर्मियों में आयोजित किए जाएंगे, या उसी समय सीमा में जब ओलंपिक 2020 निर्धारित किया गया था । क्या आपने इस सवाल पर ध्यान दिया है कि अतिरिक्त लागत खेलों के स्थगन को कैसे प्रभावित करेगी?

प्रधानमंत्री और मैंने समय सीमा पर चर्चा नहीं की। इस पर निर्णय समन्वय आयोग और आयोजन समिति द्वारा लिया जाएगा। वे इन परिदृश्यों के बारे में बात करेंगे और हल करने के लिए बहुत सारी पहेलियाँ हैं। ओलंपिक खेल शायद इस ग्रह पर सबसे जटिल इवेंट है, और सब कुछ व्यवस्थित करने के लिए सिर्फ एक फोन कॉल पर नहीं किया जा सकता है। समन्वय आयोग और अंतरराष्ट्रीय संघों से सहयोग और कई अन्य भागीदारों से भी हमें अपना मकसद हासिल करने में मदद मिलती है। यह एक बड़ी चुनौती है। वित्तीय लागत एक ऐसी चीज है जिस पर चर्चा नहीं की गई है क्योंकि मानव जीवन की सुरक्षा एक प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री Abe ने कहा है कि जापान सरकार की पूर्ण सहायता और प्रतिबद्धता प्रदान की जाएगी जो सुनिश्चित करेगी कि 2021 में ओलंपिक खेलों की सफलतापूर्वक मेजबानी की जाए। मेरी तरफ से, मैंने यह सुनिश्चित किया है कि IOC इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए हर संभव प्रयास करेगा।

आपने पहले उन आंकड़ों के बारे में उल्लेख किया था जो विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा प्रदान किए गए थे और यह कि स्थिति हर दिन बदल रही है। न्यूयॉर्क टाइम्स को दिए एक साक्षात्कार में, आपने कहा कि आपके विचार भी बदल रहे थे। ओलिंपिक खेलों को स्थगित करने का निर्णय लेने वाले कारक क्या थे?

मुझे लगता है कि आपने मेरे पत्र से देखा है, जो मैंने एथलीटों को लिखा है जहां मैंने कहा कि मैं उनके साथ हूं और हम सभी को उस स्थिति को संबोधित करना होगा जो इतने लंबे समय से हमें प्रभावित कर रही है। यह एक ऐसी स्थिति है जिसका हम कभी भी हिस्सा नहीं बनना चाहते थे। एथलीटों के लिए, यह दुनिया के कई हिस्सों में एक अत्यंत कठिन स्थिति है। हम एथलीटों की स्थिति को समझते हैं और हमारा दृष्टिकोण ऐसे निर्णय लेने का था जो उनके लिए बाधा नहीं बनेंगे।

इस सब की शुरुआत में, जो सवाल उठाए गए थे कि क्या जापान एथलीटों के स्वागत के लिए सुरक्षित परिस्थितियों की पेशकश कर सकता है। उस बिंदु पर, हम जापान में होने वाले घटनाक्रमों के बारे में आश्वस्त थे - उन सभी उपायों को देख रहे थे जो उठाए जा रहे थे और आंकड़े भी देख रहे थे। हमें विश्वास था कि साढ़े चार महीने के समय में, जापान ओलंपिक की मेजबानी के लिए सुरक्षित परिस्थितियों की पेशकश कर सकता है।

हालांकि, दुनिया भर में पिछले कुछ दिनों में जो हुआ उसने सभी को चिंतित कर दिया। अफ्रीका में लोगों को इस वायरस के प्रकोप से प्रभावित होने की संभावना है, और विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा कि अफ्रीका को इस वायरस से लड़ने के लिए खुद को तैयार करना होगा। हमने देखा है कि पिछले कुछ दिनों में दुनिया के कई हिस्सों में अधिक मामले दर्ज किए जा रहे हैं।

यही कारण है कि हमारी प्राथमिकताओं को स्पष्ट रखा गया है - पहला है एथलीटों के स्वास्थ्य की रक्षा करना, दूसरा है वायरस की रोकथाम में योगदान करना और तीसरा यह कि उन लोगों की देखभाल करना जो पूरी दुनिया में वायरस से प्रभावित थे। WHO द्वारा हमें प्रदान किए गए आंकड़ों के अनुसार, पहले 100,000 मामले 67 दिनों में दर्ज हुए थे। फिर, 11 दिनों के बाद, 200,000 से अधिक मामले दर्ज किए गए, जबकि चार दिन बाद 300,000 अधिक मामले दर्ज किए गए। ये सिर्फ दुनिया भर में दर्ज मामले हैं।

क्या आपको लगता है कि COVID-19 महामारी दो विश्व युद्धों के बाद सबसे खराब संकट है, जिसने तब IOC को ओलंपिक खेलों को रद्द करने के लिए मजबूर किया था?

तुलना हमेशा खतरनाक होती है क्योंकि उनकी व्याख्या बहुत अलग तरीकों से की जा सकती है। युद्ध के कारण खेलों को रद्द करने की खेलों के स्थगन की तुलना करना सही बात नहीं है। युद्ध अलग है, इसमें लाखों लोगों की जाने गयी और दुनिया पर लंबे समय तक इसका असर देखा गया। अभी हम जो सामना कर रहे हैं वह एक अभूतपूर्व संकट है। हमने इससे पहले दुनिया भर में वायरस का इतना प्रसार कभी नहीं देखा है। इसलिए, यह ओलंपिक खेलों के लिए भी एक अलग चुनौती है। यही कारण है कि खेलों को इतिहास में पहली बार बीमारी की वजह से इसे स्थगित किया गया है।

अंतरराष्ट्रीय संघों को ओलंपिक द्वारा वित्त पोषित किया जाता है। वर्तमान में, उनमें से कई वित्तीय संकट में हैं। आप उनकी मदद करने के लिए क्या कर रहे हैं?

जैसा कि मैंने उल्लेख किया है, मैंने आज प्रधानमंत्री Abe के साथ इस विषय पर चर्चा नहीं की। उद्देश्य अभी एथलीटों और शामिल सभी लोगों के स्वास्थ्य की रक्षा करना है। साथ ही, वायरस के प्रसार को रोकने के लिए आवश्यक उपाय करके हम योगदान देंगे। बाकी सब पर बाद में चर्चा की जा सकती है। अभी, प्राथमिकता वायरस से इंसानी ज़िंदगी है।

अगली गर्मियों तक स्थिति नियंत्रण में होगी या नहीं यह कोई नहीं जान सकता। इसलिए, अगर स्थिति बेहतर नहीं हुई, तो क्या आप ओलंपिक खेलों को स्थगित करने या रद्द करने की संभावना पर पुनर्विचार करेंगे?

दूसरे, क्या आप अभी भी मई में जापान और हिरोशिमा की यात्रा करने की योजना बना रहे हैं या आप इस योजना पर पुनर्विचार करेंगे?

IOC की चिंता और प्रतिबद्धता ओलंपिक खेलों को ऐसे वातावरण में आयोजित करने की है जहां सभी लोगों की सेहत और प्रत्येक प्रतिभागी का स्वास्थ्य सुरक्षित रहे। यह प्रतिबद्धता नहीं बदलेगी। इस तरह के सिद्धांत हमें आगे के फैसले लेने के लिए मार्गदर्शन करेंगे। मई के महीने में मेरी जापान यात्रा पर प्रधानमंत्री और मेरे बीच टेलीफोन पर बातचीत के दौरान चर्चा हुई थी।

मैं नियोजित तारीखों पर जापान आऊंगा। हालाँकि, मुझे जापान आकर और ओलंपिक गेम्स टोक्यो 2020 की सफलता के लिए अपनी पूरी प्रतिबद्धता दिखाने में खुशी होगी। हम आयोजन समिति, सरकार के सभी स्तरों और उन सभी लोगों के लिए अपना आभार व्यक्त करना चाहते हैं जिन्होंने ओलंपिक खेलों की तैयारियों में योगदान दिया है। हम दोनों, मैं और प्रधानमंत्री Abe आश्वस्त हैं कि ओलंपिक गेम्स टोक्यो 2020 अगले साल सफलतापूर्वक आयोजित किया जाएगा, और जब ऐसा होगा , तो यह कोरोना वायरस पर मानवता की जीत होगी।

एथलेटिक्स और तैराकी विश्व चैंपियनशिप अगले साल भी होगी। क्या यह 2021 की गर्मियों के दौरान होने वाले ओलंपिक खेलों के आयोजन के लिए एक चुनौती साबित होगी?

ये मुख्य कारण थे कि रविवार को हमने फैसला किया कि हमें इन सवालों के समाधान के लिए कम से कम चार सप्ताह का समय चाहिए। ओलंपिक खेल दुनिया का सबसे बड़ा इवेंट है। 206 राष्ट्रीय ओलंपिक समितियों और IOC शरणार्थी ओलंपिक टीम से 11,000 एथलीटों को एक साथ लाना हमारे लिए एक चुनौती होगी। इसके साथ ही, हमारे पास काम करने के लिए बहुत कुछ है - जिसमें आयोजन समिति, समर्थकों, प्रायोजकों और प्रसारकों के साथ समन्वय करना शामिल है।

इसमें कुछ समय लगता है और समन्वय आयोग ने पहले ही काम शुरू कर दिया है। रविवार से पहले से ही, कई हितधारकों के साथ संपर्क किया गया है, और हमें विश्वास है कि वे इन खेलों को सफल बनाने के लिए एक अच्छा परिणाम लेकर आएंगे जो हम सभी चाहते हैं। मुझे यकीन है कि अंतरराष्ट्रीय संघों और उनके एथलीटों को भी ओलंपिक खेलों में प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम होने में सबसे बड़ी दिलचस्पी है।