कोच बेंडिनिटिस की वापसी से और भी बेहतर होगी बजरंग पुनिया की ट्रेनिंग

Bajrang Punia (Ryan Pierse/ गेटी इमेजेज द्वारा फोटो)
Bajrang Punia (Ryan Pierse/ गेटी इमेजेज द्वारा फोटो)

टोक्यो ओलंपिक से करीब एक साल पहले 2018 एशियन गेम्स के गोल्ड मेडल विजेता ने जॉजियाई कोच के साथ अपनी फॉर्मल ट्रेनिंग को शुरू कर दिया है।

कोरोना वायरस (COVID-19) महामारी के बढ़ते प्रकोप की वजह से भारत में लागू किए गए लॉकडाउन ने कुछ एथलीटों को उनके ट्रैक से उतार दिया, लेकिन Bajrang Punia पर इससे कोई फर्क नहीं पड़ा।

पिछले महीने ऑफ-सीज़न अभ्यास से वापस लौटे भारतीय रेसलर वीडियो कॉल पर अपने कोच शाको बेंडिनिटिस के साथ लगातार संपर्क में थे।

इस जोड़ी का साथ शानदार रहा है और दो सप्ताह पहले जॉर्जियाई कोच के भारत वापसी से बजरंग पुनिया की ट्रेनिंग और भी बेहतर होगी। 

बेंडिनिटिस ने इस सप्ताह की शुरूआत में 14 दिन का क्वारंटाइन समय पूरा किया है और पुनिया ने अपने पसंदीदा वार्ड से बुधवार को पहली बार कर्नाटक के विजयनगर में इंस्पायर इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स (IIS) में प्रशिक्षण लिया। आपको बता दें, मार्च के बाद से बजरंग पुनिया ने पहली बार अपने कोच के साथ ट्रेनिंग की थी।

भारतीय पहलवान ने पिछले साल नूर-सुल्तान में विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक के साथ टोक्यो ओलंपिक के लिए भारतीय पहलवानों का कोटा जीता और रोम में सीज़न की शुरुआत में मैटिओ पेलिकॉन मेमोरियल में स्वर्ण पदक जीता।

इसके बाद 26 वर्षीय बजरंग पुनिया ने नई दिल्ली में एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में रजत पदक जीता।

बजरंग पुनिया ने इस बात को स्वीकार किया कि COVID-19 महामारी ने उनकी योजनाओं को काफी प्रभावित किया है, क्योंकि वह साल 2020 में टोक्यो ओलंपिक को ध्यान में रखते हुए तैयारी कर रहे थे।

उन्होंने कहा, “यह कहना आसान है कि हमें तैयारी के लिए एक और साल मिल गया है, लेकिन अब कुछ नई चीजें हैं जिनकी हमें आदत डालनी है।"

किसी भी तरह के बॉडी कांटेक्ट ट्रेनिंग को रोकने के लिए जारी किए गए सरकारी दिशा निर्देशों को ध्यान में रखते हुए बजरंग पुनिया को एक डमी के साथ प्रशिक्षण करना होगा।

बजरंग पुनिया ने कहा, “एक असली साथी के साथ पहलवानी करने की कमी मुझे खल रही है, जो कि मैच प्रैक्टिस के लिए बहुत जरूरी है। टोक्यो में गोल्ड के लिए मेरा लक्ष्य पहले की तरह ही मज़बूत है।”

बजरंग पुनिया इसके साथ ही लगातार अपने वजन पर भी काम कर रहे हैं। वह 65 किग्रा वर्ग में प्रतिस्पर्धा करेंगे।

उन्होंने कहा, “साल भर उस वजन को बनाए रखना पहलवानों के लिए एक बड़ी चुनौती है, खासतौर से ऑफ सीज़न में हम अधिक ताक़त हासिल करने और रणनीति पर काम करने पर अपना ध्यान केंद्रित करते हैं।"

भारतीय पहलवान बजरंग पूनिया टोक्यो 2020 में मेडल हासिल करने के प्रबल दावेदारों में से एक हैं। (Hannah Peters/ गेटी इमेज द्वारा फोटो)
भारतीय पहलवान बजरंग पूनिया टोक्यो 2020 में मेडल हासिल करने के प्रबल दावेदारों में से एक हैं। (Hannah Peters/ गेटी इमेज द्वारा फोटो)
2018 Getty Images

"लेकिन अपने वज़न को हासिल करना एक स्वाभाविक प्रक्रिया है, यह तब संभव होगा जब मैं मैट पर अपनी दिनचर्या के साथ रोज़ाना प्रैक्टिस करूंगा।”

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