छोटे समूहों में ट्रेनिंग शुरू करने की अनुमति दें - भारतीय हॉकी टीम के खिलाड़ी

Manpreet Singh, भारत की पुरुष हॉकी टीम के कप्तान। (Dean Mouhtaropoulos/ गेटी इमेजेज द्वारा फोटो)
Manpreet Singh, भारत की पुरुष हॉकी टीम के कप्तान। (Dean Mouhtaropoulos/ गेटी इमेजेज द्वारा फोटो)

25 मार्च से बेंगलुरु के भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) केंद्र में फंसे हुए खिलाड़ियों के लिए अभी भी आउटडोर ट्रेनिंग फिर से शुरू करने का इंतजार खत्म नहीं हुआ हैं।

भारत सरकार ने इस हफ्ते के शुरू में देशव्यापी तालाबंदी को 31 मई तक बढ़ा दिया था। हालाँकि केंद्र द्वारा जारी किए गए नए दिशानिर्देशों के तहत, स्टेडियम खोले जा सकते हैं, लेकिन खिलाड़ी केवल सोशल डिस्टेन्सिंग के मानदंडों को बनाए रखते हुए ट्रेनिंग फिर से शुरू कर सकते हैं।

हालाँकि, यह मामला भारतीय हॉकी टीम के खिलाड़ियों के लिए समान नहीं है।

‘हमारा सुझाव है कि व्यक्तिगत ट्रेनिंग शुरू होनी चाहिए'

हर कोई इस समय भारत के खेल मंत्री Kiren Rijiju का पीछा कर रहा है। हाल ही में, वह विभिन्न अन्य खेलों के एथलीट्स के साथ ऑनलाइन सत्र लेने में व्यस्त है - उनसे फीडबैक लेना और ऑन-फील्ड ट्रेनिंग के फिर से शुरू होने पर उनके विचारों के बारे में सुनना।

हालांकि भारतीय पुरुष हॉकी टीम के खिलाड़ी SAI में अपने कमरे तक ही सीमित हैं और बाहर ट्रेनिंग करने में सक्षम नहीं हैं, उन्होंने कहा कि वे केंद्र में सुविधाओं के लिए अपनी फिटनेस बनाए रखने के लिए भाग्यशाली महसूस करते हैं।

TOI द्वारा रिपोर्ट की गई, भारतीय पुरुष हॉकी टीम के वरिष्ठ सदस्यों में से एक ने कहा, "यह एक अभूतपूर्व स्थिति है जिसकी हमने अपने जीवन में कभी उम्मीद नहीं की थी। हम लॉकडाउन की शुरुआत के बाद से अपने कमरों (बेंगलुरु में SAI सेंटर में) में फंस गए हैं लेकिन अच्छी बात यह है कि हमारे शरीर को अच्छी स्थिति में रखने के लिए हमारे पास यहां सभी सुविधाएं हैं।"

खिलाड़ी ने कहा कि हर कोई खेल मंत्री के साथ एक ऑनलाइन सत्र आयोजित करने का इच्छुक है, जहां वे कुछ पॉइंट्स पर सुझाव देंगे - व्यक्तिगत ट्रेनिंग मैदान में शुरू हो सकती है, ताकि खिलाड़ी अपने व्यक्तिगत कौशल, शूटिंग और 3D कौशल पर काम कर सकें।

उन्होंने कहा, "हम व्यक्तिगत रूप से या ट्रेनर के साथ पांच लोगों के समूह में अभ्यास शुरू कर सकते हैं। हम सभी सुरक्षा मानदंडों का पालन करेंगे जैसे मास्क पहनना और सोशल डिस्टेन्सिंग बनाए रखना आदि।"

भारतीय हॉकी टीम के खिलाड़ी चाहते हैं कि आउटडोर प्रशिक्षण फिर से शुरू हो। (Joel Ford/ गेटी इमेज द्वारा फोटो)
भारतीय हॉकी टीम के खिलाड़ी चाहते हैं कि आउटडोर प्रशिक्षण फिर से शुरू हो। (Joel Ford/ गेटी इमेज द्वारा फोटो)
2016 Getty Images

इस बीच, भारतीय महिला हॉकी टीम की एक सदस्य - जो बेंगलुरु में भी केंद्र में अटकी हुई हैं - का कहना है की जो कहा गया है उससे वह सहमत हैं और कहती हैं की भले ही वे अपने कमरे के अंदर अभ्यास कर रही थी, वे मैदान पर अभ्यास करना चाहती है।

उन्होंने कहा, "शारीरिक रूप से, हम अपना सर्वश्रेष्ठ आकार बनाए हुए हैं, लेकिन हम ऑन-फील्ड ट्रेनिंग को मिस कर रहे हैं। हम इतने लंबे समय तक मैदान से दूर नहीं रहे।"

रसोइया की मौत से परेशानी और बढ़ गई

जब सब कुछ ट्रैक पर वापस आने जैसा लग रहा था - और खिलाड़ी ट्रेनिंग को फिर से शुरू करने के लिए मैदान पर लौटने के लिए खुद को तैयार कर रहे थे - एक और घटना घटी।

जैसा कि देश के कई मीडिया हाउस ने रिपोर्ट किया है, SAI के रसोइयों में से एक की मृत्यु हो चुकी है और एक को कोरोना वायरस के लिए पॉजिटिव पाया गया है - इस कारण से खिलाड़ियों के घास पर ट्रेनिंग करने का अवसर भी बंद हो गया।

यह घटना तब हुई जब खेल मंत्रालय और SAI बेंगलुरु में और पटियाला के राष्ट्रीय खेल संस्थान (NIS) में एथलीट्स के लिए आउटडोर ट्रेनिंग फिर से शुरू करने की योजना बना रहे थे।

SAI ने हालांकि, उन रिपोर्टों को खारिज कर दिया कि वह रसोइया एक बैठक में था, जिसमें लगभग 30 लोग शामिल थे।

"बैठक में जो कोई भी था, मरने वाले व्यक्ति सहित केवल पांच लोग थे। इसलिए, अन्य चार को क्वारंटाइन पर भेजा गया है।

SAI के एक अधिकारी ने IANS को बताया, "वह एडमिनिस्ट्रेटिव ब्लॉक में था और यह आवासीय ब्लॉक से अलग है जहां खिलाड़ी रुकते हैं। उन्हें अपने कमरों से बाहर आने की अनुमति नहीं है। ऐसा नहीं है कि वे कई बार मिले हों।"

इस बीच, रसोइए की मौत पर अधिकारियों ने कहा, "मरने के अगले दिन, यह पता चला कि वह COVID पॉजिटिव था, लेकिन कार्डिएक अरेस्ट से उनकी मौत हुई थी।"