एक साल बाद हॉकी के मैदान पर वापस लौटी भारतीय टीम ने यूरोप दौरे के पहले दो मैचों में मचाया धमाका

भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने अपने यूरोपीय दौरे पर अपने पहले मैच में जर्मनी को 6-1 से हराया। (एफआईएच के लिए Charles McQuillan/ गेटी इमेज द्वारा फोटो)
भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने अपने यूरोपीय दौरे पर अपने पहले मैच में जर्मनी को 6-1 से हराया। (एफआईएच के लिए Charles McQuillan/ गेटी इमेज द्वारा फोटो)

COVID-19 वायरस के प्रकोप के कारण पिछले साल अपने घरों, प्रशिक्षण केंद्रों और विशेष रूप से बेंगलुरु के SAI में सीमित होने के बाद, भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने एक साल में अपनी पहली प्रमुख आउटिंग के लिए यूरोप के लिए उड़ान भरी। दुनिया की चौथे नंबर की टीम ने पहले मैच में जर्मनी को हराया, जबकि दूसरे मैच में उनके खिलाफ एक ड्रॉ खेला।

भारत ने यूरोप दौरे की शुरुआत में जीत के डंके बजा दिए

भारतीय टीम ने रविवार 28 फरवरी को अपने पहले मैच में जर्मनी को 6-1 से हराकर एक शानदार शुरुआत की।

इतने लंबे अंतराल के बाद शीर्ष स्तर की टीमों के खिलाफ फिर से हॉकी खेलने के लिए उत्साहित, भारतीय टीम शुरू से ही मैच में हावी रही।

भारतीय टीम ने स्कोर करने में ज्यादा समय नहीं लिया - मिडफील्डर Nilkantha Sharma ने 13वें मिनट में पहला गोल किया, जबकि एक अन्य मिडफील्डर Vivek Sagar Prasad ने एक शानदार काउंटर-अटैक की मदद से दो और गोल (27वें मिनट और 28वें मिनट) दागे और भारत को बढ़त दिलाई।

दूसरी ओर, भारतीय कप्तान PR Sreejesh भी गोलकीपर के रूप में अपना काम बहुत अच्छे से कर रहे थे।

खेल के दूसरे क्वार्टर में एक मजबूत डिफेंसिव प्रदर्शन के साथ, भारतीय टीम के फॉरवर्ड्स, Lalit और Akashdeep एक्शन में नज़र आए। दोनों खिलाड़ियों ने गोल करके (Lalit द्वारा 41वें और Akashdeep द्वारा 42वें मिनट में) भारत को जीत की स्थिति में ला खड़ा किया। 

47वें मिनट में Harmapreet Singh ने मैच में भारत के लिए छठा गोल किया और यह सुनिश्चित किया कि विश्व की नंबर चार की टीम एक साल से अधिक समय में शीर्ष श्रेणी की टीम के खिलाफ अपना पहला गेम (6-1) जीत रही हैं।

एक बेहतरीन जीत के बाद, भारतीय कप्तान PR Sreejesh ने इस तरह के शानदार प्रदर्शन के लिए अपनी टीम की सराहना की। उन्होंने कहा,

"इतने लंबे समय के बाद खेलना बहुत ही रोमांचकारी रहा और हमारे लिए कोच की सलाह थी कि 'जाओ और खेल का आनंद लो' और हमने यही किया। यह वही जर्मन टीम थी जो एफआईएच हॉकी प्रो लीग मैच खेल रही है, और मुझे लगता है कि हमने इस टीम के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन किया, यह देखते हुए की हम एक साल के बाद खेल रहे थे।

उन्होंने आगे कहा, "हमने व्यक्तिगत कौशल पर बहुत काम किया था और शिविर में जर्मनी के खिलाफ सामरिक खेल की योजना बनाई थी। हमें आज ही इसे अंजाम देना था और जीत के साथ वापस आना वास्तव में रोमांचक था।"

भारत-जर्मनी का दूसरे गेम हुआ ड्रा

पहले गेम में शानदार जीत के बाद आत्मविश्वास से लबरेज, भारत ने अपने दूसरे मैच को उसी आक्रमण शैली में फिर से शुरू किया।

मेहमान टीम ने शुरू से ही जर्मन टीम पर दबाव बनाया, और उसके परिणामस्वरूप, मैच के चौथे मिनट में पहला गोल किया जो Jarmanpreet Singh की हॉकी स्टिक से आया।

हालांकि, दो मिनट के अंदर, मेजबान देश ने पेनल्टी कॉर्नर के साथ वापसी करने की कोशिश की, लेकिन इसका फायदा नहीं उठा सके। उन्होंने उम्मीद नहीं खोई और इसके बजाय मैन-टू-मैन मार्किंग तकनीक का इस्तेमाल किया, जिसने कम से कम यह सुनिश्चित किया कि भारतीयों को मैच में लीड लेने का मौका नहीं मिल रहा है।

बाद में, जर्मनी के Martin Haner ने हाफ टाइम ब्रेक से ठीक पहले गोल करके स्कोर बराबर किया।

खैर दोनों टीमों ने उस पॉइंट के बाद भी शानदार हॉकी खेली, दोनों में से कोई भी एक और गोल करने में नाकामयाब रहा - और परिणामस्वरूप, मैच 1-1 से ड्रॉ में समाप्त हुआ। 

मैच के बाद, भारतीय पुरुष टीम के मुख्य कोच, Graham Reid ने खेल पर अपने विचार साझा किए और कहा,  

"यह मैच हमारे खिलाड़ियों के लिए एक अच्छा अनुभव था। यह एक कठिन मैच था और टीम ने कड़ी मेहनत की। दोनों टीमों ने मौके बनाए और मुझे विश्वास है कि हम इस खेल से बहुत कुछ सीखेंगे।"

भारतीय टीम के लिए आगे क्या है?

अब अपने यूरोपीय दौरे के पहले चरण में जर्मनी का सामना करने के बाद, भारतीय टीम दों मैचों की श्रृंखला में ग्रेट ब्रिटेन की टीम से भिड़ेगी, जो 6 मार्च से शुरू होगी।