कैसे बर्मुडा की तेज हवाओं के सामने संयम से खेलें अनिर्बान लाहिड़ी?

Anirban Lahiri (Sam Greenwood/ गेटी इमेज द्वारा फोटो)
Anirban Lahiri (Sam Greenwood/ गेटी इमेज द्वारा फोटो)

लाहिड़ी ने बर्मुडा में पहले तीन दिनों में बहुत ही हवादार परिस्थितियों में खुद को मजबूत रखा और आखिरकार PGA इवेंट में 11वां स्थान हासिल किया।

नवंबर की शुरुआत में पोर्ट रॉयल गोल्फ कोर्स में खेल की स्थिति, पीजीए टूर की बर्मुडा चैम्पियनशिप के लिए स्थान किसी चुनौती से कम नहीं थी।

अटलांटिक महासागर से सटे, पोर्ट रॉयल में 30किमी की औसत से हवा चल रही थी, जिसकी वजह से सीधा असर कई होल्स पर पड़ा। कंडीशन इतनी कठिन थी कि खिलाड़ी मैदान पर परेशान दिख रहे थे और सोच विचार कर रहे थे- वीकेंड पर जिन्होंने कट हासिल किया था, उनमें से आधे खिलाड़ी तीसरे राउंड में पार कर चुके थे, लेकिन अनिर्बान लाहिड़ी (Anirban Lahiri) ने इन चुनौतियां का सामना बड़े संयम से किया।

पहले दौर के 68 और दूसरे दौर के 70 के बाद, लाहिड़ी ने तीसरे दौर के 69 में छह बर्डीज़ लगाई, इन सभी में हवाएं अपनी चरम पर थी। भारतीय गोल्फर ने विभिन्न देशों में खेलने के अपने अनुभव का फायदा उठाया और अपने प्रदर्शन में सुधार किया।

अनिर्बान लाहिड़ी ने ओलंपिक चैनल से बातचीत में बताया कि "मुझे तेज हवा वाली कंडीशन में खेलना पसंद है, इसके अलावा मुझे एशिया, जापान और यूरोप में खेलना का फायदा भी मिला। ऑस्ट्रेलिया जैसी जगह पर खेलना, जहां तेज हवा चलती है, उससे काफी मदद मिली।"

भारतीय गोल्फर ने बताया कि "मैंने तेज हवा वाली परिस्थिति में खेलने के लिए काफी मेहनत की है। मुझे याद है कि कैसे 2012 ओपन चैंपियनशिप से पहले मैंने 45 दिन की कड़ी ट्रेनिंग की थी और वह मेरा पहला मेजर था। इसलिए ऐसा नहीं है ऐसा रातों रात हुआ हो, यह काफी सालों की मेहनत का नतीजा है।"

अनिर्बान लाहिड़ी ने तीन राउंड के बाद 15 बर्डीज़ का कार्ड बनाया था, जो कि इस क्षेत्र का सबसे संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा था। फिर भी, उन्होंने महसूस किया कि उनसे कुछ गलतियां हुई, जिसकी वजह से उन्हें 11वें नंबर से संतोष करना पड़ा।अगर लाहिड़ी आगे एक स्थान यानी 10वें पर समाप्त करते तो वह बरमूडा के बाद होने वाले ह्यूस्टन ओपन में प्रवेश पा सकते था।

भारतीय गोल्फर ने कहा कि जब आप जीतने के लिए लड़ते हैं तो आपको छोटी छोटी गलतियों को कम करना होगा लेकिन मैंने ऐसा नहीं किया। इसके अलावा उन्होंने कहा कि आपको समझना होगा कि गलतियां तो होंगी ही। जब परिस्थितियां कठिन हो तो आपको शांत रहने और धैर्य बनाए रखने की आवश्यकता होती है क्योंकि हम में से ज्यादातर खिलाड़ी ऐसी परिस्थितियों में नहीं खेलते हैं।

इसके अलावा उन्होंने कहा कि "काश मैंने बर्मुडा में बेहतर प्रदर्शन किया होता, लेकिन गलतियों के कारण मैं रविवार को मुकाबले के करीब भी नहीं था।"

ओलिंपिक चैनल द्वारा!