Atanu Das को योगा और मेडिटेशन बनाएगा मानसिक तौर पर मज़बूत

Rio 2016- Atanu Das (Photo by Matthias Hangst/Getty Images)
Rio 2016- Atanu Das (Photo by Matthias Hangst/Getty Images)

रियो 2016 में अतानु दास की कोशिशें नाकाम हो गईं थीं लेकिन अब टोक्यो 2020 के लिए वह ख़ुद को उस सदमे से बाहर निकालने का भरपूर प्रयास कर रहे हैं

ओलंपिक में पहले ही अपना स्थान पक्का कर चुके भारतीय तीरंदाज़ Atanu Das अब रियो 2016 में किए अपने प्रदर्शन को पीछे छोड़ना चाहते हैं।

अज जब टोक्यो ओलंपिक एक साल के लिए स्थगित हो गया है तो इस अतिरिक्त समय का फ़ायदा उठाते हुए 27 वर्षीय अतानु ख़ुद को मानसिक तौर पर मज़बूत कर रहे हैं।

अतानु का ओलंपिक पदक जीतने का सपना 4 साल पहले रियो डे जिनारियो में अधूरा रह गया था, जब उन्हें वर्ल्ड नंबर-8 दक्षिण कोरिया के Lee Seung-Yun के हाथों हार का सामना करना पड़ा था।

ESPN को दिए एक इंटरव्यू में अतानु दास ने कहा, ‘’रियो 2016 में हासिल अनुभव ने मुझे ये सिखाया है कि सही और ताक़तवर दिमाग़ कितनी अहमियत रखता है। इस खेल में आपको आत्मविश्वास के साथ साथ एकाग्रता बनाए रखना और ख़ुद को शांत रखना बेहद ज़रूरी होता है।‘’

‘’पदक जीतने और न जीतने के बीच का फ़र्क़ बेहद कम होता है।‘’

रियो 2016 में इस भारतीय तीरंदाज़ और कोरियाई तीरंदाज़ के बीच बेहद कांटे की प्रतिस्पर्धा देखने को मिली थी जहां पांचवें और अहम सेट के बाद स्कोर 19-19 से बराबरी पर था। अब मैच के विजेता का फ़ैसला शूट-ऑफ़ में होना था, जहां अतानु दास को 10 प्वाइंट्स वाला शूट करना था लेकिन वह 9 प्वाइंट्स शूट कर पाए।

बेहद क़रीबी हार के इस अनुभव ने अतानु को बता दिया था कि इस स्तर पर मानसिक मज़बूत होना कितना अहम है।

अतानु ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा, ‘’रियो में मैं अच्छा खेल रहा था, लेकिन मानसिक तौर पर शायद मैं उतना बेहतरीन नहीं था।‘’

ओलंपिक में अपने दूसरे मौक़े के लिए अतानु को पहले टोक्यो 2020 के लिए क्वालिफ़ाई करना था।

जिसे अतानु ने अपने और भी कुछ साथियों के साथ हासिल कर लिया है। वर्ल्ड चैंपियनशिप के क्वार्टरफ़ाइनल में अतानु के अलावा Tarundeep Rai और Pravin Jadhav ने कनाडा को 5-3 से हराते हुए ओलंपिक में अपने स्थान पक्के कर लिए हैं।

योगा और मेडिटेशन अतानु को बनाएगा मानसिक तौर पर मज़बूत

अतानु दास और साथ ही कई भारतीय तीरंदाज़ मार्च में पुणे के आर्मी इंस्टिट्यूट ऑफ़ स्पोर्ट्स में अभ्यास कर रहे थे, तभी लॉकडाउन की ख़बर आई जिसने उन्हें उनके घर कोलकाता जाने को मजबूर कर दिया।

तैयारियों में आए इस बदलाव के बाद भी अतानु दास अपनी मंगेतर और भारतीय महिला तीरंदाज़ Deepika Kumari के साथ लगातार इंडोर ट्रेनिंग कर रही हैं। साथ ही साथ उनका ध्यान मानसिक तौर पर ख़ुद को मज़बूत करने पर भी है, इसके लिए अतानु मेडिटेशन और योगा का सहारा ले रहे हैं।

अब तक चार भारतीय तीरंदाज़ों ने टोक्यो ओलंपिक में अपना स्थान सुनिश्चित कर लिया है। जिनमें अतानु के अलावा तरुणदीप राय और प्रवीण जाधव जहां पुरुषों की स्पर्धा में शिरकत करेंगे तो वहीं महिला तीरंदाज़ी में अब तक दीपिका कुमारी एकमात्र भारतीय हैं जिन्हें टोक्यो का टिकट हासिल है।

ओलंपिक चैनल द्वारा