भारतीय महिला हॉकी टीम कोच Sjoerd Marijne ने जर्मनी और अर्जेंटीना के मुश्किल दौरों को बताया महत्वपूर्ण अनुभव

भारतीय महिला हॉकी टीम कोच Sjoerd Marijne एक मैच के दौरान।
भारतीय महिला हॉकी टीम कोच Sjoerd Marijne एक मैच के दौरान।

ओलिंपिक चैनल से बात करते हुए Marijne ने कहा कि यह दौरे टोक्यो 2020 खेलों में टीम की सहायता करेंगे। 

टोक्यो 2020 ओलिंपिक खेलों के आरंभ में अभी पांच महीने से कम समय शेष है और भारत की महिला हॉकी टीम के कोच Sjoerd Marijne मानते हैं कि इस साल के पहले भाग में अर्जेंटीना और जर्मनी के दौरों से खिलाड़ियों को बहुत लाभ मिलेगा। ओलिंपिक चैनल से बात करते हुए उन्होंने टीम की प्रशंसा करि और कहा की ओलिंपिक खेलों से पहले खिलाड़ी प्रगति कर रहे हैं और उनका आत्मविश्वास पहले से बेहतर हो गया है।

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“जर्मनी का दौरा ज़रूरी अनुभव”

फरवरी और मार्च के महीने में भारतीय महिला हॉकी टीम ने जर्मनी का दौरा किया था और चार मैचों में उन्हें चारों में हार मिली। पहले मुकाबले में जर्मनी ने 5-0 से जीत हासिल करि लेकिन अगले तीन मैचों में भारत ने विश्व की सर्वश्रेष्ठ टीमों में से एक को कड़ी टक्कर दी और Marijne के लिए यह बात बहुत ज़रूरी थी।

ओलिंपिक चैनल से बात करते हुए उन्होंने कहा, "मेरे लिए कोई भी परिणाम नकारात्मक नहीं है और अगर आप एक साल बाद खेल रहे हैं तो सिर्फ सकारात्मक चीज़ों को देखना चाहिए। परिणाम चाहे हमारे पक्ष में न रहे हों लेकिन टीम का प्रदर्शन मेरे लिए ज़्यादा महत्त्व रखता है।"

अपनी टीम के रवैये की सराहना करते हुए Marijne बोले, "पहले इन मैचों में हमारी टीम स्कोर को न्यूनतम रखने के लक्ष्य से जाती थी लेकिन अब हम मुकाबले को जीतने के लिए मैदान में उतरते हैं। यह भी देखना ज़रूरी है कि हम अपने सर्वोच्च स्तर से कितनी दूर हैं और बड़े देशों के साथ खेलना हमारे लिए बहुत लाभदायक साबित होगा।"

जर्मनी के दौरे पर भारत अपना पहला मैच भले ही 5-0 से हार गयी हो लेकिन Marijne ने कहा की परिणाम प्रदर्शन को ठीक तरह नहीं दर्शाता है। उन्होंने कहा, "हम जर्मनी से पहला मैच 5-0 से हार गए लेकिन उनकी टीम की एक खिलाड़ी ने मुकाबले के बाद हमें कहा कि हार उनकी होनी चाहिए थी क्योंकि भारत ने गोल मारने के ज़्यादा मौके बनाये। मैं आंकड़ों पर ज़्यादा ध्यान नहीं देता और मेरा ध्यान प्रदर्शन पर केंद्रित रहता है।"

टोक्यो 2020 ओलिंपिक खेलों से पहले फॉर्म की आशा

भारतीय महिला हॉकी टीम को टोक्यो ओलिंपिक खेलों में पदक दावेदार तो नहीं माना जायेगा लेकिन उनके कोच का मानना है कि कठिन मुकाबलों में भी वह जीत सकते हैं। टोक्यो 2020 खेलों के बारे में बात करते हुए उन्होंने पिछले तीन महीनों के परिणामों का विश्लेषण करते हुए कहा की जिस स्तर पर टीम खेल रही है, जीत ज़्यादा दूर नहीं होगी।

अनुभव और प्रदर्शन के बारे में बात करते हुए वह बोले, "हम यह मुकाबले जीत सकते हैं। हम पिछले कुछ मैच नहीं जीते इसका मतलब यह नहीं की ओलिंपिक खेलों में भी नहीं जीतेंगे। हमारी टीम के खिलाड़ियों ने गोल मारने के कितने मौके बनाये है और कितनी प्रगति हुई है। अर्जेंटीना के दौरे पर 25 खिलाड़ियों ने भाग लिया और मेरे दृष्टिकोण में वह अनुभव बहुत अच्छा था।"

Marijne ने यह भी कहा की वह आशा करते हैं कि टोक्यो 2020 ओलिंपिक खेलों से पहले उनकी टीम को एक और दौरा करने का मौका मिले।