टोक्यो ओलंपिक्स पर नज़र, भारतीय तैराक कर रहे हैं दुबई में अभ्यास

बुडापेस्ट 2017 फिना वर्ल्ड चैंपियनशिप के दौरान Sajan Prakash (Lukasz Laskowski / प्रेस फोकस द्वारा फोटो)
बुडापेस्ट 2017 फिना वर्ल्ड चैंपियनशिप के दौरान Sajan Prakash (Lukasz Laskowski / प्रेस फोकस द्वारा फोटो)

कोरोना महामारी की वजह से रुक जाने वाले सारे खेल अब धीमी गति से दोबारा शुरू होने की कगार पर हैं और दुनिया के ज़्यादातर खिलाड़ियों की नज़र अगले साल होने वाले टोक्यो ओलंपिक्स पर है।

उन खिलाड़ियों की सूची में हैं भारत की तीन तैराक जो इस समय संयुक्त अरब अमीरात के दुबई शहर में अभ्यास शुरू कर चुके हैं।

Sajan, Srihari औऱ Kushagra पहुंचे दुबई

Srihari Nataraj, Khushagra Rawat, और Sajan Prakash ने टोक्यो खेलों में अपनी जगह पक्की करने के लिए कड़ी मेहनत शुरू कर दी है और तीनों दुबई में स्थित एक नेशनल तैराकी अकादमी में हैं।

Sajan को उम्मीद है की वह 200 मी बटरफ्लाई प्रतियोगिता के लिए क्वालीफाई कर पाएंगे जब की Srihari की नज़र 100 मी बैकस्ट्रोक पर होगी। 

तीनो तैराकों ने 'बी' क्वालिफिकेशन समय हासिल कर लिया है पर टोक्यो खेलों में जगह पक्की करने के लिए उन्हें 10 महीने के अंदर 'ए' स्तर तक पहुंचना पड़ेगा। 

गल्फ न्यूज़ से बात करते हुए Sajan Prakash ने कहा, 'पूल में तैराकी करे हुए कई महीने हो गए और एक तैराक के लिए इससे ख़राब कुछ नहीं हो सकता। कभी तो ऐसा लगता है जैसे सब कुछ दोबारा शुरू करना होगा पर अब यह अवसर हमें मिला है तो इसका पूरा फायदा उठाएंगे और ओलंपिक खेलों में जगह पक्की करने का पूरा प्रयास करेंगे।'

'अगले दो तीन सप्ताह हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण रहेंगे, और मेरे लिए यह बहुत अहम है उस 'ए' समय को हासिल कर टोक्यो खेलों में अपना स्थान पक्का करने के लिए।'

Srihari ने पक्का किया लक्ष्य

भारतीय तैराकी महासंघ और भारतीय खेल प्राधिकरण द्वारा आयोजित इस कैम्प में तीनो तैराकों को वह सारी सुविधाएँ दी जाएंगी जो उन्हें टोक्यो खेलों में अपनी जगह पक्की करने में सहयोग करेगी।

दुबई में अभ्यास कर रहे Srihari ने गल्फ न्यूज़ को कहा, 'ऐसी मुश्किल परिस्तिथियों में यह सुविधा मिलना मेरे लिए बहुत सकारात्मक है पर सब्से पहले मुझे थोड़ा वज़न घटना होगा और अपनी शारीरिक काया को परिवर्तित करना होगा।'

'कोरोना महामारी और लॉकडाउन के पहले मेरे लिए सब ठीक जा रहा था और मैंने टोक्यो खेलों के लिए अपनी रणनीति बना ली थी। इस महामारी ने सब कुछ थोड़े समय के लिए रोक दिया है पर मुझे इस वजह से बहुत कुछ सोचने का समय मिला है।'

कोच Jayarajan की रणनीति

प्रतिभा और कुशलता के अलावह एक खिलाड़ी को अपना लक्ष्य प्राप्त करने के लिए एक अच्छे गुरु की आवश्यकता होती है। तीनो भारतीय तैराक दुबई में कोच, AC Jayarajan के मार्गदर्शन में टोक्यो खेलों के लिए अभ्यास कर रहे हैं और उन्हें लगता है की यह कैंप बहुत महत्त्वपूर्ण रहेगा।

गल्फ न्यूज़ से बात करते हुए Jayarajan ने कहा,

'यह कैंप टोक्यो पहुँचने के सफर का पहला पड़ाव है और मुझे पूर्ण विश्वास है की तीनो तैराक कड़ी मेहनत करने के बाद अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दिखाएंगे। हमारा खास ध्यान इस बात पर है की तीनों में से कोई भी चोटिल न हो।'