क्वारंटाइन आज समाप्त, भारतीय निशानेबाज़ करेंगे कल से अभ्यास प्रारम्भ 

भारत की Manu Bhaker दिल्ली में होने वाले राष्ट्रीय कैम्प में भाग लेंगी (फोटो Marcelo Endelli/गेट्टी इमेजेस द्वारा)
भारत की Manu Bhaker दिल्ली में होने वाले राष्ट्रीय कैम्प में भाग लेंगी (फोटो Marcelo Endelli/गेट्टी इमेजेस द्वारा)

भारत की राजधानी नई दिल्ली में होगी राष्ट्रीय कैम्प की शुरुआत  

टोक्यो 2020 ओलिंपिक खेलों और अगले साल होने वाले निशानेबाज़ी विश्व कप पर नज़र के साथ भारत के सर्वश्रेष्ठ निशानेबाज़ कल से राष्ट्रीय कैम्प में अभ्यास शुरू करेंगे। राष्ट्रीय राइफल संस्था द्वारा आयोजित इस कैम्प में भारत के ओलिंपिक निशानेबाज़ अक्टूबर 22 से नवंबर 10 तक डॉक्टर कर्णि सिंह निशानेबाज़ी रेंज में टोक्यो 2020 के लिए तैयारी करेंगे।

लॉकडाउन के बाद पहला राष्ट्रीय कैम्प

कोरोना महामारी के कारण देश भर में निलंबित खेल प्रतियोगिताओं और अभ्यास के ठीक सात महीने बाद निशानेबाज़ी का यह पहला कैम्प है। Manu Bhaker, Sanjeev Rajput, Apurvi Chandela, Abhishek Verma, Rahi Sarnobat और Saurabh Chaudhary समेत कई ओलिंपिक स्तर निशानेबाज़ इस राष्ट्रीय कैम्प का हिस्सा होंगे।

सारे निशानेबाज़ अक्टूबर 15 से अक्टूबर 21 तक क्वारंटाइन में रहे हैं और कोरोना संक्रमण से बचने के लिए खेल प्राधिकरण ने कड़े नियम लागू किये हैं। कैम्प के दौरान कोई भी निशानेबाज़ रेंज से होटल तक निजी परिवहन का प्रयोग नहीं कर पायेगा और कैम्प समाप्त होने तक होटल के बाहर जाने की भी अनुमति नहीं है।

इसी के साथ, सारे निशानेबाज़ों और कोच अनिवार्य कोरोना संक्रमण टेस्ट लेंगे और नेगेटिव पाए जाने के बाद ही उन्हें कैम्प में हिस्सा लेने की अनुमति मिलेगी। यह दो में से पहला राष्ट्रीय कैम्प है जो कि 10 नवंबर तक चलेगा और दूसरा कैम्प 18 नवंबर को प्रारंभ होगा।

निशानेबाज़ों में उत्साह

छह महीनों से ज़्यादा समय के बाद राइफल या पिस्टल उठाने वाले निशानेबाज़ इस कैम्प के लिए बहुत उत्साहित हैं। टोक्यो 2020 से बात करते हुए निशानेबाज़ Sanjeev Rajput ने कहा, 'हमारा क्वारंटाइन समाप्त होने वाला है और छह महीने के बाद पहली बार राइफल पकड़ने के लिए मैं बहुत उत्साहित हूँ। मैंने इस क्षण का पूरे लॉकडाउन इंतज़ार किया है।'

टोक्यो 2020 खेलों के दृष्टिकोण से आने वाले दो माह बहुत महत्वपूर्ण होंगे क्योंकि निशानेबाज़ी एक ऐसा खेल है जिसमे भारत ने ओलिंपिक खेलों में हमेशा अच्छा प्रदर्शन दिखाया है। भारत के 21वीं सदी के ओलिंपिक इतिहास में निशानेबाज़ों ने 12 में से चार पदक जीते हैं जिसमे Abhinav Bindra का स्वर्ण भी शामिल है।

अगले साल जापान की राजधानी में होने वाले ओलिंपिक खेलों में भारत की सफलता के लिए निशानेबाज़ी महत्वपूर्ण होगा और उसके लिए यह दो कैम्प ज़रूरी होंगे।