टोक्यो 2020 खेलों में चोट, रियो की निराशा और चुनौतियों से कुश्ती करेंगी Vinesh Phogat

ओलिंपिक खेलों के प्रारंभ में कुछ ही महीने रह गए हैं और विश्व के सबसे भव्य और महत्वपूर्ण खेल महोत्सव पर भारत के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी पदक जीतने का प्रयास करेंगे। निशानेबाज़ी, कुश्ती, बैडमिंटन और भारोत्तोलन जैसे खेलों में भारत के अनेक खिलाड़ी पदक की आशा करेंगे और हर सप्ताह टोक्यो 2020 आपको ऐसे ही खिलाड़ी के बारे में बताएगा।

साल 2016 के अर्जुन पुरस्कार समारोह में एक दृश्य सबके लिए देखने लायक था और शायद पहलवानी से संबंध रखने वाले लोग उसे कभी न भूलें। व्हीलचेयर पर बैठी Vinesh Phogat राष्ट्रपति Pranab Mukherjee से जब पुरस्कार ले रही थी तो पूरे कक्ष में बहुत तेज़ तालियां बज रही थी और पूरा देश हरयाणा की इस पहलवान की प्रशंसा कर रहा था। Vinesh को उस दिन ख़ुशी ज़रूरी हुई होगी लेकिन कुछ दिन पहले रियो में लगी चोट ने उनका ओलिंपिक खेलों में पदक जीतने का सपना तोड़ दिया था। पांच साल बाद Vinesh उस सपने का पीछा करते हुए टोक्यो 2020 ओलिंपिक खेलों खेलों में प्रवेश करेंगी।

पहलवानी की विरासत Vinesh के परिवार में कई पीढ़ियों से चली आ रही है और पिछले एक दशक में उन्हें अपनी बहनों (Geeta Phogat और Babita Phogat) समेत पूरे राष्ट्र से सराहना और प्रेम मिला है। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर Vinesh ने कई पदक और ख़िताब हासिल करे हैं लेकिन ओलिंपिक खेलों में पदक जीतने का सपना उनके लिए सबसे बड़ा है। कोरोना महामारी के कारण लगे लॉकडाउन से पहले Vinesh ने इटली में आयोजित हुई एक प्रतियोगिता में स्वर्ण जीत कर अपनी पदक दावेदारी का बेहतरीन नमूना पेश किया था।

जनवरी 2020 में पीटीआई से बात करते हुए उन्होंने कहा था, "अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने से हमारे अभ्यास की परीक्षा होती है और पता चलता है कि हम सही दिशा में जा रहे हैं कि नहीं। यह साल हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है और इस परिणाम से मुझे पता चलता है कि मैं सही दिशा में आगे बढ़ रही हूँ।"

Vinesh ने पिछले कुछ सालों में बेहतरीन प्रदर्शन दिखाया है और 53 किग्रा वर्ग में अपना दबदबा बनाया है और इस समय उनकी विश्व रैंकिंग तीन है। उनका लक्ष्य स्वर्ण जीतना होगा लेकिन Vinesh को जापान की Mukaida Mayu और दक्षिण कोरिया की Pak Yong Mi द्वारा बहुत बड़ी चुनौती मिलेगी। भारत के कुश्ती इतिहास में किसी भी पहलवान ने स्वर्ण नहीं जीता है चाहे वह पुरुष हो या महिला। इतिहास बदलने के लिए Vinesh को अपने जीवन की सबसे सर्वश्रेष्ठ कुश्ती करनी होगी लेकिन इस बात में कोई संदेह नहीं है कि वह यह करने की क्षमता रखती हैं।

पदक और ख़िताब

  • 2020 एशियाई चैंपियनशिप - कांस्य पदक
  • 2019 विश्व चैंपियनशिप - कांस्य पदक
  • 2019 एशियाई चैंपियनशिप - कांस्य पदक
  • 2018 एशियाई खेल - स्वर्ण पदक
  • 2018 कॉमनवेल्थ खेल - स्वर्ण पदक
  • 2018 एशियाई चैंपियनशिप - रजत पदक
  • 2017 एशियाई चैंपियनशिप - रजत पदक
  • 2014 कॉमनवेल्थ खेल - स्वर्ण पदक

टोक्यो 2020 खेलों में Vinesh Phogat अपना पहला मुकाबला 5 अगस्त को खेलेंगी। पूरी अनुसूची के लिए यहाँ क्लिक करें।