COVID-19 ने एथलीट्स की मेंटल हेल्थ को कैसे प्रभावित किया है?

संयुक्त राज्य अमेरिका के Michael Phelps ने रियो 2016 ओलंपिक खेलों के तीसरे दिन पुरुषों की 200 मीटर बटरफ्लाई के दूसरे सेमीफाइनल में प्रतिस्पर्धा की।
संयुक्त राज्य अमेरिका के Michael Phelps ने रियो 2016 ओलंपिक खेलों के तीसरे दिन पुरुषों की 200 मीटर बटरफ्लाई के दूसरे सेमीफाइनल में प्रतिस्पर्धा की।

इस महामारी के कारण एथलीट्स ट्रैनिंग और प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं ले पा रहे हैं, जो उनकी मेंटल हेल्थ पर प्रभाव डाल रहा है। यहाँ कुछ ऐसे ओलंपियन हैं जिन्होंने इस विषय पर खुल के बात की, और साथ ही जाने की खेल मनोवैज्ञानिक का इस पर क्या कहना है।

जबकि COVID-19 महामारी ने दुनिया भर में लगभग हर व्यक्ति की जीवन शैली को प्रभावित किया है, वहां #StayActive #StayStrong और #StayHealthy आंदोलन पर भी ध्यान केंद्रित किया गया है। दुनिया भर के लोग एथलीट्स के होम वर्कआउट वीडियो, कसरत वीडियो और बहुत कुछ से प्रेरित हुए हैं।

हालांकि, यह केवल फिजिकल हेल्थ नहीं है जो इतने संवेदनशील समय में महत्वपूर्ण है, बल्कि मेंटल हेल्थ भी है। प्रतियोगिताओं की कमी और ओलंपिक खेलों के स्थगित होने से लेकर आइसोलेशन और चिंता तक, महामारी ने कई एथलीट्स की मेंटल हेल्थ पर एक असर डाला है।

आइए नज़र डालते हैं कि कुछ शीर्ष अंतरराष्ट्रीय एथलीट्स पर जिन्होंने आगे आके अपनी मेंटल हेल्थ के बारे में खुल के बात की है।

संयुक्त राज्य अमेरिका के Michael Phelps ने रियो 2016 ओलंपिक खेलों में पुरुषों के 200 मीटर बटरफ्लाई फ़ाइनल में स्वर्ण जीतने का जश्न मनाया। (Adam Pretty/ गेटी इमेज द्वारा फोटो)
संयुक्त राज्य अमेरिका के Michael Phelps ने रियो 2016 ओलंपिक खेलों में पुरुषों के 200 मीटर बटरफ्लाई फ़ाइनल में स्वर्ण जीतने का जश्न मनाया। (Adam Pretty/ गेटी इमेज द्वारा फोटो)
2016 Getty Images

‘में सोच भी नहीं सकता की एथलीट्स अभी किस स्थिति से गुज़र रहे होंगे’ – Michael Phelps

कुल 28 पदकों के साथ, Michael Phelps इतिहास में सबसे सफल ओलंपियन हैं। उन्होंने हाल ही में ESPN के साथ में मेन्टल हेल्थ के मुद्दों पर बात की - और यह भी बताया की कैसे तरह तरह के एथलीट्स इस चीज़ से गुज़र रहे होंगे।

"एथलीट्स के रूप में, हम इतने प्रतिगामी हैं," Phelps ने कहा। अभी तक सारे काम खत्म हो चुके होते है, हम इस वक़्त बस हम छोटी चीज़ों को ठीक करने में लगे होते हैं। और अब यह, 'की प्रतियोगिता ही नहीं होगी...'। बहुत मुश्किल होता हैं इस चीज़ से गुज़ारना। इस वक़्त मेंटल हेल्थ ठीक रहे, यह ज्यादा जरूरी है।

Phelps का मानना हैं की एथलीट्स को आगे आकर इस बारे में बात करनी चाहिए, और अगर उन्हें किसी भी चीज़ की जरूरत हैं तो उन्हें बेजिझक खुल के कहना चाहिये।

"काफी एथलीट्स हैं जिन्होंने मेरे को संपर्क करा और इस बारे में बात की, और मुझे पूछा की उन्हें इससे लड़ने के लिए क्या क्या करना चाहिये," उन्होंने कहा। "मैं अपने दोस्तों और अन्य लोगों का समर्थन करने के लिए कुछ भी कर सकता हूं जो अपने लक्ष्यों और सपनों को पूरा करने की कोशिश करना चाहते हैं। मेंटल हेल्थ के लिए यह इतना बड़ा समय है।"

"मैं सीख रहा हूँ कि कैसे धैर्य रखें" - Clarisse Agbegnenou

रियो 2016 की रजत पदक विजेता, Clarisse Agbegnenou ने इसी तरह की भावना साझा की जब उन्होंने Eurosport से बात की।

"हमें यह नहीं पता की हम ट्रैनिंग कब कर पाएंगे, किसी एक प्रतियोगिता में भाग कब ले पाएंगे, यह हैंडल करना मुश्किल है....मुझे पहले से कार्यक्रम बनाने की आदत है। ऐसे अँधेरे में रहने मेरे मेंटल हेल्थ के लिए अच्छा नहीं है। में एक अलग इंसान बनने की कोशिश कर रही हूं, हर दिन को नए तरीके से जीने की कोशिश कर रही हूं, यह बिलकुल भी आसान नहीं है। में धैर्य रखना सीख रही हूं," उन्होंने कहा।

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C’est officiel, #RoadToTokyo2021! Même si je m’y attendais, la décision reste un déchirement ! En tant qu’athlète nous consacrons notre vie à notre sport, c'est un coup de massue, une partie de moi ressent une certaine frustration. Cela fait quasiment 4 ans que je me prépare physiquement et psychologiquement pour une seule et unique compétition, celle initialement prévue le 28 juillet 2020. J’ai organisé ma vie et fait des sacrifices au quotidien pour cette échéance. Mais... Comme vous le savez l'urgence est ailleurs. Face à ce que le monde entier traverse, il est indéniable que c’est la santé publique qui passe en priorité. Et à ce jour nous sommes tous concernés. Alors, OUI, à l'annonce du CIO j'ai été particulièrement décontenancée, mais, je me dois de penser aux personnes qui sont en première ligne et qui combattent au quotidien ce virus que ce soit personnel soignant ou malades et qui pour eux il n'y a pas de report... A cet instant, j’ai besoin de temps pour digérer l’information. ‪Merci à mes partenaires qui m’ont renouvelé leur soutien et confiance face à cette situation inédite. Mais d’ici là, s’il vous plaît prenez soin de vous, de vos proches, restez solidaires les uns des autres et surtout restez chez vous pour protéger ceux qui sont en première ligne et stopper la propagation du virus. C’est donc officiel #roadtotokyo2021

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"मैं अपने तरीके से संघर्ष कर रही हूं" - Katherine Nye

अमेरिकी वेटलिफ्टर, Katherine Nye ने भी आगे आके इस जरूरी विषय पे बात की। इस वक़्त वह इस मेंटल हेल्थ आंदोलन का समर्थन कर रही है।

अमेरिका के WOODTV.com से बात करते हुए, उन्होंने बताया कि इस महामारी के दौरान उन्हें किन कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

"मैं झूठ बोलूंगी अगर मैंने कहा कि मैं ठीक हूं। बस ज्यादातर लोगों की तरह मैं भी अपने तरीके से संघर्ष कर रही हूं।"

इंस्टाग्राम पर अपनी स्थिति के बारे में बताते हुए उन्होंने पोस्ट किया –

"हर दिन में वही करती हुईं जो मेरे कण्ट्रोल में हो।

जानें एक विशेषज्ञ खेल मनोवैज्ञानिक का इस पर क्या कहना है

एक फ्रेंच खेल मनोवैज्ञानिक, Makis Chamalidis ने tokyo2020.org से एथलीट्स पर मेंटल हेल्थ के प्रभाव की अपनी समझ के बारे में बात की, साथ ही कुछ मैथुन तंत्रों को भी साझा किया जो इस कोशिश के दौरान मदद कर सकते हैं।

उन्होंने कहा, "एथलिट के जीवन में खेलों का एक दम रुक जाना ठीक नहीं है। यह उन्हें खेल को छोड़ने पर मजबूर कर सकता है या फिर उन्हें डिप्रेशन की ओर ले जा सकता है। यह खेल में एक गंभीर समस्या है।”

“मुख्य समस्या लक्ष्यों की कमी है। खेलों में ठहराव आना एथलीट्स के लिए अच्छी बात नहीं है, उनका खेलों का एजेंडा ख़तम हो जाता है, एथलीट्स पर ध्यान केंद्रित करे के लिए कुछ भी नहीं होता।”

दृढ़ता, धैर्य और लचीलापन इस मानसिक चुनौती में विजेता होंगे

हालांकि, Chamalidis का मानना है कि एथलीट अपनी खेल जीवन शैली के कारण इस मुद्दे का सामना करने के लिए उपकरणों से लैस हैं।

“हम एथलीटों की लचीलापन और अनुकूलन करने की क्षमता पर भी भरोसा कर सकते हैं। यह वही है जो वे अपने दैनिक जीवन और प्रतिस्पर्धा में सामना कर रहे हैं। एलीट वर्ग के एथलीट जानते हैं कि बदलावों को कैसे स्वीकार किया जाए और स्थिति को बेहतरीन बनाया जाए।”

वैश्विक लॉकडाउन के दौरान कैसे सामना करना है, इस बारे में सलाह देने के संदर्भ में, वह सुझाव देते हैं: 'काफी एथलीट्स इस समय का लाभ उठा सकते है, कोई नया उपकरण बजाना सीख सकते है, कुछ नया खाना बनाना सीख सकते हैं, या फिर कोई नई भाषा।"

"मस्तिष्क को चुनौती देने की जरूरत है और, नई चीजें सीखकर, भले ही वे अपने खेल परियोजना से संबंधित नहीं हैं, वे अपने मस्तिष्क को उत्तेजित कर सकते हैं और संतुष्टि प्राप्त कर सकते हैं।"

Nathan Adrian, Ryan Murphy, Michael Phelps और संयुक्त राज्य अमेरिका के Cody Miller ने रियो 2016 ओलंपिक खेलों में पुरुषों के 4x100 मीटर मेडले रिले फाइनल में स्वर्ण पदक जीतने का जश्न मनाया। (Richard Heathcote/ गेटी इमेज द्वारा फोटो)
Nathan Adrian, Ryan Murphy, Michael Phelps और संयुक्त राज्य अमेरिका के Cody Miller ने रियो 2016 ओलंपिक खेलों में पुरुषों के 4x100 मीटर मेडले रिले फाइनल में स्वर्ण पदक जीतने का जश्न मनाया। (Richard Heathcote/ गेटी इमेज द्वारा फोटो)
2016 Getty Images