Gagan Narang: सोशल डिस्टन्सिंग को ध्यान में रख शुरू की जा सकती है निशानेबाजी! 

Gagan Narang का मानना हैं की सोशल डिस्टन्सिंग को ध्यान में रखते हुए निशानेबाजी शुरू की जा सकती है (Jeff Gross/ गेटी इमेजेज द्वारा फोटो)
Gagan Narang का मानना हैं की सोशल डिस्टन्सिंग को ध्यान में रखते हुए निशानेबाजी शुरू की जा सकती है (Jeff Gross/ गेटी इमेजेज द्वारा फोटो)

2012 के लंदन ओलंपिक में कांस्य पदक विजेता Gagan Narang को लगता है कि शूटिंग बहुत ही गैर-संपर्क खेलों में से एक है - और इस तरह निशानेबाजों को बाहरी प्रशिक्षण फिर से शुरू करने की अनुमति दी जानी चाहिए।

जैसा कि देश भर में 31 मई तक राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन बढ़ाया गया है, Narang को लगता है कि जल्द ही एक निर्णय लिया जाना चाहिए ताकि निशानेबाज अगले साल के खेलों के लिए अपनी तैयारियों को निर्धारित कर सकें।

लॉकडाउन का अभिशाप

टोक्यो 2020 ओलंपिक खेलों को इस साल मार्च की शुरुआत में COVID-19 के प्रकोप के कारण स्थगित कर दिया गया था - COVID-19 की वजह से न केवल दुनिया भर में 300,000 से अधिक मौतें हुईं, बल्कि सभी प्रमुख खेल आयोजन या तो रद्द या स्थगित हो गए है।

तब से लगभग हर एथलीट को अपने घर के अंदर रहने के लिए मजबूर किया गया है; उनकी प्रशिक्षण दिनचर्या बहुत बुरी तरह प्रभावित हुई है।

हालांकि कई एथलीट्स ने खेलों के लिए फिट रहने के लिए अपने घर पर कसरत जारी रखी है, उनमें से बहुत से ऐसे हैं जो चार दीवारों के अंदर किसी भी अभ्यास के बारे में नहीं सोच सकते हैं, क्योंकि उनके प्रशिक्षण को आउटडोर में करने की आवश्यकता है।

शूटिंग, एक ऐसा अनुशासन है जिसमें बाहरी अभ्यास की आवश्यकता होती है।

ट्रेनिंग शुरू करे, सोशल डिस्टन्सिंग का पालन किया जा सकता है

Gagan Narang का ऐसा मानना है कि सोशल डिस्टन्सिंग के नियमों को ध्यान में रखते हुए निशानेबाजों को बाहरी प्रशिक्षण की अनुमति दी जाए।

Narang ने कहा, "शूटिंग बाहरी अभ्यास के लिए सुविधाओं को खोलने के लिए पहले कुछ खेलों में से एक हो सकता है क्योंकि यह एक गैर-संपर्क खेल है जिसमें निशानेबाज़ अपने व्यक्तिगत उपकरण रखते हैं।"

उन्होंने कहा, "शूटिंग रेंज में सोशल डिस्टन्सिंग का पालन किया जा सकता है, क्योंकि 10 मीटर रेंज में दो प्रतियोगियों के बीच 1 मी से 1.50 मीटर और 50 मीटर रेंज में 1.25 मीटर का न्यूनतम अंतर होता है।"

इससे पहले, NIS पटियाला और भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के बेंगलुरु के एथलीट्स ने भारत के खेल मंत्री Kiren Rijiju से चरणबद्ध तरीके से आउटडोर प्रशिक्षण फिर से शुरू करने को कहा था। जिसको लेकर Kiren ने उन्हें आश्वासन दिया कि वह इस मामले को गृह मंत्रालय और स्वास्थ्य मंत्रालय के समक्ष उठाएंगे।

भारत के Gagan Narang ने लंदन 2012 ओलंपिक खेलों में पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल शूटिंग में कांस्य पदक जीता। (Lars Baron / गेटी इमेज द्वारा फोटो)
भारत के Gagan Narang ने लंदन 2012 ओलंपिक खेलों में पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल शूटिंग में कांस्य पदक जीता। (Lars Baron / गेटी इमेज द्वारा फोटो)
2012 Getty Images

खेलों का महत्व बड़ा होगा

जर्मन फुटबॉल लीग - बुंडेसलीगा दुनिया भर की कुछ लीगों में शामिल है जो महामारी के डर के बावजूद फिर से शुरू हो गई। हालांकि मैदान में कोई दर्शक मौजूद नहीं थे, और खिलाड़ियों को अपने साथियों और रेफरी और विरोधियों के साथ हाथ मिलाने की भी अनुमति नहीं थी, निर्धारित मैच हुए और उन लोगों के चेहरे पर मुस्कान आ गई, जो लाइव स्पोर्ट्स का इंतजार कर रहे थे ।

हालांकि, Narang का मानना है कि खेलों के स्थगित होने के बावजूद इसका मूल्य कम नहीं होगा।

उन्हें लगता है कि अगले साल के ओलंपिक में एथलीट एक महान भावना के साथ प्रतिस्पर्धा करेंगे।

Gagan Narang ने WION न्यूज से बात करते हुए कहा, "मैं यह नहीं कहूंगा कि वर्तमान संकट ओलंपिक खेलों के महत्व को कम करेगा क्योंकि यह चार साल में एक बार आता है।"

“ओलंपिक में प्रदर्शन करने के लिए दबाव हमेशा रहेगा क्योंकि यह खेलों का शिखर है। वर्तमान में, मैं निशानेबाजों को अपने ओलंपिक लक्ष्यों पर काम करने की सलाह दूंगा।”

युवा पीढ़ी को संवारना

Gagan Narang का शूटिंग में सफल करियर रहा है। चेन्नई में जन्मे Gagan ने शूटिंग तब शुरू की जब 1997 में उनके पिता ने उन्हें एयर पिस्टल गिफ्ट की।

खैर, उसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा।

Narang 2003 में एफ्रो एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक विजेता थे और उन्होंने 2006 में विश्व कप में एयर राइफल स्वर्ण पदक भी जीता था। उसी वर्ष राष्ट्रमंडल खेलों में, Gagan ने चार स्वर्ण पदक जीते थे। नई दिल्ली राष्ट्रमंडल खेलों में चार साल बाद, उन्हें चार अवसरों पर विजेता के रूप में ताज पहनाया गया।

2012 लंदन ओलंपिक में 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में, Gagan ने 701.1 के अंतिम स्कोर के साथ रजत पदक जीता।

वर्तमान में, 37 वर्षीय अपनी अकादमी 'Gun for Glory' के माध्यम से आगामी निशानेबाजों के करियर को आकार देने में सक्रिय रूप से शामिल है।