Privel Hinkati की कहानी - भीड़ का हिस्सा होने से लेकर ओलंपिक खेलों के लिए क्वालीफाई करने तक का यह सफर

2016 विश्व रोइंग कप II के दौरान बेनिन के Privel Hinkati ने पुरुषों के एकल स्कल्स हीट में प्रतिस्पर्धा की। (Philipp Schmidli/ गेटी इमेज द्वारा फोटो)
2016 विश्व रोइंग कप II के दौरान बेनिन के Privel Hinkati ने पुरुषों के एकल स्कल्स हीट में प्रतिस्पर्धा की। (Philipp Schmidli/ गेटी इमेज द्वारा फोटो)

चार साल पहले रियो खेलों के लिए क्वालिफाई करने में नाकाम रहे Privel Hinkati क्राउड का हिस्सा थे। इतना हि नहीं वह बीजिंग और लंदन खेलों में भी एक दर्शक रहे। हालांकि, नियमित नौकरी करने के बावजूद, बेनिन के रोवर ने अगले साल टोक्यो खेलों के लिए क्वालीफाई कर लिया है। उनकी कहानी ओलंपिक सपने की भावना का प्रतीक है।

यह लंदन ओलंपिक 2012 में महिलाओं के 400 मीटर के फाइनल के दौरान था - जब Privel Hinkati का जीवन हमेशा के लिए बदल गया।

हालांकि, वह उस रात लंदन में प्रतिस्पर्धा नहीं कर रहे थे।

इसके बजाय, वह अपनी बड़ी बहन Pernelle के साथ ओलंपिक स्टेडियम के स्टैंड पर बैठे थे। यह दूसरा ओलिंपिक खेल था जिसमें उन्होंने दर्शकों के रूप में भाग लिया था। लेकिन उस रात, कुछ ऐसा हुआ, जिसने उनका मन बदल दिया।

"मैं यह करना चाहता हूं," Hinkati ने अपनी बहन से कहा।

और इसी तरह उनका ओलंपिक सफर शुरू हुआ।

उस समय, 31 वर्षीय, जानते थे कि वह ओलंपिक खेलों में एथलेटिक्स में भाग नहीं ले सकते। लेकिन उस समय उन्हें जो पता नहीं था वह उस देश का नाम था जिसका वे आगामी वर्षों में ग्रीष्मकालीन खेलों में प्रतिनिधित्व करेंगे। Hinkati, जो केन, फ्रांस में पैदा हुए थे, दोहरी नागरिकता रखते हैं।

"ठीक है। लेकिन फिर आप किस देश के लिए दौड़ना चाहते हैं - बेनिन या फ्रांस?” उनकी बहन से पूछा।

"मुझे लगता है कि बेनिन के लिए। यह बड़ा होगा,” Hinkati ने कहा। “फ्रांस के लिए, यह केवल खेल के बारे में होगा। बेनिन के साथ, मुझे स्क्रैच से शुरू करना होगा: कोई फेडरेशन नहीं, कोई फंडिंग नहीं, कोई नाव नहीं ... कुछ भी नहीं। देश में कोई भी इस खेल को नहीं जानता है। इसलिए मैंने बेनिन को चुना।"

खेलों की झलक

Hinkati ने पिछले साल अक्टूबर में ट्यूनीशिया में अफ्रीकी क्वालीफायर में टोक्यो के लिए अपने टिकट का दावा किया, जहां वह फाइनल में पांचवें स्थान पर रहे। वहाँ और फिर, वह जानते थे कि वह अगले ओलंपिक में एक दर्शक के रूप में नहीं बल्कि एक ओलंपिक एथलीट के रूप में जाएंगे - ऐसा कुछ जिसके बारे में उन्होंने लंबे समय से सपना देखा था।

हर ओलंपियन के पीछे एक ओलंपिक कहानी है, और Hinkati की कहानी एक विशेष है - उन्होंने अपनी बहन के साथ एक ओलंपिक से दूसरे ओलंपिक तक की यात्रा की। यहां तक कि उन्हें अपने गृहनगर में एक प्रोजेक्ट के बाद एथेंस 2004 में जाने का मौका मिला, लेकिन उन्होंने एक और बच्चे को मौका दिया जो उनसे छोटा था।

Hinkati के लिए, हर ओलंपिक की एक अपनी बात होती है।

“बीजिंग में, भीड़ पागल हो गयी थी। हम दो घंटे पहले पहुंचे थे और तब सब कुछ शांत था, फिर एक दम से, हर जगह लाखों लोग थे।"

"लंदन में, ओलंपिक स्टेडियम सचमुच हिल रहा था। मैंने दौड़ के दौरान तनाव महसूस किया। रियो में, मुझे लाइटवेट डबल स्कल्स का फाइनल याद है, जब फ्रांसीसी जोड़ी Pierre Houin और Jérémie Azou ने स्वर्ण जीता था। वहां बहुत अच्छा माहौल था।

Privel Hinkati अपने फ्रांसीसी क्लब Société nautique de Caen में एक प्रशिक्षण के बाद।
Privel Hinkati अपने फ्रांसीसी क्लब Société nautique de Caen में एक प्रशिक्षण के बाद।
© Guillaume Marie - MGSP

बेनिन का परिचय रोइंग से करवाना

चार साल तक, Hinkati ने रियो 2016 में बेनिन का प्रतिनिधित्व करने के लिए कड़ी मेहनत की । बेशक, "कड़ी मेहनत" का मतलब केवल कठिन प्रशिक्षण नहीं था - प्रशिक्षण केवल यात्रा का एक हिस्सा था। 2012 में, बेनिन में कोई रोइंग फेडरेशन भी नहीं थी।

वास्तव में, उस समय, रोइनिंग बेनिन में मौजूद भी नहीं थी।

Hinkati को स्थानीय अधिकारियों और विश्व रोइंग के साथ मिलकर एक फेडरेशन बनाने और देश में खेल को बढ़ाने के लिए काम करना था।

"फेडरेशन अब मौजूद है और काम कर रही है। बेनिन में हर कोई अब जानता है कि रोइंग क्या है। हमारे पास बेनिन में लगभग पांच रोइंग क्लब हैं, और करीब 70 रोवर्स हैं।"

"मेरी ओलंपिक क्वालिफिकेशन के बाद, मेरे पास Mahoutin Romain Akpo के साथ डबल सक्ल्स में अफ्रीकी रोइंग चैंपियनशिप में प्रतिस्पर्धा करने का भी मौका था, और हम चौथे स्थान पर रहे।"

पहले प्रयास में विफलता

Hinkati के लिए, चुनौतियां बढ़ती रहीं। अब, उन्हें अपने प्रशिक्षण, उपकरण, ट्रेवल कॉस्ट और एक फिजियो के लिए पैसा जोड़ने थे। फ्रांस में Société Nautique de Caen club के रोवर ने एक क्राउडफंडिंग अभियान शुरू किया क्योंकि वह फ्रांस के किसी भी प्रायोजक को आकर्षित करने में असमर्थ थे।

"मैं फ्रांस में रहता हूं और वहां ट्रेन करता हूं, लेकिन क्योंकि मैं राष्ट्रीय टीम का प्रतिनिधित्व नहीं करता हूं, इसलिए बेनिन के रोवर के रूप में पैसा जोड़ना मुश्किल है। मेरे लिए यह एक बड़ी चुनौती थी, और यह तब था जब मैंने एक अलग पेशेवर दृष्टिकोण अपनाने का फैसला किया।"

"क्राउडफंडिंग सफल रही क्योंकि मैंने उन्हें यह दिखाने की कोशिश की कि वे केवल मेरे प्रयास का समर्थन नहीं कर रहे हैं बल्कि मेरे सपने का भी कर रहे हैं ... यह एक अलग तरह की स्पॉन्सरशिप है।"

फिर भी, अपने सभी प्रयासों के बावजूद, वह रियो 2016 के लिए क्वालीफाई करने में असफल रहे।

यह मेरे जीवन के सबसे कठिन क्षणों में से एक था। मैंने बहुत प्रयास किया, मैंने इसमें सब कुछ डाल दिया।

मुझे लगा कि मैं क्वालिफाई करूंगा।

यह मेरा सपना था।

Privel Hinkati फ्रांस में अपने Société nautique de Caen के क्लब में प्रशिक्षण के लिए तैयार हो रहे हैं।
Privel Hinkati फ्रांस में अपने Société nautique de Caen के क्लब में प्रशिक्षण के लिए तैयार हो रहे हैं।
© Guillaume Marie - MGSP

आशा नहीं खोना

हालांकि, Hinkati ने उम्मीद नहीं खोई। निराशा को पचाने के लिए रोइंग से दूर कुछ समय बिताने के बाद, वह लौट आए।

"मेरे दोस्तों और मेरे परिवार के सदस्यों ने कहा कि अगर मैं अपने सपने का फिर से पीछा नहीं करता, तो मैं कभी खुश नहीं होंगा।"

ओक्लाहोमा सिटी में यूएस रोइंग नेशनल हाई-परफॉर्मेंस सेंटर के मुख्य कोच के रूप में उनके अमेरिकी कोच, Reilly Dampeer ने भी अहम भूमिका निभाई।

"उन्होंने मुझे बताया कि, अब मुझे पता है कि कैसे प्रतिक्रिया करनी है और क्या करना है, और यह कि मैं अधिक अनुभवी और मजबूत बनूंगा।"

और रियो 2016 की रोइंग प्रतियोगिता के लिए भीड़ में होने से वास्तव में Hinkati को टोक्यो के लिए क्वालीफाई करने में मदद मिली, क्योंकि उस दिन उन्होंने खुद से एक वादा किया था।

"ठीक है, अब मैं एक्शन देख रहा हूं लेकिन चार साल के समय में, मैं टोक्यो खेलों में प्रदर्शन करूंगा।" यह प्रेरणा का एक बड़ा स्रोत था, उन्होंने कहा।

क्वालिफिकेशन हासिल करने बाद भी में रोइंग करता रहा।

मैं दूसरे और तीसरे रिंग की तरफ रोइंग करता रहा।

मैं कोई चांस नहीं लेना चाहता। मैं सिर्फ सुनिश्चित होना चाहता था।

दूसरे प्रयास में सफलता

चार साल बाद, Hinkati ने टोक्यो 2020 के लिए क्वालीफाई किया।

क्वालिफिकेशन हासिल करने बाद भी में रोइंग करता रहा। मैं दूसरे और तीसरे रिंग की तरफ रोइंग करता रहा। मैं कोई चांस नहीं लेना चाहता। मैं सिर्फ सुनिश्चित होना चाहता था। मैं तभी रुका जब एनाउंसर ने मुझे रुकने के लिए कहा।"

मेरा सपना सच हो गया था।

Hinkati ने राहत महसूस की क्योंकि उन्होंने दुनिया को दिखाया दिया, कि यदि आप दृढ़ हैं, तो आप कुछ भी हासिल कर सकते हैं।

"फ्रांस में रोइंग क्लब के बहुत से लोगों ने मुझे ओलंपिक के लिए अर्हता प्राप्त करने के बारे में कल्पना करने या सपने देखने के लिए भी पागल कहा। मैं कुछ नहीं भुला, मैंने खुद से कहा, 'मैं पागल नहीं हूं और न ही झूठा।"

‘अपने देश को गौरवान्वित करना’

Hinkati को बहुत सारी चीजों पर गर्व था। सबसे पहले, वह बेनिन से ओलंपिक खेलों के लिए अर्हता प्राप्त करने वाले पहले रोवर बन गए। दूसरे, इसने उन्हें अपने देश को अंतरराष्ट्रीय रोइंग समुदाय से परिचित कराने में मदद की और अंत में, वह खेल के भीतर काले लोगों के प्रतिनिधि भी बने।

"बहुत से लोग मुझसे यह पूछते रहते हैं। विशेष रूप से इस समय जब काले लोगों और विविधता पर ध्यान केंद्रित किया जाता है," Hinkati ने कहा।

“पहले, विश्व कप और विश्व चैंपियनशिप में, मैं आमतौर पर प्रतिस्पर्धा करने वाले कुछ काले एथलीट्स में से एक होता था । जब मैं वहां अपना नाम रजिस्टर करवाने जाता था, तो वे पूछते थे कि 'आप किस देश से हैं?' और मैं बेनिन कहता था। वे पूछते थे, 'क्या वह देश है?'

"टोगो की एक महिला रजिस्ट्रेशन डेस्क पर पहुंची और उनसे पूछा गया कि वह किस देश से है। उन्होंने कहा 'मैं टोगो से हूँ'। उस आदमी ने उनसे कहा, 'मैं जानना चाहता हूँ कि आप किस देश से हैं, न की आप कहाँ जाना चाहती हैं। फिर तब उस महिला ने उनसे कहा,' एक देश है जिसे टोगो कहा जाता है!'

"अब, हर कोई मुझे पहचानता है और वे गर्व से घोषणा करते हैं कि यह लड़का बेनिन का है। वे अब मेरी नाव पर बेनिन के झंडे को पहचानते हैं।"

शाम 5 बजे से रात 8 बजे तक

ओलंपिक पदक के लिए Hinkati की खोज अभी खत्म नहीं हुई है। वह अभी भी कड़ी ट्रेनिंग कर रहे हैं ताकि वह ओलंपिक खेलों में बेनिन का प्रतिनिधित्व कर सकें। हालांकि उनका मुख्य लक्ष्य सिर्फ योग्यता हासिल करना था - लेकिन अब उनका लक्ष्य सी फॉरेस्ट वॉटरवे पर कुछ बड़ा हासिल करना है जहां रोइंग प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी।

"अगर मैं शीर्ष 20 में रहूंगा तो मुझे खुशी होगी। मैं इसका भरपूर आनंद लूंगा।"

और इसे हासिल करने के लिए, केन के टाउन हॉल में काम करने वाले कंप्यूटर इंजीनियर अपना खाली समय रोइंग को समर्पित करते हैं। फुल-टाइम नौकरी के साथ, उस खाली समय को निकलना अक्सर मुश्किल होता है। लेकिन मुश्किल का मतलब असंभव नहीं है, जैसा कि Privel Hinkati ने पहले ही साबित किया है।

"मैं हर सुबह लगभग 5:07 पर उठता हूं और सुबह 6 बजे से पूरे दो घंटे तक मैं रोइंग करता हूं। फिर, मुझे सुबह 9 बजे अपने ऑफिस पहुंचना होता है और फिर मैं शाम 6 बजे तक फ्री हो जाता हूं।" उसके बाद, फिर से मैं लगभग दो घंटे ट्रेनिंग करता हूं और फिर अंत में घर जाता हूं। मेरा रात का खाना होता है और 10 या 11 बजे तक मैं सो जाता हूं।"

शनिवार को, वह दो या तीन बार ट्रेन करते हैं, और रविवार को, वह सिर्फ एक बार ट्रेन करते हैं।

हर दिन मेरा दिन है - Privel Hinkati के फोन केस में टोक्यो 2020 लोगो के ऊपर लिखा हुआ है।
"हर दिन मेरा दिन है" - Privel Hinkati के फोन केस में टोक्यो 2020 लोगो के ऊपर लिखा हुआ है।
Courtesy of Privel Hinkati