डूबती नाव से दो ओलंपिक खेलों तक यह सफर

उरुग्वे की Dolores Moreira Fraschini ने मरीना दा ग्लोरिया में रियो 2016 ओलंपिक खेलों के तीसरे दिन महिला लेजर रेडियल रेस 1 के दौरान प्रतिस्पर्धा की। (Clive Mason/गेट्टी इमेजेज द्वारा फोटो)
उरुग्वे की Dolores Moreira Fraschini ने मरीना दा ग्लोरिया में रियो 2016 ओलंपिक खेलों के तीसरे दिन महिला लेजर रेडियल रेस 1 के दौरान प्रतिस्पर्धा की। (Clive Mason/गेट्टी इमेजेज द्वारा फोटो)

एक बार फिर, Dolores Moreirar Fraschini ओलंपिक के लिए अर्हता प्राप्त करने वाली पहली उरुग्वे एथलीट हैं, जिन्होंने पिछले साल टोक्यो 2020 के लिए लगातार मेहनत और अच्छे प्रदर्शन से अपनी जगह बनाई थी।

Dolores Moreirar Fraschini के करियर में तेजी के साथ काफी उतार-चढ़ाव रहा। उनका जीवन बिल्कुल लहरों के साथ हिचकोले खाता हुआ है और उन्होंने हार नहीं मानी। लेकिन इस मामले में वह इतनी भाग्यशाली रही कि सफलता उनके कदम चूमती गई।

Moreira केवल 21 साल की हैं, लेकिन वह अपने दूसरे ओलंपिक खेलों के लिए क्वालीफाई कर चुकी हैं, जो पहले से ही प्रतिस्पर्धा में थी और रियो 2016 में अपने देश की ध्वजवाहक थी।

रियो 2016 के लिए क्वालीफाई करने वाली पहली उरुग्वयन होने के बाद, Moreira ने दूसरी बार यह उपलब्धि हासिल की - 2019 में टोक्यो 2020 के लिए क्वालीफाई करना।

2016 में उन्होंने ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने की उम्मीद नहीं की थी, क्योंकि उस समय वह बहुत छोटी थी। 2020 में, उन्होंने सवाल किया था कि क्या वह चोट लगने के बाद भाग ले पाएगी या नहीं।

"जाहिर है, हर बार जब मैं ओलंपिक के लिए क्वालीफाई कर पाती हूं तो इससे मुझे बहुत खुशी मिलती है। मैंने 2020 के लिए क्वालीफाई करने की योजना बनाई, लेकिन 2016 के लिए नहीं। इस बार, टोक्यो के लिए, मैंने जापान में क्वालीफाइंग स्पर्धा में भाग लिया, लेकिन मैं एक चोट के कारण कई महीनों तक नौका चलाने में असक्षम रही। मेरे पास प्रतियोगिता से पहले लगभग एक महीने का प्रशिक्षण था, जिसे मैंने पूरी निष्ठा के साथ क्वालीफाई किया,” उन्होंने टोक्यो 2020 को बताया।

उनका अगला बड़ा लक्ष्य अगली गर्मियों में होगा। "मैं रियो 2016 में अपने प्रदर्शन में सुधार करना चाहूंगी। मुझे रियो के लिए बहुत अधिक उम्मीदें थीं, लेकिन मैं बहुत घबरा गई थी। अब मुझे उम्मीद है कि मैं सब कुछ शांति से करूंगी, और अपने परिणामों में सुधार करूंगी और अगर भगवान ने चाहा तो, मैं पदक की दौड़ के बारे में सपना देख सकती हूं।"

ध्वजवाहक, उरुग्वे की Dolores Moreira Fraschini ने मारकाना स्टेडियम में रियो 2016 ओलंपिक खेलों के उद्घाटन समारोह के दौरान अपनी टीम का नेतृत्व किया। (Buda Mendes/गेट्टी इमेजेज  द्वारा फोटो)
ध्वजवाहक, उरुग्वे की Dolores Moreira Fraschini ने मारकाना स्टेडियम में रियो 2016 ओलंपिक खेलों के उद्घाटन समारोह के दौरान अपनी टीम का नेतृत्व किया। (Buda Mendes/गेट्टी इमेजेज द्वारा फोटो)
2016 Getty Images

एक 17 वर्षीय ध्वजवाहक

अपनी घबराहट के बावजूद, Moreira ने रियो 2016 के ओलंपिक खेलों के उद्घाटन समारोह में एक ध्वजवाहक के रूप में विशेषाधिकार स्थान प्राप्त किया:

"एक ध्वजवाहक होने के नाते यह सब अविश्वसनीय लग रहा था। मैं, सभी सेलर्स के साथ, बिना भीड़ के प्रतिस्पर्धा करने की आदी हूं। और उस समय, मैं पूरी भीड़ की जयकार के साथ स्टेडियम में थी। यह अविश्वसनीय था। मैंने वास्तव में पल का आनंद लिया और मुझे बहुत गर्व था। मैं उद्घाटन समारोह के दौरान तीन बार रोई। ऐसा लगा...यह सब तीन घंटे से भी ज्यादा लंबा समय था। और मैं हर घंटे रोई," वह हंसी।

लेकिन 2016 भी उनके लिए खास था, क्योंकि पहले से कहीं ज्यादा उन्होंने महसूस किया कि जब वह प्रतिस्पर्धा कर रही थी तो उन्हें अच्छा साथ मिला।

"यह मेरे लिए आश्चर्यजनक था क्योंकि आम तौर पर जिन दौड़ों में मैं भाग लेती हूं, वह उरुग्वे में नहीं होती, और उसके कारण मेरा परिवार मेरे साथ नहीं हो सकता। लेकिन ब्राजील करीब था, इसलिए मेरे माता-पिता ने रियो आने और मेरा समर्थन करने का फैसला किया। उनके साथ ओलंपिक शेयर करना बहुत अच्छा एहसास था, उन्होंने याद करते हुए कहा।

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बड़ी बहन से तोहफा

Moreira के परिवार ने उसे सेलिंग के खेल में भाग लेने के लिए प्रोत्साहन दिया था, और हालांकि अब वह काफी ऊंचे मुकाम पर पहुंच चुकी हैं, लेकिन सेलर के रूप में उसकी शुरुआत कुछ आसान थी। लेकिन उन्हें परिवार का प्रोत्साहन एक पुरस्कार के रूप में मिला जिसने उन्हें घर पर एक एथलीट के रूप में विकसित होने की प्रेरणा दी।

"मेरा घर पेंडांडु में उरुग्वे नदी के तट पर है। जब मैं एक बच्ची थी, तो मैं हमेशा अपनी खिड़कियों के बाहर नावें देखा करती, इसलिए मैं बहुत उत्सुक थी यह जानने के लिए कि नाव चलाते समय कैसा महसूस होता होगा। मेरी बहनों और मैंने यह नौकाखेल बचपन में काफी खेला और मुझे इससे प्यार हो गया। यह अविश्वसनीय था, क्योंकि सेलिंग ने हमें एक परिवार के रूप में एकजुट किया है," Moreira ने कहा।

वास्तव में, उनकी सबसे बड़ी बहन ने उन्हें सही समय पर सही तोहफा दिया।

"एक प्रशिक्षण शिविर था जहां वे नई प्रतिभाओं की तलाश कर रहे थे। यह मेरे आयु वर्ग के लिए था, इसलिए मैं साथ गई, लेकिन मुझे एक नाव उधार लेने की आवश्यकता थी क्योंकि मेरे पास नाव नहीं थी। तो उन्होंने मुझे उसमें छेद वाली नाव दी। जब मैं जमीन के करीब जा रही थी, नाव डूब गई!"

"मेरी सबसे बड़ी बहन उस समय लेजर रेडियल का अभ्यास कर रही थी। जब उसने देखा कि क्या हुआ, तो उसने मुझे अपनी नाव दी। उसे अपना अनुशासन [परिणामस्वरूप] बदलना पड़ा। मैंने दो साल तक उनकी नाव चलाई। यह एक बहुत बड़ी बात थी क्योंकि उसने मुझे कुछ दिया था जिसमें उसने अपनी सारी बचत डाल दी थी। और उसने ऐसा किया सिर्फ मेरी मदद करने के लिए, "Moreira ने याद किया, वह आज भी इस बात से प्रभावित हैं।

"मेरी बहनें मेरी बहुत बड़ी प्रशंसक हैं," उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा।

सेलिंग ने हमें एक परिवार के रूप में एकजुट किया है।

घर पर एक सिम्युलेटर

COVID-19 महामारी द्वारा लाए गए संगरोध के बावजूद दुनियाभर के एथलीट हवा के बहाव के विपरीत जाकर अपने अभ्यास को जारी रखते हुए आगे बढ़ रहे हैं। यह भी कहा जा सकता है कि उनका जज्बा काबिले तारीफ है।

अपने पिता के साथ, उन्होंने लॉकडाउन के दौरान सेलिंग के लिए एक सिम्युलेटर बनाया था।

"हमने एक अल्पविकसित सिम्युलेटर का निर्माण किया, जो लकड़ी से बना है। मैंने लॉकडाउन के दौरान उसके साथ अभ्यास किया और इसके लिए धन्यवाद, कि मैंने अपना पोश्चर नहीं खोया। जब हमने महसूस किया कि हम कई महीनों तक घर पर रहेंगे, हम सिम्युलेटर के बारे में सोचने लगे। मेरे पिता के पास एक चीरघर है और उन्होंने हमेशा लकड़ी के साथ काम किया है, इसलिए उन्हें वह सब कुछ मिला जिसकी हमें जरूरत थी और हमने एक दिन में इसका निर्माण किया।"

इस तरह, Moreira ने संगरोध में बिताए समय को बर्बाद नहीं किया।

यह उसके करियर के दूसरे मुश्किल क्षणों के साथ भी ऐसा ही है। टोक्यो में अपने दूसरे ओलंपिक में भाग लेने वाली 21 वर्षीय एथलीट ने कभी भी समय बर्बाद नहीं किया। तब भी नहीं जब वह एक डूबती हुई नाव में सेलिंग कर रही थी।

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