क्या चौथी बार ओलंपिक में हिस्सा ले रहे Maciulis, जीतेंगे मेडल?

2019 FIBA वर्ल्ड कप के दौरान लिथुआनिया के Jonas Mačiulis कनाडा के खिलाफ पहले दौर के मैच में एक्शन में हैं। (फोटो Zhizhao Wu/Getty Images द्वारा)
2019 FIBA वर्ल्ड कप के दौरान लिथुआनिया के Jonas Mačiulis कनाडा के खिलाफ पहले दौर के मैच में एक्शन में हैं। (फोटो Zhizhao Wu/Getty Images द्वारा)

यूरोपीय चैंपियनशिप से वर्ल्ड कप तक, लिथोनियाई एथलीट ने यह सब जीत लिया है, लेकिन एक उपलब्धि अनलॉक करनी बाकी है।

Jonas Maciulis लिथुआनिया के सबसे सफल सक्रिय बास्केटबॉल खिलाड़ी हैं।

तीन बार के ओलंपियन ने पिछले 13 वर्षों में राष्ट्रीय टीम के साथ जबरदस्त सफलता प्राप्त की है, जिसमें दो यूरोपीय चैम्पियनशिप सिल्वर और एक कांस्य, और एक वर्ल्ड चैम्पियनशिप कांस्य शामिल है।

Maciulis बीजिंग 2008 में पदक जीतने के करीब पहुंच गए थे, जहां लिथुआनिया कांस्य पदक मैच में अर्जेंटीना से हार गया। दो साल बाद, 2010 वर्ल्ड कप में कांस्य जीतकर उन्होंने अपना बदला लिया - लेकिन इसने Maciulis को ओलंपिक खेलों में पोडियम पर खड़े होने का सपना देखने से नहीं रोका।

"एक और सपना, ओलंपिक खेलों के लिए क्वालीफाई करने के बाद एक पदक जीतना है," उन्होंने टोक्यो 2020 से कहा, "मेरे पास वर्ल्ड कप में जीता एक पदक हैं, मेरे पास यूरोबास्केट से तीन पदक हैं, और यह मेरा सपना होगा कि मैं एक ओलंपिक पदक जीतूं। ऐसा होता है तो मैं शायद लिथुआनिया का सबसे खुश आदमी होऊंगा।”

एक ओलम्पियन बनने की तैयारियां

2015 के लिथुआनिया खिलाड़ी से ओलंपियन बनने तक का सफर कई मिलती-जुलती घटनाओं से भरा हुआ था लेकिन इन छोटी-छोटी बातों ने ही Maciulis को वह बनाया जो वह आज हैं।

2001 में Ramunas Butautas, जोकि पूर्व लिथुआनिया नेशनल टीम के कोच हैं, उन्होंने Maciulis को प्रशिक्षण शिविर में बुलाया था - जब एक खिलाड़ी का हाथ टूट गया था और एक खिलाड़ी बीमार हो गया था तो Maciulis को U16 यूरोपियन चैंपियनशिप के लिए लिथुआनिया टीम को ज्वाइन करने के लिए आमंत्रित किया गया था।

2005 के U21 वर्ल्ड कप में वह उनकी आयु के 12 शीर्ष के खिलाड़ियों में से एक थे जिन्होंने यूथ सिस्टम को जारी रखा, जहां वह स्वर्ण पदक जीतने वाली टीम का एक हिस्सा थे। उन्होंने सेकंड लिथुआनिया नेशनल टीम को 2007 में ज्वाइन किया। और इस तरह एक बार फिर Maciulis ने अपने आप को एक ऐसी स्थिति में पाया जिससे वह ‘लकी पोजीशन’ कहते हैं।

Summer Universiade में अच्छा प्रदर्शन और जीत हासिल करने के बाद, Maciulis ने 2007 में अपना सीनियर डेब्यू यूरोपियन चैंपियनशिप में किया, जहां लिथुआनिया ने कांस्य पदक प्राप्त कर अपनी जीत दर्ज की। मात्र एक साल के अंदर वह सबसे बड़े खेल के मंच पर थे और वह था ओलंपिक खेल बीजिंग 2008.

यह एक बहुत ही रोमांचक अनुभव था और मैं सोच रहा था, “ठीक है, मेरे पास एक लाइफ टाइम मौका था, मुझे नहीं पता कि यह मौका दोबारा मुझे दोबारा मिलेगा या नहीं, लेकिन अब मेरे पास तीन मौके और हैं और मैं चौथे खेलों की ओर अपना रुख कर रहा हूं। यह वास्तव में बहुत ही रोमांचकारी है,” उन्होंने याद करते हुए कहा।

“शुरुआत में मुझे खेलने के लिए अपनी एनर्जी को कहीं ना कहीं लगाना होता था। किसी को भी यह उम्मीद नहीं थी। ओलंपिक खेलों में भाग लेने का सपना मैंने भी नहीं लिया था। यहां तक ​​कि जब मैंने राष्ट्रीय टीम के लिए खेलना शुरू किया, तो ना तो मैंने और ना ही मेरे माता-पिता ने ऐसा महसूस किया कि मैं राष्ट्रीय टीम के लिए खेल रहा हूं - उन्हें लगा, यह सिर्फ बास्केटबॉल खेल रहा था।”

तब से, Maciulis ने लंदन 2012 और रियो 2016 में भाग लिया, जहां लिथुआनिया क्रमशः आठवें और सातवें स्थान पर रहा। और 2019 FIBA विश्व कप में नौवें स्थान पर रहने के कारण लिथुआनिया ने ओलंपिक क्वालीफाइंग टूर्नामेंट के लिए क्वालीफाई किया।

बीजिंग 2008 ओलिंपिक खेलों के दौरान अर्जेंटीना के खिलाफ कांस्य पदक खेल के दौरान एक्शन में लिथुआनिया के Jonas Mačiulis। (Harry How /Getty Images द्वारा फोटो)
बीजिंग 2008 ओलिंपिक खेलों के दौरान अर्जेंटीना के खिलाफ कांस्य पदक खेल के दौरान एक्शन में लिथुआनिया के Jonas Mačiulis। (Harry How /Getty Images द्वारा फोटो)
2008 Getty Images

हालांकि, टोक्यो 2020 के स्थगन के साथ, टूर्नामेंट को 2021 में स्थानांतरित कर दिया गया था। Maciulis के लिए, अन्य नियमों के साथ स्थगन को स्वीकारना आसान नहीं था।

“मैं वास्तव में परेशान था। मैंने सोचा, “ठीक है, एक और वर्ष गया, मैं 36 साल का होने जा रहा हूं, मैं इस सीजन में शारीरिक तौर पर शानदार रहा, इसे एक और वर्ष के लिए बनाए रखना थोड़ा कठिन हो सकता है।"

"आप जानते हैं, यह ऐसा है जैसे हर किसी का सपना होता है, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप कितने वर्ष के हैं। यह मेरा सपना था कि मैं चौथे ओलंपिक खेलों में भाग लूं और मैं वास्तव में दुखी था कि इसे 2021 तक स्थगित कर दिया गया।"

अब अपने चौथे ओलंपिक के लिए बोली लगाने की तैयारी फिर से शुरू करते हुए, 35 वर्षीय खिलाड़ी ने एथेंस साइड, AEK BC के लिए तीसरे सीज़न के लिए फिर से साइन किया हैं - यह एक ऐसा निर्णय है जिसे Maciulis अपनी टोक्यो 2020 की तैयारियों के लिए महत्वपूर्ण मानते हैं।

Maciulis के संचालन में उनके क्लब ने अप्रत्याशित रूप से ग्रीक कप जीता, देश की चैंपियनशिप में दूसरे स्थान पर रहे और FIBA चैंपियंस लीग क्वार्टर फाइनल में पहुंचे।

लेकिन सिर्फ यह उनका प्लान नहीं था। वह पूरे सत्र के लिए स्वस्थ रहना चाहता हैं, और सबसे अच्छे आकार में रहना चाहते हैं - खासकर जब यह क्वालीफिकेशन टूर्नामेंट की बात आती है - जो अब 29 जून और 4 जुलाई 2021 के बीच आयोजित किया जा रहा है।

"मुझे एक खिलाड़ी के रूप में, एक टीम के खिलाड़ी के रूप में परिणाम दिखाने की जरूरत है, लेकिन कुछ भी हो सकता है। लेकिन मेरा मुख्य लक्ष्य अनुबंध पर हस्ताक्षर करना और सभी सत्रों में स्वस्थ रहना है। मैं चोटिल नहीं होना चाहता,” Maciulis ने कहा।

"मेरे पास वर्ल्ड कप में जीता एक पदक हैं, मेरे पास यूरोबास्केट से तीन पदक हैं, और यह मेरा सपना होगा कि मैं एक ओलंपिक पदक जीतूं।

ऐसा होता है तो मैं शायद लिथुआनिया का सबसे खुश आदमी होऊंगा।”

उधार देने के लिए मदद

जब पूरा यूरोप COVID-19 महामारी की चपेट में आ गया, Maciulis और उनका परिवार ग्रीस में अपने घर से लिथुआनिया लौट आया।

मदद करने के लिए एक रास्ते की तलाश में, वह एक पुराने परिचित कॉमेंटेटर, Linas Kunigėlis के पास आए, जो "Stiprūs kartu" (एक साथ मजबूत) नामक एक स्थानीय NGO की सहायता कर रहे थे।

“इस बंद के कारण, हम देख रहे थे कि क्या करना है, लोगों की कैसे मदद करें। वे सब हमारे प्रशंसक रहे हैं और यह एक ऐसा समय था जहां हम उनकी मदद कर सकते थे,” Maciulis ने बताया।

संगठन कई तरह से मदद कर रहा है, परिवारों को किराने का सामान देने से लेकर सहायता केंद्र की फोन लाइनों पर काम करने तक, जहां वे अलग-अलग लोगों को जोड़ते हैं - विशेष रूप से वरिष्ठ लोगों को- स्वयंसेवकों के साथ जो भोजन और दवाइयां खरीदने और कचरे को बाहर निकालने सहित अन्य कार्यों में मदद कर सकते हैं।

Maciulis अन्य स्वयंसेवकों के साथ काम करने के लिए रैंक में शामिल हुए। बास्केटबॉल स्टार ने Kaunas में बच्चों के साथ परिवारों को भोजन पहुंचाया।

“यह लिथोनियाई लोगों के लिए कुछ अच्छा करने का समय था जिन्होंने राष्ट्रीय टीम के लिए खेलों के दौरान हमारा समर्थन किया है। इस तरह हम समाज को वह सब दे कर अपना भार हल्का कर सकते हैं क्योंकि यह समाज ही हमारे साथ हमेशा खड़ा रहा है,” उन्होंने कहा।

एक नए अनुशासन में डेब्यू

जब लिथोनियाई बास्केटबॉल महासंघ के महासचिव, Mindaugas Spokas ने Maciulis से 3X3 बास्केटबॉल खेलने के बारे में संपर्क किया, तो यह एक अप्रत्याशित अवसर था।

जब उन्हें अभ्यास सत्र में शामिल होने के लिए कहा गया, तो उन्होंने इसे करने में संकोच नहीं किया और यह लंबे समय तक नहीं था जब तक कि Maciulis को एक स्थानीय 3X3 टूर्नामेंट में खेलने के बारे में संपर्क नहीं किया गया, जहां वह अपने गृहनगर का प्रतिनिधित्व करते।

"क्यों नहीं, मैं वैसे भी कुछ नहीं कर रहा हूं?" उन्होंने कहा, "मैं अपने क्षेत्र, अपने गृहनगर का प्रतिनिधित्व करना चाहता था - यह वास्तव में एक छोटा सा गांव है, और फिर, यह काफी मजेदार अनुभव था।"

अपनी 3X3 की पेशेवर शुरुआत करते हुए, Maciulis ने न केवल अपनी टीम Tauras को 3X3 हॉपट्रांस पर पांचवें स्थान पर पहुंचा दिया, बल्कि वह सबसे अधिक अंकों को प्राप्त करके टूर्नामेंट की टीम में नामित किया गया।

"मैं वास्तव में इस तरह के बास्केटबॉल खेलने की कोशिश करने के अपने फैसले पर बहुत खुश हूं," उन्होंने कहा।

“यह एक नया अनुभव था… मुझे इस छोटे से अलग अंदाज में ढलने की जरूरत थी। बहुत सोच-विचार नहीं है, यह बहुत तेज़, उच्च-गति वाला खेल है जहां आपको स्थान बनाने की जरूरत नहीं हैं, यह बस दौड़ है, शूटिंग और बस लगातार गति से दौड़ते जाना।

"यहां तक ​​कि हमारे अभ्यास के दौरान, हमारे पास शुरुआत में कुछ कोच थे, 'अगर यह बाहर जाना संभव है या यहीं पर कुछ ऐसा इंतजाम करना जहां 10 मिनट के लिए 3X3 की उच्च गति पर यह प्रशिक्षण दिया जा सके। यह एक अच्छी कंडीशनिंग एक्सरसाइज है।“

“यह 5X5 जैसा नहीं है, जहां आप कम गति में गेंद ला सकते हैं। यह 10 मिनट स्प्रिंटिंग है। इसलिए टेम्पो बरकरार रखने के लिए बहुत सारे विकल्प रखे गए हैं।”

3X3 बास्केटबॉल के साथ टोक्यो 2020 में अपने ओलंपिक की शुरुआत करने के लिए, Maciulis को अब एक नए खेल में अपने राष्ट्र का प्रतिनिधित्व करने की संभावना है, लेकिन उनका दिल अभी भी पारंपरिक खेल के साथ है।

"5X5 मेरा पसंदीदा है," उसने हंसते हुए कहा, "यह वह खेल है जो मैंने अपने पूरे जीवन खेला है।"