Roger Federer और Serena Williams से प्रेरित Saina Nehwal कर रही हैं टोक्यो 2020 ओलिंपिक खेलों की तैयारी 

भारत की Saina Nehwal 2018 कामनवेल्थ खेलों की मिश्रित टीम प्रतियोगिता के दौरान पॉइंट जीतने के बाद खुश होती हुई।
भारत की Saina Nehwal 2018 कामनवेल्थ खेलों की मिश्रित टीम प्रतियोगिता के दौरान पॉइंट जीतने के बाद खुश होती हुई।

Saina बैडमिंटन शिखर को दोबारा हासिल करने के लिए तैयार हैं ।

भारत के ओलिंपिक इतिहास में पहला बैडमिंटन पदक जीतने वाली Saina Nehwal ने पिछले दो सालों में कई कठिनाइयों का सामना किया है और चोट के कारण उनके प्रदर्शन पर काफी गहरा प्रभाव पड़ा है लेकिन उनकी निगाहें अभी भी टोक्यो 2020 ओलिंपिक पदक पर हैं। सोशल मीडिया पर आयोजित एक संवाद के दौरान उन्होंने अपनी तैयारी के बारे में बताया।

टोक्यो 2020 ओलिंपिक खेलों पर नज़र

कोरोना महामारी के कारण विलंबित हुए टोक्यो 2020 खेलों ने कई खिलाड़ियों को दूसरा अवसर प्रदान किया और Saina Nehwal उनमें से एक हैं। भारत की पहली बैडमिंटन पदक विजेता Nehwal इस समय विश्व नंबर 22 हैं और पिछले एक साल में चोट के कारण उनका फॉर्म उतना शानदार नहीं रहा है। उन्होंने साल 2019 में बीडब्लूएफ 500 ख़िताब जीता था लेकिन विश्व चैंपियनशिप के शुरुआती दौर में ही वह बाहर हो गयी थी।

ओलिंपिक खेलों में पदक जीतना बहुत बड़ी चुनौती होती है और Nehwal इस बात से भली भांति परिचित हैं। इस बारे में उन्होंने कहा, "मुझे पता है कि सब लोग ओलिंपिक खेलों के बारे में सोच रहे हैं और यह एक बहुत बड़ी प्रतियोगिता है लेकिन इसके पहले आपको अन्य दुसरी प्रतियोगिताओं के बारे में सोचना पड़ेगा। मुझे पता है कि मुझे अपनी लय को वापस लाना होगा और विश्व के 20 सर्वोच्च खिलाड़ियों को पराजित करना होगा।"

Saina की नज़र ओलिंपिक खेलों पर ज़रूर है लेकिन वह यह भी जानती हैं कि प्रतियोगिता में अभी भी समय ही और टोक्यो 2020 के पहले अन्य कई और चुनौतियों का सामना मुझे करना होगा।

उन्होंने कहा, "ओलिंपिक खेलों से पहले तीन महीनों का अभ्यास बाकी है और स्वस्थ रहते हुए मुझे साथ या आठ प्रतियोगिताओं में भाग लेना होगा जिसके बाद ही मैं टोक्यो 2020 के बारे में सोच पाउँगी लेकिन अगर आप पूछें तो मैं विश्वास से कह सकती हूँ कि ओलिंपिक खेलों की दौड़ में ज़रूर हूँ।"

Federer और Serena से मिली प्रेरणा

Saina Nehwal अगले साल 31 वर्ष की होंगी और ओलिंपिक खेलों में पदक जीतने की उनकी दावेदारी PV Sindhu, OKUHARA Nozomi और YAMAGUCHI Akane के मुकाबले कम ज़रूर हैं लेकिन वह सफल होने के लिए काफी प्रेरित हैं। Roger Federer और Serena Williams जैसे दिग्गज टेनिस खिलाड़ी Nehwal को सफल होने की आशा देते हैं।

वह बोली, "खेल दुनिया में Djokovic, Federer, Nadal और Serena बहुत अच्छा खेल रहे हैं और क्यों नहीं? मैं एक योद्धा हूँ और ज़रूर वापसी करूँगी। अगर यह सारे खिलाड़ी कर सकते हैं तो मैं क्यों नहीं?"

खेल छोड़ने की कगार पर थी Saina

एक समय ऐसा भी आया था जब Saina ने सोचा था की वह खेल छोङ देंगी लेकिन क्योंकि वह एक और ख़िताब नहीं जीत पाएंगी लेकिन संघर्ष करना उनके स्वभाव में है जिसके कारण उन्होंने हार नहीं मानी। पूर्व नंबर एक रह चुकी Saina को टोक्यो 2020 खेलों से उम्मीदें हैं और डेनमार्क ओपन न खेलने से उनके शरीर को ज़रूरी विश्राम मिला है।

"बहुत बार मुझे ऐसा लगा कि खेलना छोड़ दूँ क्योंकि मैं अब जीत नहीं पाऊँगी लेकिन मुझे यह लगा कि मैं इस स्थिति से लड़ सकती हूँ और मुझे चुनौती का सामना करने में मज़ा आता है। मैंने सोचा घर बैठ कर क्या करुँगी? यह मेरा जीवन है, यह मेरा काम है।"

Saina दोबारा दुनिया की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी बनना चाहती हैं और वह अगले साल होने वाले ओलिंपिक खेलों में सफलता इस लक्ष्य को पाने में उनकी सहायता करेगा। उन्हें यह भी पता है की सफलता के लिए वह अपने खेल के किस पहलू पर ध्यान देना चाहती हैं।

उन्होंने कहा, "मैं काफी समय तक चोटिल रही और इसका बहुत गहरा प्रभाव मेरे खेल जीवन पर हुआ। इस समय मैं अच्छी स्थिति में हूँ और मैं निश्चित ही विश्व की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी बन सकती हूँ। मुझे आने वाले समय पर प्रदर्शन पर ध्यान देना होगा और छोटी चोटों से बचना होगा।"

स्वतंत्र भारत के इतिहास में सिर्फ एक खिलाड़ी ने दो ओलिंपिक पदक जीते हैं और पहलवान Sushil Kumar के बाद Saina दूसरी खिलाड़ी बनने की कोशिश करेंगी। टोक्यो 2020 ओलिंपिक खेलों में शायद भारत और पूरा विश्व एक नयी और पुनर्जीवित Saina Nehwal को देखेगा।