Farida Osman - अफ्रीकी और मिडिल ईस्ट की महिलाओं के लिए बाधाओं को तोड़ना

मिस्र की Farida Osman ने रूस के कज़ान में 2015 फ़िना वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए महिलाओं की 100 मीटर फ़्रीस्टाइल हीट में प्रतिस्पर्धा की। (Matthias Hangst/ गेटी इमेज द्वारा फोटो)
मिस्र की Farida Osman ने रूस के कज़ान में 2015 फ़िना वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए महिलाओं की 100 मीटर फ़्रीस्टाइल हीट में प्रतिस्पर्धा की। (Matthias Hangst/ गेटी इमेज द्वारा फोटो)

अगले साल टोक्यो ओलंपिक खेलों में प्रतिस्पर्धा करके, Farida Osman मिडिल ईस्ट और पूरे अफ्रीकी महाद्वीप की सभी महिलाओं के लिए आशा की किरण बनना चाहेगी।

"मैं वास्तव में उनके लिए एक रोल मॉडल होने के लिए सम्मानित हूं और उम्मीद है कि मैं और अधिक अफ्रीकी और मिडिल ईस्ट की महिलाओं को भी ऐसा करने के लिए प्रेरित करूंगी," उन्होंने कहा।

Osman मिस्र और अफ्रीका में सबसे तेज़ तैराक हैं और एकमात्र ऐसी मिस्र की तैराक हैं जिन्होंने लंदन 2012 और रियो 2016 दोनों के लिए क्वालीफाई किया था। वह ऑल-अफ्रीका गेम्स की पदक विजेता और मिस्र की राष्ट्रीय चैंपियन भी हैं, जिन्होंने बटरफ्लाई और फ्रीस्टाइल दोनों में 2017 फिना वर्ल्ड चैंपियनशिप में नए अफ्रीकी रिकॉर्ड बनाए।

मिस्र में, Osman को एक सुपरस्टार और रोल मॉडल माना जाता है। उन्हें 'बेस्ट फीमेल एथलिट फ्रॉम अफ्रीका 2017' चुना गया और देश में एक तैराकी परिसर का नाम भी उनके नाम पर रखा गया है। इससे देश में तैराकी को पुश मिला, जहां फुटबॉल को सबसे लोकप्रिय खेल माना जाता है।

जो मुझे वास्तव में प्रेरित करता है और मुझे प्रोत्साहित करता है वह मुश्किलों को पीछे छोड़ना है। मैं लीड करना चाहती हूँ और दूसरों के लिए नए दरवाजें खोलना चाहती हूँ।

कोई आश्चर्य नहीं, उनका एक महान कैरियर रहा।

“मैं पोडियम पर पहुंचने वाली पहली अरब महिला थी; जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप (एक WR समय में) में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली मिस्र; सीनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में फाइनल में पहुंचने वाली पहली मिस्र, ओलंपिक में सेमीफाइनल में पहुंचने वाली पहली मिस्र या अरब महिला, और सबसे महत्वपूर्ण, विश्व चैंपियनशिप में पदक जीतने वाली पहली मिस्र बनी।”

जुलाई 2019 में, उन्होंने दक्षिण कोरिया में आयोजित विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतकर दुनिया को फिर से साबित किया कि वह मिस्र में सबसे अच्छी तैराक क्यों है।

"ये उपलब्धियाँ मुझे आगे बढ़ते रहने के लिए प्रेरित करती हैं, और मैं भविष्य के मिस्र, अफ्रीकी और अरब तैराकों के लिए मानकों को हमेशा ऊपर उठाना चाहूंगी।”

दो देशों में बड़े होना

Osman, जिन्हें 'गोल्डन फिश' के नाम से भी जाना जाता है, संयुक्त राज्य अमेरिका और मिस्र दोनों में बड़ी हुई - दो अलग-अलग संस्कृतियां, जिन्होंने एक एथलीट और एक व्यक्ति के रूप में उनकी प्रतिबद्धता और संवेदनाओं को आकार दिया।

"मैं मिस्र में पली-बढ़ी हूं, जहां तैराकी एक सामान्य खेल नहीं है। मैं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफल रही हूं, और इसने मुझे सिखाया है कि मुझे दबाव से कैसे निपटना है।"

जबकि Osman के मन में मिस्र है, वह अमेरिका में प्राप्त ओलंपिक-स्तरीय अनुभव के लिए आभारी है।

"मुझे अपने परिवार से दूर रहना पड़ा और अमेरिका जाना पड़ा क्योंकि मुझे पता था कि अमेरिका में प्रशिक्षण ही एकमात्र तरीका है जिससे मैं सुधार कर सकती हूं और सर्वश्रेष्ठ बन सकती हूं।"

"अमेरिका में रहते हुए, मैंने सबसे अनुभवी खिलाड़ियों से सीखने, उनके साथ प्रशिक्षण लेने और उनके साथ प्रतिस्पर्धा करने के लिए खुद को सम्मानित महसूस किया। मैं तैराकी के अन्य पहलुओं के बारे में भी सीख रही थी- अनुशासन, फोकस और अन्य चीजें जोो अंतर लाती है।"

लेकिन वह जानती थी कि वह किस लिए तैर रही थी।

"दुनिया को यह दिखाने की मेरी ज़िम्मेदारी थी कि अरबी देशों की महिलाएँ भी तैराकी में भाग ले सकती हैं। मैने उन सभी के लिए एक रोल मॉडल और एक बेहतर उदहारण बनना सीखा जिन्होंने यह सोचा था कि अरब देशों की महिलाओं के लिए तैराकी में भाग लेना असंभव था।”

ट्रेनिंग रुकी पड़ी है

वह मार्च में यूएस में प्रशिक्षण ले रही थी जब COVID-19 के कारण लॉकडाउन हुआ। जब प्रशिक्षण केंद्र और पूल बंद हो गए, तो Osman ने मिस्र के अन्य एथलीट्स के साथ मिलकर मिस्र लौटने की योजना बनाई। अपने परिवारों को फिर से देखने से पहले उन्हें दो हफ्तों के लिए अलगाव में रखा गया था।

अब वापस मिस्र में, Osman घर पर प्रशिक्षित करना जारी रखती हैं, जहां, सौभाग्य से, उनके पास एक छोटा सा पूल है, लेकिन प्रशिक्षण जारी रखने के लिए वह वापस अमेरिका जाने के लिए व्याकुल है।

"मैं अमरीका में चीजों के ठीक होने का इंतजार कर रही हूं ताकि मैं वापस लौटकर अपना प्रशिक्षण फिर से शुरू कर सकूं। फिलहाल, मैं मिस्र में अपने घर पर प्रशिक्षण ले कर खुश हूं।"

Osman जैसे ओलंपिक एथलीट्स के लिए, उनकी सामान्य दिनचर्या में रुकावट होना निराशाजनक हो सकता है।

"आप चार साल तक इतनी कड़ी मेहनत करते हैं, आप हर एक विवरण पर ध्यान केंद्रित करते हैं, और फिर अचानक से यह सब होता है। यह हमारे लिए निराशाजनक है।"

लेकिन वह इस की सकारात्मकता को भी देखती है।

"इस वजह से सभी एथलीट अब अपने घर पर हैं। घर वापस आना और अपने परिवार के साथ समय बिताना वास्तव में अच्छा है। मैं इससे पहले एक साल में घर नहीं आई थी।"

" मुझे पता हैं की हर चीज़ के पीछे एक कारण होता है, और मैं इस स्थिति में सकारात्मक रह रही हूं। मैं इस समय एक प्लान बना रहा हूं कि मैं अपनी तैराकी में कैसे सुधार कर सकती हूं। हमारे पास आकार में वापस आने, मजबूत बनने के लिए एक वर्ष है। मेरा लक्ष्य वही है, मैंने सिर्फ अपनी योजना में बदलाव करा है।“

Farida Osman (Lachlan Cunningham / गेटी इमेजेज द्वारा फोटो)
Farida Osman (Lachlan Cunningham / गेटी इमेजेज द्वारा फोटो)
2016 Getty Images

टोक्यो 2020 - उनका तीसरा ओलंपिक

लॉकडाउन से पहले, Osman ओलंपिक खेलों के लिए बहुत कड़ी ट्रेनिंग कर रही थी। वह सप्ताह में 9-10 बार तैराकी करती थी, वह 3-4 वेटलिफ्टिंग सेशंस करती थी, और वह लचीलेपन के लिए योगा भी करती थी।

उनके तीसरे ओलंपिक में भी, उनका लक्ष्य वही है।

“मेरा लक्ष्य पोडियम तक पहुँचना है। मुझे पता है कि यह बहुत दबाव के साथ आता है, लेकिन जब तक यह लक्ष्य वास्तविकता में नहीं बदलता, तब तक मैं मेहनत करती रहूंगी।"

अपने तीसरे ओलंपिक में जाने पर, Osman ने अपने जैसे एथलीट्स के लिए खेलों के महत्व की सराहना की।

“ओलंपिक एक ऐसी जगह है जहाँ जादू होता है और इतिहास बनता है - आप दुनिया के सर्वश्रेष्ठ एथलीट्स को एक जगह प्रतिस्पर्धा करते हुए देखते हैं, यह अविश्वसनीय है। वहां अपने देश का प्रतिनिधित्व करना और मिस्र का झंडा लहराना एक वास्तविक सम्मान है।“

यदि वह अगले साल पोडियम पर पहुंचती है, तो वह इसे अपने देश, मिडिल ईस्ट और अफ्रीका को समर्पित करेगी।

"उनकी प्रतिभा के लिए, मुझे निश्चित रूप से दुनियाभर में अफ्रीकी और मिडिल ईस्ट की महिलाओं का प्रतिनिधित्व करने पर गर्व है।"

"वे मेरी कहानी का हिस्सा बनते हैं इसलिए मैं न केवल अपने लिए, बल्कि उनके लिए भी ऐसा कर रही हूं।