क्लासिक फाइनल: जब Hinch ने ग्रेट ब्रिटेन को स्वर्ण दिलाया

ओलंपिक हॉकी सेंटर में रियो 2016 ओलंपिक खेलों के 14 वें दिन महिला गोल्ड मेडल मैच में नीदरलैंड के खिलाफ पेनल्टी शूट-आउट जीतने के बाद ग्रेट ब्रिटेन के खिलाड़ी जश्न मनाते हैं। (Mark Kolbe/ गेटी इमेज द्वारा फोटो)
ओलंपिक हॉकी सेंटर में रियो 2016 ओलंपिक खेलों के 14 वें दिन महिला गोल्ड मेडल मैच में नीदरलैंड के खिलाफ पेनल्टी शूट-आउट जीतने के बाद ग्रेट ब्रिटेन के खिलाड़ी जश्न मनाते हैं। (Mark Kolbe/ गेटी इमेज द्वारा फोटो)

ओलंपिक खेलों का इतिहास नाटकीय, भावनात्मक और सुंदर क्षणों से भरा है। हर हफ्ते, हम आपको वीडियो के जरिए ओलंपिक में होने वाले सबसे अविश्वसनीय फाइनल दिखाएंगे। इस हफ्ते, हम 2016 की महिला हॉकी फाइनल पर नज़र डालते हैं।

विवरण

महिला हॉकी फाइनल, रियो 2016 ओलंपिक खेल
ओलंपिक हॉकी सेंटर, रियो, 19 अगस्त 2016
ग्रेट ब्रिटेन बनाम नीदरलैंड

बैकग्राउंड

इस तथ्य में कोई संदेह नहीं था कि रियो 2016 में हॉकी गोल्ड मेडल मैच में नीदरलैंड्स जीत के लिए पसंदीदा थे। न केवल वे मौजूदा विश्व चैंपियन और वैश्विक रैंकिंग में शीर्ष पर थे, लेकिन उन्होंने पिछले दो ओलंपिक टूर्नामेंट भी जीते थे । रियो में ओलंपिक में प्रवेश करने से पहले, वे पिछले ओलंपिक में 21 सीधे मैचों में नाबाद रहे थे। उन्होंने रियो में एक भी गेम नहीं गंवाया, कुल 22 गोल किए और केवल चार गोल खाए।

दूसरी ओर, ग्रेट ब्रिटेन ने कभी ओलंपिक महिला हॉकी स्वर्ण पदक नहीं जीता था। चार साल पहले, लंदन में अपने घरेलू ओलंपिक में, उन्होंने कांस्य पदक मैच में विजय प्राप्त की थी - जिसके परिणामस्वरूप देश को प्रेरणा मिली, जिससे ब्रिटेन में महिला हॉकी में 25% की वृद्धि हुई। अब, रियो में, वे महिला हॉकी में सबसे कठिन टीम का सामना कर रहे थे और असंभव को प्राप्त करने की उम्मीद कर रहे थे।

प्रमुख पल

मैच के पहले तीन-क्वार्टर्स में, नीदरलैंड ग्रेट ब्रिटेन पर पूरी तरह से हावी था। डच टीम ने अपने विरोधियों पर बहुत अधिक दबाव डाला था, हालांकि, ग्रेट ब्रिटेन की टीम ने सिर्फ एक गोल से पिछड़ते हुए (2-3) मैच के अंतिम क्वार्टर में प्रवेश किया था। उनके लिए, Maddie Hinch गोल करने वालों में से थी।

और फिर आगे जो हुआ उसने सभी को हैरान कर दिया।

जब केवल नौ मिनट बचे थे, ग्रेट ब्रिटेन ने खेल का तब पहला पेनल्टी कॉर्नर जीता। उस संदर्भ में, डच टीम ने खेल के दौरान 10 जीते थे। हालांकि पहले पेनल्टी कार्नर से गोल तो नहीं हुआ, लेकिन उसने ग्रेट ब्रिटेन को एक मिनट बाद अपना दूसरा पेनल्टी कॉर्नर जीतने में मदद की। उस समय, गेंद पेनल्टी बॉक्स के पास उछली और Nicola White ने बिना मौका छोड़े उससे नेट में डाल दिया।

खेल रोमांचक हो गया।

उस गोल के बाद, अगले आठ मिनट नाटक, उत्तेजना और घबराहट से भरे थे। हालांकि नीदरलैंड की टीम ने उन मिनटों में एक गोल करने की पूरी कोशिश की, लेकिन ग्रेट ब्रिटेन की टीम का डिफेंस इतना अच्छा था की ऐसा हो नहीं पाया। फिर जब रेफरी ने सीटी बजाई, तो यह स्पष्ट था कि मैच के विजेता का फैसला पेनल्टी के आधार पर किया जाएगा।

पेनल्टी शुरू होने से पहले, ग्रेट ब्रिटेन की गोलकीपर, Maddie Hinch ने एक छोटी सी पुस्तक, एक गुप्त पुस्तक खोली, जिसमें प्रत्येक विरोधी खिलाड़ी के बारे में जानकारी थी। उनका होमवर्क काम आया और उन्होंने 4 डच प्लेयर्स की पेनल्टी रोकी। बाद में, ग्रेट ब्रिटेन की Hollie Webb ने निर्णायक पेनल्टी स्कोर कि और अपनी टीम को ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीतने में मदद की।

परिणाम

रियो में ओलंपिक फाइनल में भाग लेने वाली ब्रिटेन की 16 खिलाड़ियों में से सात अब रिटायर हो चुकी हैं। हालांकि, ओलंपिक चैंपियंस ने टोक्यो 2020 के लिए अपने क्वालीफिकेशन अभियान के दौरान भी संघर्ष किया। चिली को हराने के बाद ही ग्रेट ब्रिटेन ने खेलों के लिए क्वालीफाई किया।

जीत की सबसे बड़ी कहानियों में से एक यह तथ्य था कि ग्रेट ब्रिटेन की कप्तान Kate Richardson-Walsh और उनकी पत्नी Helen अपने देश के लिए ओलंपिक स्वर्ण जीतने वाली पहली समान-विवाहित जोड़ी बन गई। रियो ओलंपिक के बाद, वे दोनों HC Bloemendaal के लिए खेलने के लिए नीदरलैंड चले गए। उन्होंने उस देश में अपने लिए एक घर बनाया था जिसके सपने उन्होंने रियो में कुछ महीने पहले ही तोड़े थे।

महिला हॉकी फाइनल, रियो 2016
52:00