अतीत को जाने : टोक्यो 1964 में जब Christine Caron ने हासिल किया था यह खास मुकाम

Christine Caron - Tokyo 1964

ओलंपिक खेल चैंपियन, रिकॉर्ड और कहानियों से भरे हुए हैं, लेकिन इसके अलावा, वे अजीब, मज़ेदार, भावनात्मक और दुखद क्षणों का एक अविश्वसनीय विश्वकोश भी हैं। हम आपके चेहरे पर एक मुस्कान लाने के लिए हर हफ्ते आपके लिए कुछ मनोरंजक कहानियां लाएंगे या यूं कहें कि, यह इतनी भावनात्मक हो सकती है कि, इन्हें सुनकर आपकी आंखों में आंसू भी आ सकते हैं। इस हफ्ते आप जानेंगे उन सबसे प्रसिद्ध ओलंपिक खिलाड़ियों के बारे में जिन्होंने टोक्यो 1964 के खेलों में अपने शानदार प्रदर्शन से पहचान बनाई। 

बैकग्राउंड

फ्रेंच बैकस्ट्रोक तैराक Christine 'Kiki' Caron ने अपने करियर में काफी पहले ही प्रसिद्धि हासिल कर ली थी, क्योंकि उन्होंने किशोरावस्था में ही फ्रांस और यूरोप में दौड़ जीतना और रिकॉर्ड तोड़ना शुरू कर दिया था।

"मैं वहां बहुत प्रसिद्ध थी। ऐसे भी दिन थे जब मैं सड़कों पर नहीं निकल सकती थी," उन्होंने ओलंपिक चैनल को बताया।

और जब वह 1964 में टोक्यो पहुंची - पहली बार एशियाई शहर में खेलों का मंचन किया गया था - Caron को भी यही सलाह मिली।

"जब मैं टोक्यो पहुंची, तो बहुत सारे पत्रकार थे। यहां टोक्यो में भी वैसा ही हुआ जैसा पेरिस में हुआ था।"

लेकिन एथलीट सिर्फ अपनी लोकप्रियता पर भरोसा नहीं कर सकता। आखिरकार, यह ओलंपिक खेल है - जहां केवल सर्वश्रेष्ठ ही सफलता पूर्वक अपना सिक्का जमा सकता है और सर्वश्रेष्ठ पदक हासिल कर सकता है।

Caron को यह साबित करने की जरूरत थी कि वह एक सच्ची ओलंपियन कहलाएं।

फ़ाइनल 

Caron ने इस खेल श्रंखला के लिए अपनी सारी ताकत लगा दी थी। उन्होंने खेलों से चार महीने पहले 100 मीटर बैकस्ट्रोक में विश्व रिकॉर्ड कायम किया। हालांकि, 100 मीटर बैकस्ट्रोक का मुकाबला दुनिया के सर्वश्रेष्ठ तैराकों द्वारा किया जाना था, जिसमें 16 वर्षीय Cathy Ferguson (USA) और Satoko Tanaka (Japan), शामिल थे, जिन्होंने 200 मीटर में विश्व रिकॉर्ड भी तोड़ा था और रोम में 1960 में 100 मीटर कांस्य पदक जीता था।

Tanaka ने Caron को खेलों में अपने मुख्य प्रतिद्वंद्वी के रूप में देखा और वह अपने देश के लिए पदक जीतने के लिए जी-जान लगा देने वाली थी।

"पूरा देश टोक्यो ओलंपिक खेलों को लेकर उत्साहित था। सभी को मुझसे बहुत उम्मीद थी," Tanaka ने इस बात को याद किया।

दूसरी तरफ, यूएसए की Ferguson - खेलों से पहले तीन साल तक हर दिन 45 मिनट के लिए अपने बैकस्ट्रोक को प्रशिक्षित कर रही थी - जो फ़ाइनल में उनके लिए एक निर्णायक पॉइंट हो सकता था।

जब फाइनल विहसिल (सीटी) बजी, तो आठ तैराक एक रोमांचक मुकाबले के लिए एक दूसरे को मात देने में जुट गए।

यह ओलंपिक इतिहास में सबसे निकटतम दौड़ में से एक थी: Tanaka स्प्रिंटिंग कर रही थीं, तीसरे क्वार्टर के दौरान, Caron लीड कर रही थीं जबकि Ferguson भी बहुत अच्छा कर रही थीं।

लेकिन Ferguson में हर किसी से आगे रहने का कौशल था।

"सभी आठ तैराकों में मैं केवल एक ही थीं जो दीवार को नहीं देख रही थी। मुझे पता था कि कब मुड़ना है और स्प्रिंटिंग करनी है क्योंकि यह केवल एक बार हो सकता है और आपको इसे जल्दी से करना होगा," Ferguson ने याद किया।

Ferguson ने सबसे कम अंतर से स्वर्ण जीता और 1: 07: 7 का समापन करके विश्व रिकॉर्ड तोड़ा, जबकि Caron ने रजत और Tanaka ने चौथा स्थान हासिल किया।

भले ही Caron दूसरे स्थान पर रहीं, लेकिन उन्हें इस उपलब्धि पर गर्व था क्योंकि फ्रांसीसी प्रतिनिधिमंडल ने टोक्यो 1964 खेलों में केवल दो पदक हासिल किए।2016 में Caron ने ले-मोंडे को बताया कि "पदक हासिल होना एक असाधारण उपलब्धि रही, अब इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि वह पदक कांस्य था या रजत।"

विश्लेषण

टोक्यो 1964 खेलों के बाद, Caron ने 1966 यूरोपीय एक्वेटिक्स चैंपियनशिप में 100 मीटर बैकस्ट्रोक में स्वर्ण पदक जीता। ओलंपिक खेलों मेक्सिको 1968 में उन्हें बाद में फ्रांस की ध्वजवाहक के रूप में नामित किया गया - वह ओलंपिक खेलों के उद्घाटन समारोह में अपने देश का झंडा लहराने वाली पहली यूरोपीय महिला बनी।

अपने करियर के दौरान, Caron ने 14 फ्रेंच नेशनल चैंपियनशिप जीतीं और 100 मीटर और 200 मीटर में बैकस्ट्रोक और बटरफ्लाई दोनों रिकॉर्ड स्थापित किए।

अपनी रिटायरमेंट के बाद, उन्होंने दो फ्रांसीसी फिल्मों में अभिनय किया और 1998 में उन्हें इंटरनेशनल स्विमिंग हॉल ऑफ फेम में भी शामिल किया गया।

2005 में उन्हें “Chevalier de la Legion of Honour” के ख़िताब से भी नवाज़ा गया।