चीनी नव वर्ष: ओलिंपिक खेलों पर चीन की सर्वश्रेष्ठ सफलताएं 

2008 बीजिंग ओलिंपिक खेलों के उद्घाटन समारोह के दौरान आतिशबाज़ी।
2008 बीजिंग ओलिंपिक खेलों के उद्घाटन समारोह के दौरान आतिशबाज़ी।

चीनी नव वर्ष के अवसर पर टोक्यो 2020 आपको बताएगा इस राष्ट्र के ओलिंपिक इतिहास के सबसे ऐतिहासिक क्षणों के बारे में बताएगा।

आज चीन में नव वर्ष का पहला दिन है और यह 'ईयर ऑफ़ द ऑक्स' है। चीनी सभ्यता में एक बैल मेहनत और संघर्ष का प्रतीक है और यह दोनों खूबियां खिलाड़ियों में भी होती हैं।

चीनी गणराज्य की स्थापना 1949 में हुई थी और उसी वर्ष से चीन ओलिंपिक और पैरालिम्पिक खेलों का भाग रहा है। टोक्यो 2020 आपको चीन के सबसे बेहतरीन और सफल ओलिंपिक क्षणों के बारे में बताएगा।

Xu Haifeng, Shooter and Coach passes the Olympic torch to Gao Min, diver during the final torch relay during the Opening Ceremony for the 2008 Beijing Summer Olympics at the National Stadium (Photo by Julian Finney/Getty Images)
Xu Haifeng, Shooter and Coach passes the Olympic torch to Gao Min, diver during the final torch relay during the Opening Ceremony for the 2008 Beijing Summer Olympics at the National Stadium (Photo by Julian Finney/Getty Images)
2008 Getty Images

ऐतिहासिक पहले पदक

चीन ने 1952 के हेलसिंकी खेलों में अपना ओलिंपिक सफर शुरू किया था लेकिन सफलता पाने में चीनी खिलाड़ियों को तीस से अधिक वर्ष लग गए। साल 1984 के लॉस एंजेलेस ओलिंपिक खेलों की निशानेबाज़ी प्रतियोगिता के पुरुष वर्ग की 50 मीटर पिस्टल प्रतिस्पर्धा में चीन के Xu Haifeng ने अपने अंतिम निशाने से स्वीडन के Ragnar Skanaker को हरा दिया।

यह ऐतिहासिक क्षण था क्योंकि उस दिन चीन ने अपना पहला ओलिंपिक स्वर्ण पदक जीता था। उस साल के अंत में Xu ने पदक चीनी राष्ट्रिय संग्रहालय को दान दे दिया।

Xu की जीत के कुछ दिनों बाद Wu Xiaoxuan चीन के इतिहास में ओलिंपिक स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली महिला बनी और उन्होंने यह सफलता 50 मी राइफल तीन पोजीशन प्रतियोगिता में हासिल करी।

लॉस एंजेलेस 1984 खेलों में मशहूर जिम्नास्ट Lou Yun के लिए जीत का एक सिलसिला शुरू हुआ और उन्होंने पुरुषों की वॉल्ट प्रतियोगिता में स्वर्ण जीता। चार साल बाद 1988 सोल ओलिंपिक खेलों में उन्होंने वही सफलता दोबारा हासिल करि और दूसरा लगातार स्वर्ण पदक जीत लिया।

चीन ने महिला वॉलीबॉल स्वर्ण जीता
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वुमेंस वॉलीबॉल में स्वर्ण जीतने के लिए चीन ने सर्बिया को हराया

प्रेरणादायक सफलता

चीन ने ओलिंपिक इतिहास में कई सफलताएं हासिल करि हैं लेकिन कुछ जीत ऐसी होती हैं जो पूरे राष्ट्र के लिए प्रेरणा स्रोत बन जाती है। ऐसी ही एक जीत चीन के लिए उनकी महिला वॉलीबॉल टीम ने हासिल करि थी।

साल 1984 लॉस एंजेलेस खेलों में चीन की महिला वॉलीबॉल टीम ने अमरीका को हरा कर ओलिंपिक स्वर्ण अपने नाम किया और दो विश्व चैंपियनशिप ख़िताब (1981 और 1982) जीतने के बाद यह उनका तीसरा बड़ा ख़िताब था।

उस वॉलीबॉल टीम के शक्ति और एकता भाव ने पूरे राष्ट्र को प्रेरित किया और यह सिर्फ खेल तक सीमित नहीं था। लॉस एंजेलेस खेलों के बाद चीन को महिला वॉलीबॉल स्वर्ण 20 साल बाद 2004 एथेंस खेलों में मिला और दो दशक तक चीनी टीम को संघर्ष करना पड़ा।

एथेंस ओलिंपिक खेलों के 12 साल बाद 2016 रियो खेलों में चीन की महिला वॉलीबॉल ने फिर से स्वर्ण पदक अपने नाम किया। चीन की उस टीम में Zhu Ting और Hui Ruoqi जैसे बेहतरीन खिलाड़ी थे और उन्होंने ब्राज़ील को क्वार्टरफाइनल में परास्त करने के बाद फाइनल में प्रबल दावेदार सर्बीया को 3-1 से हरा कर स्वर्ण पदक जीता।

चीन के लिए 2004 सबसे यादगार ओलिंपिक वर्षों में से एक है क्योंकि एथेंस में आयोजित खेलों में 21 वर्षीय Liu Xiang ने पुरुषों के 110 मीटर हर्डल प्रतियोगिता को जीत कर इतिहास रच दिया। Liu ने चीन की पहली स्प्रिंट पदक जीत के दौरान 12.91 सेकंड में इस रेस को दौड़ कर 1993 में ब्रिटेन के Collin Jackson के विश्व रिकॉर्ड को ध्वस्त कर दिया।

एथेंस 2004 में हर्डलर लियू ज़ियांग का ऐतिहासिक स्वर्ण प्रदर्शन
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चीनी हर्डलर लियू ज़ियांग का भावनात्मक ओलंपिक अतीत है, लेकिन 2004 में हुए एथेंस ओलंपिक में उनके नाम एक ऐतिहासिक स्वर्ण पदक भी है।

देखिए: ओलंपिक टेबल टेनिस में चीन के प्रत्येक गोल्ड मेडल प्वाइंट -2008 - 2016
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चीनी खिलाड़ियों ने टेबल टेनिस में अपना वर्चस्व तब से ही बना रखा है जब इसे पहली बार 1988 में आधिकारिक पदक स्पोर्ट्स बनाया गया था। रियो 2016 तक चीन ने 32 स्वर्ण पदक में से 28 अपने नाम किए हैं। 1996 से लेकर अब तक चीन ने बस एक बार स्वर्ण पदक चूका है - जो एथेंस 2004 में मेंस सिंगल्स इवेंट में हुआ था। बीजिंग 2008 में मेंस और वुमेंस डबल्स की जगह एक नए टीम इवेंट को जोड़ा गया। इस वीडियो में आप बीजिंग से लेकर रियो तक के एक बार फिर उन सभी स्वर्ण पदक प्वाइंट्स को देख सकते हैं।

टोक्यो 2020 ओलिंपिक खेलों पर सबकी नज़रें

उत्तर चीन में बैल को 'नियु' बोला जाता है और इस शब्द का मतलब बेहतरीन या शानदार होता है और टोक्यो 2020 खेलों में भाग लेने वाले सारे खिलाड़ी 'नियु' की तरह प्रदर्शन दिखाने की उम्मीद करेंगे।

टेबल टेनिस और बैडमिंटन प्रतियोगिताओं में स्वर्ण जीतने की चीनी टीम प्रबल दावेदार होंगी। टोक्यो 2020 खेलों के लिए चीन की टेबल टेनिस टीम का चयन अभी तक नहीं हुआ है लेकिन Chen Meng, Ma Long, Fan Zhendong और Sun Yingsha से शानदार प्रदर्शन की अपेक्षा की जा रही है।

बैडमिंटन की बात करें तो पुरुष सिंगल्स वर्ग में 2016 रियो खेलों के स्वर्ण विजेता Chen Long दूसरा स्वर्ण जीतने का प्रयास करेंगे और मिक्स्ड डबल्स वर्ग की बात करें तो विश्व नंबर एक जोड़ी Huang Yaqiong और Zheng Siwei अपना पहला स्वर्ण जीतने के लिए उत्सुक होगी।

मिक्स डबल्स स्टार्स झेंग-हुआंग: टॉप पोजिशन को बचाना कितना मुश्किल होता है
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चीन के झेंग सिवेई और हुआंग यिकियॉन्ग पिछले दो वर्षों से दुनिया की शीर्ष रैंकिंग वाली मिक्स्ड डबल्स जोड़ी रही हैं: उन्होंने माना कि, "शीर्ष स्थान को बनाए रखना कठिन है।" टोक्यो में सफलता के लिए उनकी रणनीति? "जब तक आप लगातार अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो अच्छे परिणाम स्वाभाविक रूप से आएंगे।"

चीन की तैराकी टीम से भी टोक्यो 2020 ओलिंपिक खेलों में शानदार प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है और पिछले वर्ष आयोजित हुई चीनी तैराकी चैंपियनशिप में Xu Jiayu, Yan Zibei, Zhang Yufei और Yang ने 3:38.41 के समय में 4x100 मीटर रीले मेडले को पूरा किया अमरीका के विश्व रिकॉर्ड को ध्वस्त कर दिया।

जहाँ एक तरफ चीन की निगाहें तैराकों पर टिकी होंगी, वहीँ दूसरी तरफ डाइविंग एक ऐसी प्रतियोगिता है जिसमे चीनी खिलाड़ियों का स्वर्ण जीतना लगभग तय है। ओलिंपिक स्वर्ण विजेता Shi Tingmao और Chen Aisen दोबारा सफलता पाने के प्रबल दावेदार हैं और 15 वर्षीय Chen Yuxi और 19 वर्षीय Wang Zongyuan जैसी युवा प्रतिभाएं भी विश्व को चकित कर सकते हैं।

चीन के लिए ओलिंपिक खेलों में हिस्सा लेने वाले यह बस कुछ ही खिलाड़ी हैं और नव वर्ष में इन सब के साथ बाकी खिलाड़ी भी 'नियु' प्रदर्शन दिखाने का प्रयास करेंगे।